सड़क मरम्मत की मांग को लेकर धरने में बैठे कांग्रसी पार्षद को भाजपा पार्षद के समर्थन ने सरायपाली के राजनीतिक गलियारे में तूफान ला दिया

किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुंद

महासमुंद- राजनीति में सब कुछ जायज होता है और कब कौन कहां किसके साथ चला जाए यहां निश्चित नहीं होता और जब इस तरह के हालात निर्मित होते हैं तब आम जनता भी सोच में पड़ जाती है कि किसका साथ दें और किसका साथ ना दे लेकिन जनहित के मुद्दों पर जहां वैचारिक रूप से अलग-अलग दलों से तालुकात रखने वाले एक साथ मिल जाए तो यह काफी अच्छा संकेत भी माना जाता है ऐसा ही एक वाक्या महासमुंद जिले के सरायपाली में उस वक्त निर्मित हो गया जब सरायपाली शहर की जर्जर सड़क को जल्दी निर्माण कराने की मांग को लेकर कांग्रेसी पार्षद और नगर पालिका के सभापति भूख हड़ताल पर बैठ गए लेकिन पार्षद का भूख हड़ताल पर बैठना लोगों के लिए अचरज का विषय नहीं था बल्कि लोग उस वक्त सोच में पड़ गए जब कांग्रेसी पार्षद के समर्थन में एक भाजपा पार्षद धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन देने लगे जाहिर सी बात है मुद्दा जनहित से जुड़ा हुआ था और समर्थन देने वाले भाजपा पार्षद ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कांग्रेसी पार्षद के द्वारा की जा रही मांग का समर्थन किया लेकिन काग्रेस और भाजपा के दोनों पार्षदों के एक मंच पर आ जाने के बाद अब सरायपाली में राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गयी है. दरअसल बात यह है कि नगरपालिका के सभापति और कांग्रेसी पार्षद व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे थे लेकिन विडंबना है कि कांग्रेसी पार्षद कौन ना तो कांग्रेस पार्टी का समर्थन मिला और ना ही अन्य किसी का..। हम आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों कांग्रेस की सत्ता है ऐसे में यदि व्यवस्था के खिलाफ कोई कांग्रेसी नेता ही धरना प्रदर्शन पर आ जाए तब जाहिर सी बात है आम जनमानस में यह चर्चा का विषय स्वतः ही बन जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *