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बिहान योजना से मिली नई उड़ान: ग्राम सारागांव की उत्तरा ध्रुव बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल

*स्व-रोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम*

रायपुर, 09 जुलाई 2025/ श्रीमती उत्तरा ध्रुव ने अपनी लगन और मेहनत के बल पर अपने आगे बढ़ने के लिए मार्ग तलाश ली है। उनकी उत्साह और मेहनत से उसे एक नया मुकाम हासिल हुई है। वह अपनी लगन से विविध कार्यो का सम्पादन का अतिरिक्त आमदनी का स्त्रोत बना ली है और आत्मनिर्भर हो स्वावलंबी जीवन बिता रही है। ग्राम चौक स्थित अपनी दुकान में उन्होंने कंप्यूटर व प्रिंटर की सुविधा भी शुरू की है, जिससे ग्रामीणों को दस्तावेजों की प्रिंटिंग सेवा मिल रही है और उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो रही है। उतरा अब अपने परिवार के लोगों पर आश्रित न रहकर अपने पैरों पर खड़ी हो गई है।

गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड के ग्राम सारागांव की श्रीमती उत्तरा ध्रुव ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर न सिर्फ अपनी जिंदगी की दिशा बदली, बल्कि अब वे क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं। महिमा महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती उत्तरा ध्रुव ने समूह से 50 हजार रुपये का ऋण लेकर अपने खेत में बोर खनन कराया और ढाई एकड़ भूमि में डबल फसल लेना शुरू की। वर्तमान में वे खरीफ सीजन में लगभग 70 हजार और रबी सीजन में 50 हजार रुपये की आय अर्जित की हैं।
खेती के साथ-साथ उन्होंने अपने गांव में किराना दुकान भी प्रारंभ की, जिससे उनकी आमदनी में और इज़ाफा हुआ। इसके अलावा, वे रिसोर्स बुक कीपर के रूप में कार्य कर रही हैं और उन्हें समूह के पंजीयन, लेखा कार्यों की निगरानी एवं ऑडिट जैसी जिम्मेदारियों के लिए प्रति माह पांच हजार रुपये मानदेय प्राप्त हो रहा है।

पहले साइकिल से मैदानी स्तर पर भ्रमण का काम करने वाली उत्तरा ने अब अपनी मेहनत की कमाई से स्कूटी खरीदी है, जिससे उनका कार्य और भी सहज हो गया है। आज वे पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं और उनका परिवार भी प्रगति की राह पर है। उनकी एक बेटी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है, दूसरी बेटी सिलाई का कार्य सीख रही है, जबकि उनका बेटा भजन मंडली में आधुनिक वाद्य यंत्र बजाकर अपनी मां के साथ कार्यक्रमों में भाग लेता है और अतिरिक्त आय अर्जित करता है।

श्रीमती उत्तरा ध्रुव की यह सफलता साबित करती है कि जब महिलाओं को अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और नवाचार के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर सकती हैं। बिहान योजना ने उन्हें केवल एक नई राह ही नहीं दिखाई, बल्कि एक प्रेरणादायी पहचान भी दी है।

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