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इजरायल ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया एक और पीस प्राइज, नेतन्याहू ने 80 साल की परंपरा तोड़ कर दिया पुरस्कार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 में इजरायल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाएगा. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 29 दिसंबर, 2025 को फ्लोरिडा में घोषणा की कि उनका देश दशकों पुरानी परंपरा तोड़ते हुए पहली बार किसी गैर-नागरिक को यह सम्मान देगा. नेतन्याहू ने कहा कि यह फैसला इजरायल में अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रति समर्थन और सराहना की व्यापक भावना को दर्शाता है. ट्रंप ने खुश होते हुए कहा कि यह पुरस्कार वाकई चौंकाने वाला है और इसकी बहुत सराहना करते हैं. आमतौर पर इजरायल प्राइज केवल इजरायली नागरिकों या निवासियों को दिया जाता है। इसमें एकमात्र अपवाद यहूदी लोगों के लिए विशेष योगदान की श्रेणी है. इस श्रेणी में सम्मान पाने वाले इजरायल के बाहर के एकमात्र व्यक्ति भारतीय कंडक्टर जुबिन मेहता हैं, जिन्हें 1991 में यह पुरस्कार दिया गया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 में इजरायल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान इजरायल प्राइज फॉर पीस दिया जाएगा. यह घोषणा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार, 29 दिसंबर को फ्लोरिडा में दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक के बाद की. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सरकार ने ट्रंप को इजरायल प्राइज फॉर पीस देने का निर्णय किया है. यह पुरस्कार के 80 साल के इतिहास में पुरानी परंपरा तोड़ते हुए पहली बार किसी गैर-इजरायली नागरिक को दिया जा रहा है. यह भी पहली बार है जब ‘पीस’ श्रेणी में यह सम्मान प्रदान किया जाएगा.

यह घोषणा फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के मार-ए-लागो आवास पर हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग के दौरान की गई. ट्रंप ने इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनके लिए अप्रत्याशित है और वह इसकी सराहना करते हैं. नेतन्याहू ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने लोगों को चौंकाने के लिए कई परंपराओं को तोड़ा है, इसलिए हमने भी एक परंपरा तोड़ने या नई परंपरा बनाने का फैसला किया, यानी इजरायल प्राइज देना, जो 80 वर्षों में कभी किसी गैर-इजरायली को नहीं दिया गया. आज हमने औपचारिक रूप से यह घोषणा की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप को इजरायल और यहूदी लोगों के लिए उनके असाधारण योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया जाना चाहिए.”

ट्रंप बोले- यह पुरस्कार वाकई चौंकाने वाला

नेतन्याहू ने आगे कहा, “यह इजरायली समाज के हर वर्ग की भावना को दर्शाता है. लोग इस बात की सराहना करते हैं कि आपने इजरायल और आतंकवाद के खिलाफ हमारी साझा लड़ाई में क्या योगदान दिया है.” ट्रंप ने जवाब में कहा कि यह पुरस्कार “वाकई चौंकाने वाला है और मैं इसकी बहुत सराहना करता हूं.” ट्रंप के अनुसार, वह इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने और वहीं यह पुरस्कार प्राप्त कर सकते हैं. इजरायल के शिक्षा मंत्री योआव किश ने फोन पर बैठक में शामिल होकर ट्रंप को औपचारिक रूप से इस फैसले की जानकारी दी. ट्रंप ने संकेत दिया कि वह समारोह में शामिल होने पर विचार करेंगे.

क्या है इजरायल प्राइज?

इजरायल प्राइज देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो आमतौर पर विज्ञान, कला और मानविकी जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए इजरायली नागरिकों को दिया जाता है. ‘पीस’ श्रेणी में यह पुरस्कार पहले कभी नहीं दिया गया था. जुलाई 2025 में इजरायल ने पुरस्कार के नियमों में संशोधन कर विदेशी नागरिक को यह सम्मान देने की अनुमति दी, जिससे ट्रंप को चुने जाने का रास्ता साफ हुआ. आमतौर पर इजरायल प्राइज केवल इजरायली नागरिकों या निवासियों को दिया जाता है. इसमें एकमात्र अपवाद ‘यहूदी लोगों के लिए विशेष योगदान’ की श्रेणी है. इस श्रेणी में सम्मान पाने वाले इजरायल के बाहर के एकमात्र व्यक्ति भारतीय कंडक्टर जुबिन मेहता हैं, जिन्हें 1991 में यह पुरस्कार दिया गया था.

नोबेल पीस प्राइज न मिलने से निराश थे ट्रंप

ट्रंप के लिए यह सम्मान खुद को वैश्विक शांति-स्थापक के रूप में प्रस्तुत करने में एक और उपलब्धि है. अपने भाषणों और इंटरव्यू में वह अक्सर दावा करते रहे हैं कि उन्होंने आठ युद्ध रोके हैं और खुद को ऐसे नेता के रूप में पेश करते हैं जो अपनी शख्सियत और सौदेबाजी की क्षमता से वैश्विक संघर्षों में व्यवस्था ला सकते हैं. ट्रंप लंबे समय से कहते रहे हैं कि नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ उन्हें परेशान नहीं करती. उन्होंने 2025 में फिर से चूक जाने पर भी यही बेपरवाह रुख दिखाया, हालांकि साथ ही वह इसे नजरअंदाज किए जाने पर निराशा भी जताते रहे हैं. यह ताजा सम्मान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में ट्रंप को फीफा पीस प्राइज भी दिया गया था. यह उनके कूटनीतिक महत्वाकांक्षाओं की एक और प्रतीकात्मक मान्यता है, हालांकि वह उस नोबेल सम्मान से अब भी कम है, जिसकी वह खुलकर आकांक्षा करते हैं.

नेतन्याहू ट्रंप मुलाकात में क्या हुआ?

वहीं बेंजामिन नेतन्याहू ने अक्टूबर में ट्रंप को इजरायल का ‘अब तक का सबसे बड़ा मित्र’ बताया था. यह प्रशंसा उस समय आई थी, जब 7 अक्टूबर 2023 के हमलों में बंधक बनाए गए आखिरी 20 जीवित लोगों को हमास ने रिहा किया था. यह रिहाई ट्रंप के 20 सूत्रीय प्लान और उनकी टीम की मध्यस्थता से हुए गाजा शांति समझौते के पहले चरण के तहत संभव हुई थी. वहीं मार-ए-लागो में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच गाजा शांति योजना के दूसरे चरण, हमास के निरस्त्रीकरण और कब्जे वाले वेस्ट बैंक सहित कई मुद्दों पर भी बातचीत हुई. ट्रंप ने माना कि दोनों नेताओं के बीच कुछ मतभेद हैं, लेकिन बातचीत जारी है. ट्रंप ने कहा, “वेस्ट बैंक पर हमारी लंबे समय से चर्चा हो रही है. मैं यह नहीं कहूंगा कि हम 100% सहमत हैं, लेकिन हम किसी नतीजे पर जरूर पहुंचेंगे.”

वहीं नेतन्याहू ने बातचीत को बेहद उपयोगी बताया और क्षेत्र में ट्रंप की भूमिका की सराहना की. नेतन्याहू ने कहा, “मेरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहुत ही उत्पादक बैठक हुई. आपके समर्थन के लिए धन्यवाद.” उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप ने मध्य पूर्व में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. हम अपने विचारों पर चर्चा करते हैं. कभी-कभी हमारे विचार अलग होते हैं, लेकिन हम उन्हें सुलझा लेते हैं और ज्यादातर मामलों में हम एक ही सोच रखते हैं.

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