Russia-Ukraine War पर UNGA की आपात बैठक, गुतारेस बोले- परमाणु युद्ध की कल्पना भी नहीं की जा सकती

नईदिल्ली (IMNB)। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार जारी है। हालांकि दोनों देशों के बीच आज बातचीत की कोशिश जरूर की गई। लेकिन हालात अब भी सामान्य नहीं हुए हैं और कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। इन सब के बीच आज संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक आपात एवं विशेष सत्र को बुलाया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने रूस और यूक्रेन के बीच के वर्तमान के घटनाक्रम पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि रूसी परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखा जाना रोंगटे खड़े कर देने वाला घटनाक्रम है और परमाणु युद्ध की कल्पना मात्र भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता महत्वपूर्ण है, यह कोई समाधान नहीं है, एकमात्र समाधान शांति के माध्यम से है… मैंने यूक्रेन के राष्ट्रपति को आश्वासन दिया है कि संयुक्त राष्ट्र सहायता करना जारी रखेगा, उन्हें नहीं छोड़ेगा। गुतारेस ने कहा कि यूक्रेन में लड़ाई अवश्य रूकनी चाहिए। यह पूरे देश में जारी है।
इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। इस घटनाक्रम ने यूक्रेन संकट के परमाणु युद्ध की ओर बढ़ सकने का अंदेशा और चिंता बढ़ा दिया है। गुतारेस ने कहा, ‘‘हम यू्क्रेन के लिए त्रासदी का सामना कर रहे हैं। साथ ही, हम सभी पर पड़ने वाले संभावित विनाशकारी प्रभाव के साथ एक बड़े क्षेत्रीय संकट का भी सामना कर रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘परमाणु युद्ध की कल्पना भी नहीं की जा सकती। परमाणु आयुध के इस्तेमाल को किसी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता।’’ गुतारेस ने कहा कि बढ़ती हिंसा से बच्चों सहित आम आदमी की हो रही मौतेंबिल्कुल ही अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बस अब बहुत हो गया। सैनिकोंको बैरक में लौटने की जरूरत है। नेताओं को शांति कायम करने की जरूरत है। आम आदमी की अवश्य रक्षा की जाए। ’’ गुतारेस ने कहा कि यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता ओर क्षेत्रीय अखंडता का अवश्य सम्मान किया जाए।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की इमरजेंसी बैठक में यूक्रेन के प्रतिनिधि ने कहा कि आज तक, यूक्रेन की ओर से 16 बच्चों सहित 352 लोगों की मृत्यु हुई हैं। मृत्य का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। गोलाबारी अभी भी जारी है। रूसी सैनिक पीड़ित हैं, पहले ही हजारों जनशक्ति खो चुके हैं। यूक्रेन के खिलाफ इस हमले को रोकें। हम रूस से बिना शर्त अपनी सेना वापस लेने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के पूर्ण अनुपालन की मांग करने की मांग करते हैं। रूस प्रतिनिधि ने कहा कि यूक्रेन और जॉर्जिया द्वारा नाटो में शामिल होने के लिए कार्य योजनाएँ बनाई जा रही थीं। उनकी (अमेरिका) नीति रूस विरोधी यूक्रेन बनाने और यह सुनिश्चित करने की थी कि वह नाटो में शामिल हो जाए। नाटो में शामिल होने वाला यूक्रेन एक लाल रेखा है, हमें प्रतिक्रिया में उपाय अपनाने के लिए मजबूर करता है; हमें इस संघर्ष के कगार पर खड़ा कर दिया है। रूसी संघ ने इन शत्रुताओं को शुरू नहीं किया। वे यूक्रेन के निवासियों, असंतुष्टों द्वारा फैलाए गए थे। रूस इस युद्ध को समाप्त करना चाहता हैं।
यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि ने कहा कि यूरोपीय संघ वित्तीय, मानवीय सहायता सहित यूक्रेन के साथ खड़ा रहेगा। रूस ने शांति से मुंह मोड़ लिया है। हम रूस से यूक्रेन में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को जोखिम में डालने वाली किसी भी कार्रवाई से बचने और तनाव कम करने का आह्वान करते हैं। रूस को अपना ऑपरेशन बंद करना चाहिए और अपनी सेना वापस लेनी चाहिए। हम रूस से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।

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