जीएसटी चोरी, फर्जी कंपनी बनाकर कागजो में कोयला बेचने वाले दो व्यपारी गिरफ्तार जेल गए

वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) इंटेलीजेंस महानिदेशालय, छत्तीसगढ़ राज्य ने कोयले के ऊपर लिए जाने वाले फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट रैकेट के खिलाफ चल रही एक जांच में दिनांक 20-11-2020 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया | दरअसल उक्त रैकेट को रायगढ़ के राकेश शर्मा और उनके सलाहकार साथी  नरेश इशरानी द्वारा बनाई गई कई फर्जी फर्मों की एक श्रृंखला के माध्यम से अंजाम दिया गया जहाँ सिर्फ कागजों पर कोयले का व्यवसाय किया गया जिसमें करीब 230 करोड़ की राशि के के केवल फर्जी बिल जारी किये गए जिसमें लगभग 38 करोड़ रूपए का GST शामिल है |
जांच के दौरान यह पाया गया कि श्री राकेश शर्मा ने 3 फर्जी फर्मों का निर्माण किया है और श्री नरेश ईसरानी ने 15 से अधिक कंपनियों का निर्माण किया है।
GST इंटेलिजेंस, रायपुर के अधिकारियों द्वारा आज उक्त दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर रायपुर न्यायलय में पेश किया गया जहाँ से दोनों को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया |
गौरतलब है कि इस मामले में अभी तक लगभग 9 करोड़ रूपए GST की वसूली की जा चुकी है | इसके अलावा, अधिकारियों ने उक्त रैकेट के माध्यम से पारित किये गए लगभग 16 करोड़ रुपये के फर्जी ITC क्रेडिट को रिवर्स कराकर शासन को संभावित कर हानि से बचा लिया है | इस सिलसिले में सारी फर्मों द्वरा पारित किये गए फर्जी ITC क्रेडिट को ब्लॉक करना भी प्रारंभ किया जा चुका है |
जांच के दौरान ही दोनों अभियुक्तों ने कबूलनामा कर शेष कर राशि का भुगतान जल्द से जल्द करने के लिए वचन दिया है।
यह उल्लेखनीय है कि भारत सरकार, राजस्व विभाग, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस द्वारा देश भर में चल रहे फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के रैकेट पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है । जीएसटी इंटेलिजेन्स की जोनल इकाई के छत्तीसगढ़ में २०१७ में स्थापना के बाद अब तक लगभग २५० करोड़ के ऐसे ही फर्जी ITC रैकेट का भंडाफोड़ किया जा चुका है और पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है और लगभग १०० करोड़ की कर वसूली भी की जा चुकी है |
कैसे हुआ घोटाला : श्री राकेश शर्मा और श्री नरेश इशरानी की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पहले 15 फर्मों को खोला गया | इन बोगस फर्मों से करीब 230 करोड़ की राशि के फर्जी बिल जारी कर श्री राकेश शर्मा की ही तीन फर्मों (मेसर्स श्री मंगलम, मेसर्स श्री साईं मंगलम एवं मेसर्स श्री मंगल ) को महज कागजों पर कोयला बेचा जाना दिखाया गया | उक्त फर्जी बिलों के आधार पर श्री राकेश शर्मा की कथित फर्मों के द्वारा गलत तरीके से लगभग 38 करोड़ रूपए इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया गया एवं उसको आगे पारित भी किया गया | इस प्रकार बनाई गई फर्जी फर्मों की श्रृंखला के माध्यम से इस घोटाले को अंजाम दिया गया शासन को राजस्व की हानि पहुंचाई |

किसी भी रूपमें शासन को कर हानि पहुंचाने वाले घोटालेबाजों को बक्शा नहीं जाएगा एवं उनके खिलाफ आने वाले दिनों में और भी सख्त मुहिम चलाई जाएगी |
-अजय कुमार पाण्डेय, अतिरिक्त महानिदेशक, GST इंटेलिजेंस रायपुर जोनल इकाई
हमने बीते दो वर्षों में लगभग २५० करोड़ के फर्जी ITC घोटालों को उजागर किया जिसमें लगभग 100 करोड़ रूपए की कर वसूली भी की जा चुकी है | हमें उम्मीद है की आगे भी हम ज्यादा से ज्यादा ऐसे घोटालों को उजागर कर शासन को कर हानि होने से बचाएंगे |
—— नेम सिंह, संयुक्त निदेशक, GST इंटेलिजेंस रायपुर जोनल इकाई
हमारे पास फर्जी ITC घोटालों से जुड़े कई और भी इनपुट्स हैं कि जिनके तार छत्तीसगढ़ के पडोसी राज्यों से भी जुड़े हुए हैं जिस पर आने वाले दिनों में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी |
——श्री टिकेन्द्र कुमार कृपाल, उप निदेशक, GST इंटेलिजेंस रायपुर जोनल इकाई

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