Ro no D15139/23

छत्तीसगढ़ पर्यटन ने कोलकाता में दर्ज कराई प्रभावशाली उपस्थिति

रायपुर, 10 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों में आज एक महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ी है। कोलकाता में चल रहे ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अपनी विशिष्ट और समृद्ध विरासत के साथ शानदार उपस्थिति दर्ज करायी। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कोलकाता के टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट को छत्तीसगढ़ के टूर पैकेज के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला के साथ मंच साझा किया।

इस अवसर पर अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध राज्य को भारत के इस प्रमुख पर्यटन मंच पर प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। हमारा राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। छत्तीसगढ़ को आज भी ‘अनदेखा भारत‘ कहा जाता है और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे चित्रकोट जलप्रपात, कांगेर घाटी, सिरपुर, बस्तर का धुड़मारास के साथ-साथ भोरमदेव, डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा आदि धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स से आग्रह किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में छत्तीसगढ़ को भी शामिल करें।

उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को अब उद्योग का दर्जा प्राप्त है और पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, रिसॉर्ट्स, ट्राइबल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। हमारा उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सतत विकास को भी मजबूत करना है। श्री शर्मा ने यह भी बताया कि कोलकाता में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का स्थायी सूचना केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे कोलकाता के टूर ऑपरेटर्स और पर्यटकों को सीधी और सुविधा-सम्पन्न सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। इस मौके पर कोलकाता के 50 टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट पंजीकृत हुए।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने उपस्थित अतिथियों, टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर के समक्ष प्रेजेंटेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदरता,संस्कृति एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा टूरिज्म को लेकर लिए गए निर्णय से भी अवगत कराया।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा जी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि भारत को समझने के लिए छत्तीसगढ़ को जानना जरूरी है। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि छत्तीसगढ़ आइए, इसे महसूस कीजिए और भारत की आत्मा से मिलिए।

इस अवसर पर सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी थापा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री नासिर असलम वानी,थाईलैंड की महावाणिज्यदूत सुश्री श्रीपोन तांतिपन्याथेप के साथ ही वेस्ट बंगाल टूर ऑपरेटर एवम ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन कोलकाता के लगभग 500 से भी अधिक सदस्य उपस्थित थे।

  • Related Posts

    बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ रही प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल*   *चार विकास कार्यों की घोषणा, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों…

    Read more

    देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर हो रहा आयोजन – केंद्रीय राज्य खेल मंत्री डॉ.खड़से

    *छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की गूँज पूरे राज्य में ‘चलो रे संगी हॉकी खेलबो’ के रूप में गूँजेगी – उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव*  …

    Read more

    NATIONAL

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?