आदिवासी नर्सिंग छात्राएं भटक रही नौकरी के लिए : माकपा की मांग पर मुख्यमंत्री सकारात्मक, सीबीए दल को सारकेगुड़ा जाने की भी दी अनुमति

 

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने यूरोपीयन कमीशन के ईसीएसपीपी प्रोजेक्ट के तहत प्रक्षिक्षण पूर्ण कर चुकी बस्तर-सरगुजा संभाग के आदिवासी छात्राओं को स्टॉफ नर्स के रूप में नियुक्त करने की मांग की है। इस संबंध में पार्टी ने कल एक ज्ञापन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दस्तावेजों के साथ सौंपा। माकपा की इस मांग पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया जाहिर की है।

इस संबंध में माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने बताया कि प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बस्तर-सरगुजा क्षेत्र की आदिवासी छात्राओं को प्रशिक्षित करने का प्रोजेक्ट यूरोपीयन कमीशन ने बनाया था और इन प्रशिक्षित छात्राओं को स्टॉफ नर्स के रूप में नौकरी देने की कमीशन की शर्त के प्रति पूर्व भाजपा सरकार ने अपनी वचनबद्धता जाहिर की थी। इस प्रोजेक्ट के तहत 100 छात्राओं के पहले बैच को प्रदेश के विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों में दिसंबर 2016 में दाखिला दिया गया था, जिन्होंने वर्ष 2019 में अपना प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया है। इन छात्राओं को प्रशिक्षित करने के लिए यूरोपीयन कमीशन ने तीन करोड़ रुपयों की अग्रिम राशि भी तत्कालीन भाजपा सरकार को सौंप दी थी।

माकपा नेता ने बताया कि ये सभी छात्राएं गरीब परिवारों से संबंध रखती थी और आधी छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति न मिलने के कारण प्रशिक्षण छोड़ना पड़ा। भाजपा सरकार द्वारा फंड में गड़बड़ी करने के कारण यूरोपीयन कमीशन ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने से बाद में हाथ भी खींच लिया। दो वर्ष पहले 25 जून 2019 को अपनी बकाया छात्रवृत्ति और स्टॉफ नर्स की नियुक्ति पाने के लिए रायपुर में आकर सड़क पर रेंगते हुए इन छात्राओं ने प्रदर्शन भी किया था। प्रशिक्षण प्राप्त ये 50 छात्राएं नौकरी के लिए अभी भी पिछले दो वर्षों से भटक रही है, जबकि इन्हें नौकरी देने का राज्य सरकार ने यूरोपीयन कमीशन को वचन दिया है। उन्होंने बताया कि इन तथ्यों और दस्तावेजों के साथ कल मुख्यमंत्री को माकपा की ओर से ज्ञापन सौंपा गया है, जिस पर उन्होंने अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया जाहिर की है।

माकपा नेता ने पुलिस कैम्प का विरोध कर रहे सिलगेर के आदिवासियों के समर्थन में 28 जून को सारकेगुड़ा में आयोजित जनसभा मे छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल को शामिल होने की अनुमति देने और प्रशासन को उनकी यात्रा में बाधा न पहुंचाने का निर्देश देने का भी अनुरोध मुख्यमंत्री से किया। मुख्यमंत्री ने सीबीए के दल को सारकेगुड़ा जाने की अनुमति दे दी है। जन आंदोलनों से जुड़े जन संगठनों को सारकेगुड़ा जाने देने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा अनुमति दिए जाने पर माकपा और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने उनका आभार व्यक्त किया है।

 

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