गुड फ्राइडे, मसीही जन उपवास पर रहे,चार दर्जन चर्च में ऑनलाइन प्रभु की वेदना का वर्णन सात वचन मानवता प्रेम क्षमा का संदेश दिया

रायपुर। प्रभु यीशु मसीह का बलिदान दिवस गुड-फ्राइडे शुक्रवार को संजीदगी से मनाया गया। मसीहीजन उपवास पर रहे।
। कोरोना की वजह से प्रभु यीशु की वेदना का गिरजाघरों में सामूहिक स्मरण नहीं हो सका।
राजधानी में सेंट पॉल्स कैथेड्रल व बैरनबाजार में सेंट जोसफ महागिरजाघरों समेत चार दर्जन चर्चों में आज ऑनलाइन वर्शिप की गई। छत्तीसगढ़ डायसिस के बिशप रॉबर्ट अली ने लोगों गुड फ्राइडे का महत्व बताया। उन्होंने प्रभ यीशु के जन्म के अभिप्राय से लेकर मृत्यु तक के प्रसंगों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि प्रभु द्वारा क्रूस पर कहे सात वचन उनके सम्पूर्ण चरित्र, व्यक्तित्व और मानव के प्रति प्रेम को प्रकट करते हैं। उन्होंने इसमें धर्म और इंसानियत का महत्व समझाया है। इसलिए मसीही जीवन का मूलमंत्र भी ये सात वचन हैं। सात पहाड़ी उपदेश के जरिए आध्यात्मिक जीवन की प्रभु ने शुरुआत की, और क्रूस पर सात वजन कहकर समाप्त की। कलवारी के क्रूस का आत्मिक जीवन से घनिष्ठ संबंध है।  प्रभु ने जैसा कहा वैसा ही जीवन में किया। बिशप ने रोमी शासन में दी जाने वाली क्रूस की सजा को सबसे घृणित और कष्टदायक सजा बताया। बिशप ने लोगों को बुरी आदतें और पापी जीवन छोड़कर प्रभु की ओर फिरने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ डायोसिस के प्रवक्ता जॉन राजेश पॉल ने बताया कि
एक से सात वाणी पर पादरी अजय मार्टिन, पादरी शमशेर सैमुअल, पादरी सुनील कुमार, पादरी असीम विक्रम, सेवक अब्राहम दास और बिशप अली उपदेश दिया। पादरी मार्टिन ने आराधना में अगुवाई की। प्रार्थना डिकन मार्कस केजू, इस्माइल मसीह, एम आर पत्र आदि ने की।
सेंट जोसफ महागिरजाघर में आर्च बिशप विक्टर हैनरी ठाकुर ने गुड फ्राइडे की आराधना संपन्न कराई। विकार जनरल फादर सेबेस्टियन, फादर जोस अादि भी आराधना में शरीक हुए।  इससे पहले चर्च कैंपस में क्रूस की प्रतिकात्मक यात्रा निकली। कोरोना की वजह से चर्चों व कब्रस्थानों में मसीहीजनों का प्रवेश प्रतिबंध है। घरों से ईस्टर की आराधनाएं सुबह 9 बजे ऑनलाइन अटेन कर सकेंगे।
इन सात वाणियों पर मनन –
1. हे पिता, इन्हें क्षमाकर क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या करते हैं..
2. आज ही, तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा…
3. हे नारी, देख ये तेरा पुत्र। (शिष्य से) देख, ये तेरी माता।
4.हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर तूने मुझे क्यों छोड़ दिया…
5. मैं प्यासा हूं..
6. पूरा हुआ …
7. हे पिता, मैं अपना आत्मा आपके हाथ सौंपता हूं…

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