वरिष्ठ पत्रकार चंद्र शेखर शर्मा की बात बेबाक, तलवे चाटकर नहीं चमके, मेहनत वाली बात है ,

बात बेबाक
चंद्र शेखर शर्मा (पत्रकार) 9425522015
तलवे चाटकर नहीं चमके, मेहनत वाली बात है
जलने वाले जलते रहें, चाहने वाले साथ हैं ।
विधायकी के ख्वाब के पीछे भागती भावना इन दिनों राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है । उनकी तैयारियों से पंडरिया विधायक व विधायकी के दावेदारों में हड़कंप मचा हुआ है । जिले की राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की कवायद में अपने धनबल व मैनेजमेंट के जरिये राजनैतिक जमीन पक्की करने में जुटी भाजपा नेत्री भावना बोहरा ने अपने जिला पंचायत क्षेत्र की जनता को कोरोना काल मे निशुल्क एम्बुलेंस की सेवा के बाद अपने क्षेत्र की बच्चियों की उच्च शिक्षा में बाधा बन रही आवागमन की दिक्कतों के लिए निशुल्क बस सेवा प्रारंभ कर दिखावे की जन सेवा कर बड़ा प्रचार कर राजनीति की दुकानदारी चमकाने वाले नेताओं को आइना दिखाया है । हांलाकि भावना ट्रस्ट के नाम पर निजी कार्यक्रम के बहाने राजनैतिक हित साधने में लगी भावना के कार्यक्रम में जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष की गायब फ़ोटो और संगठन से दूर एकला चलो की राजनीति जरूर चर्चा का विषय है ।
राजनैतिक महत्वाकांक्षाओ के भावना में बहती भावना को चाटुकार की टीम से बच कर रहना होगा वरना चमचे ,चाटुकारों व मतलब परस्त लोग की भीड़ वैसे ही धोखा देगी जैसे सत्ता परिवर्तन के बाद बाबा और हाउस के आसपास से गधे के सींग सरीखे गायब हो चले। बहरहाल एम्बुलेंस के बाद कालेज की बच्चियों के लिए निशुल्क बस सेवा के संचालन ने काम कौड़ी का कर बैनर पोष्टर के सहारे समाज सेवा का ढिंढोरा पीट सालों से राजनीति की मालाई चाट रहे नेताओ को आईना भी दिखा जनसेवा की राह दिखा रही ।
राजनीति मे आरक्षण के चलते  महिलाएॅ भले ही कुर्सियों पर बैठ पहुॅच गई है, परन्तु राज आज भी उन कुर्सियों पर पति या पुत्र रूपी पुरूष का ही एकाधिकार रहता है हालात यह है कि पंचायतो में तो सरपंच पति को आज कल एस पी कहा जाने लगा है जिला जनपदों में प्रतिनिधि के रूप में चिपके पड़े है । महिला अधिकारों और कंधे से कंधे मिलाकर काम करने नारो वादों के बीच आज भी राजनीति मे गिनी चुनी ही महिलाये अपनी स्वतंत्र पहचान बना पायी है । जिनमे देवकुमारी चंद्रवंशी , मधु तिवारी , भावना , शेख अनवरी , सुशीला ध्रुवे प्रमुख है । वरना तो राजनीति में पहचान और नाम के लिए पति के नाम का पुछल्ला महिला नेत्रियों की पहचान बन रहा है विडम्बना है कि राजनीति में कदम रखे सालों गुजर रहे किंतु पुछल्ला नामक बीमारी से पंडरिया विधायक ममता मनोज चंद्राकर , जिला पंचायत अध्यक्ष सुशीला रामकुमार भट्ट ,जनपद अध्यक्ष इंद्राणी दिनेश चंद्रवंशी तक नही बच पाई है । अधिकांश महिला नेत्रियों को राजनैतिक पहचान के लिए आज भी अपने नाम के साथ पति के नाम का पुछल्ला अपनी पहचान बताने लगाना ही पडता है । ऐसे में राजनीति को देवकुमारी चंद्रवंशी , मधु तिवारी , भावना , शेख अनवरी , सुशीला ध्रुवे जैसी नेत्रियों की जरूरत है जो स्वतंत्र हो कर काम करे ।
और अंत में :-
मर्दाना कमजोरी के इलाज पर ,
रंगी हुई है शहरों की दीवारें,
और लोग कहते हैं ,
कि “औरतें कमज़ोर” हैं ।
#जय_हो 26 दिसम्बर 2021 कवर्धा (छत्तीसगढ़)

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