कर्ज लेने पर ही मिलेगा किसानों को खाद, सरकार का तुगलकी फरमान- अमित जोगी

रायपुर/बिलासपुर/गौरेला, पेंड्रा,मरवाही/छत्तीसगढ़,  27 जून 2021। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार ने तुगलकी फरमान जारी किया है जिसमें गौरेला- पेंड्रा मरवाही जिले के किसानों को क्रेडिट कार्ड बनाकर सहकारी समितियों से कर्ज लेने पर ही किसानों को खाद मिल सकेगा और जो किसान कर्ज नहीं लेगा उसे नगद राशि में खाद नहीं मिलेगा ऐसा करके सरकार जानबूझकर के किसानों को कर्जदार बनाना चाहती है और मुसीबत में डालना चाहती है। यहां तक जिन किसानों ने राष्ट्रीय कृत बैंकों से कर्ज लिया है पहले उन्हें कर्ज चुकाना पड़ेगा उसके बाद ही उन्हें खाद मिल सकेगा नहीं तो उन्हें नगद राशि मे खाद नहीं दिया जाएगा। सरकार की इस तुगलकी फरमान से किसानों को खरीफ सीजन में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब तो आलम यह भी है कि गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में 3 सप्ताह से डीएपी और यूरिया खाद खत्म हो चुका है जिसके बाद किसानों ने खाद की भरपूर स्टॉक नहीं रखने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है । ऐसी स्थिति में आज किसान राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय अजेय विधायक स्व अजीत जोगी जी को याद कर रहे हैं जब उन्होंने अपने शासनकाल में ऐसे तुगलकी फरमान को निष्प्रभावी करते हुए किसानों को नगद में खाद खरीदी करने का स्वतंत्र अधिकार दिला रखा था।

अमित जोगी ने कहा प्रथम मुख्यमंत्री एवं मरवाही के कमिया स्व. अजीत जोगी जी ने क्षेत्र के किसानों के हित में इतना बड़ा काम किया था कि उन्होंने अपने प्रभाव से डॉ. रमन सिंह सरकार का आदेश क्षेत्र में निष्प्रभावी करके रखा था जिसके कारण गौरेला पेण्ड्रा मरवाही क्षेत्र के किसानों को सहकारी समितियों से नगद राशि और क्रेडिट कार्ड दोनों ही माध्यम से खाद मिलता था लेकिन स्व. जोगी जी के निधन के बाद भूपेश बघेल जी की सरकार ने डॉ. रमन सरकार के आदेश को लागू करके समितियों से खाद की नगद बिक्री पर पूर्णतया रोक लगा दिया जिसके कारण पूरे जिले के किसान परेशान हैं।

अमित जोगी ने कहा सरकार को किसानों के पक्ष में यह नीति बनानी चाहिए कि जो किसान नगद में खाद ले उसे नगद में दें, जो किसान क्रेडिट कार्ड के कर्ज से ले, उसे कर्ज में दें लेकिन किसानों को हर हाल में खाद दिया जाए। सरकार चाहे तो नगदी में खाद देने के लिए किसान से ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड की छायाप्रति जमा करा ले जिससे कि जरुरत पड़ने पर सत्यापन हो सके कि खाद किसान ने ही खरीदा है लेकिन हर हाल में किसानों को खाद मिलना चाहिए।

 

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