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ब्राह्मण अंतर्राष्ट्रीय ,सुरेश्वर महादेव पीठ रायपुर का पंडाल महाकुंभ में देश विदेश से आए ब्राम्हणों का बना केंद्र

प्रयागराज महाकुंभ 2025 श्री सुरेश्वर महादेव पीठ एवं ब्राह्मण अंतरराष्ट्रीय संगठन ट्रस्ट के द्वारा कैंप लगाया गया है जहां पर प्रथम संगम तट पर स्थान करने के लिए सभी भक्त लोग जाया करते हैं प्रातः कालीन 5:30 बजे इसके पश्चात कैंप में डॉक्टर स्वामी राजेश्वरानंद एवं जगतगुरु स्वामी रिशिपाल आनंद जी के नेतृत्व में श्री गणेश जी अंबिका जी षोडश मातृका कलश देवता नवग्रह सप्त घृत मातृका64 योगिनी क्षेत्रपाल सर्वतो भद्र मंडल एक लिंगतो भद्र मंडल भवानी शंकर और लक्ष्मी नारायण की पूजा करने के पश्चात गंगा माता यमुना माता सरस्वती माता प्रयागराज की पूजा की जाती है ।साथ ही हवन कराया जाता है दिनांक 9 फरवरी से शिव महापुराण का आयोजनकिया अध्यक्ष डॉक्टर सुरेश चंद्र कौशिक एवं ऋषि दयानंद जी शर्मा के नेतृत्व में पूजन अर्चन होता है आचार्य के सी पांडे के एवं आचार्य सतीश पांडे जी के द्वारा सभी भक्तों को भोजन प्रसाद कराया जाता है कैंप में आठ हलवाई और तीन महिलाओं के द्वारा भोजन व्यवस्था पूर्ण होती है जिसमें प्रमुख रूप से पवन कुमार नीरज कुमार पूर्ण सहयोग कर रहे हैं यहां पर प्रतिदिन 300 भक्तों का प्रसाद बनता है एवं संध्याकालीन भी 300 भक्तों का प्रसाद वितरण होता है नेपाल से आए हुए गर्गाचार्य संहिता शास्त्री श्री अर्जुन प्रसाद वासतोला जी जो की पशुपतिनाथ के ट्रस्टी भी है ।उनके द्वारा भक्तों की समस्या का निवारण रुद्राक्ष के द्वारा किया जाता है अभी तक श्री सुरेश्वर महादेव पीठ के कैंप में छत्तीसगढ़ से अनुमानित 5000 भक्तों का आगमन हुआ है साथ ही अन्य प्रदेश से भी लगभग 8000 भक्त आ चुके हैं छत्तीसगढ़ से संत महासभा प्रदेश अध्यक्ष डॉ स्वामी राजेश्वरानंद जी का कहना है कि हम बड़े सौभाग्यशाली हैं जो हमें ऐसा पुण्य कर्म करने को प्राप्त हुआ क्योंकि यह कर्म करने के लिए144 वर्षों के बाद आएगा उत्तर प्रदेश की सरकार माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी के द्वारा बहुत सुंदर व्यवस्था की गई है जिसमें हर घाट पर शौचालय एवं कपड़े बदलने की व्यवस्था साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है शासन प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग रहा यह हमारे देश के लिए गौरांवित होने की बात है छत्तीसगढ़ का मंडप के साथ-साथ यह स्थान जो कि श्री सुरेश्वर महादेव पीठ के द्वारा लगाया गया जिसमें संतों की भी आगमन होता रहा है

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