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सुशासन का मूल मंत्र-समय पर सही व्यक्ति तक पहुँचे योजनाओं का लाभ : धनंजय देवांगन*

 

सुशासन सप्ताह के अंतर्गत आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस एवं सदस्य सचिव (रेरा)   धनंजय देवांगन उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले में सुशासन सप्ताह 19 दिसंबर से 25 दिसंबर तक मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शासन-प्रशासन और आम नागरिकों के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए   देवांगन ने अपने दीर्घ सेवाकाल के अनुभव साझा किए और कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पहुँचना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।
उन्होंने धमतरी जिले में चल रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में लगभग हर क्षेत्र में योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी कार्य हो रहे हैं। जिला प्रशासन जनहित और जिले के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजनाएं बनाकर टीम भावना से कार्य कर रहा है, जो सराहनीय है।
देवांगन ने अधिकारियों को अपने तंत्र को और मजबूत करने, निर्णय लेने में दृढ़ता दिखाने तथा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के पास क्षेत्र की समस्याओं की जमीनी जानकारी होती है और उनके अनुभव से प्रशासनिक निर्णय और अधिक प्रभावी बन सकते हैं।
इस अवसर पर कलेक्टर   अबिनाश मिश्रा ने पॉवर प्रजेंटेशन के माध्यम से जिले में विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की संक्षिप्त, लेकिन तथ्यपरक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, गुणवत्ता सुधार एवं नवाचार, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुलभ उपचार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं संस्थागत सेवाओं का विस्तार, कृषि एवं सिंचाई में किसानों की आय वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, सड़क एवं पेयजल में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके साथ ही पीएम जनमन, पंचायत सशक्तिकरण, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, औद्योगिक निवेश, अधोसंरचना तथा इको-टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में भी निरंतर प्रगति हो रही है। कलेक्टर ने कहा कि जिले का लक्ष्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाकर सुशासन को व्यवहार में उतारना है। कार्यक्रम में सुशासन के मूल्यों-पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को और अधिक मजबूती प्रदान की।
इस अवसर पर कलेक्टर   मिश्रा ने   देवांगन को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया। कार्यक्रम में नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत   गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने अभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक, कौशल विकास डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर   इंदिरा देवहारी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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