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तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली करोड़ों रुपये की संग्रहण एवं प्रोत्साहन राशि हजारों वनाश्रित परिवारों को मिला सीधा आर्थिक लाभ, ऑनलाइन भुगतान से बढ़ी पारदर्शिता

 

जशपुरनगर 14 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के दूरदर्शी एवं जनकल्याणकारी नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा वनवासियों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन्हीं जनहितकारी पहलों के तहत तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। साथ ही जंगलों में कार्य करने वाले वनवासियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए चरण पादुका वितरण योजना का भी प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इन निर्णयों से प्रदेश सहित जशपुर जिले के वनाश्रित परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, जशपुरनगर के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में संचालित योजनाओं के अंतर्गत संग्रहण पारिश्रमिक एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ऑनलाइन किया गया है। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनी है तथा संग्राहकों को बिना किसी बिचौलिये के उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक प्राप्त हो रहा है।
वर्ष 2023 के संग्रहण पर मिला प्रोत्साहन पारिश्रमिक
तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2023 के अंतर्गत जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, जशपुरनगर की 24 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में से 4 समितियां लाभ की स्थिति में रहीं। इन समितियों से जुड़े 7,210 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 27 लाख 76 हजार 686 रुपये की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन हस्तांतरित की गई। इससे संग्राहकों को उनके श्रम का अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ और उनकी आय में वृद्धि हुई।
33,968 संग्राहकों को मिला 16.37 करोड़ रुपये से अधिक का पारिश्रमिक
तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 में जिले की 24 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से 33,968 संग्राहकों ने तेन्दूपत्ता संग्रहण किया। इन सभी संग्राहकों को संग्रहण कार्य के एवज में 16 करोड़ 37 लाख 17 हजार 680 रुपये 50 पैसे की पारिश्रमिक राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था लागू होने से भुगतान प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है तथा संग्राहकों को समय पर उनकी मेहनत का पूरा प्रतिफल मिल रहा है।
वनाश्रित परिवारों की आजीविका को मिला संबल
तेन्दूपत्ता संग्रहण छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के लिए आजीविका का प्रमुख स्रोत है। राज्य शासन द्वारा संग्रहण पारिश्रमिक एवं प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान कर संग्राहकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनके आर्थिक हितों की भी सुरक्षा की जा रही है। इससे ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और वनोपज आधारित आजीविका को नया प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, जशपुरनगर ने संग्राहकों से आगामी तेंदूपत्ता संग्रहण सत्र में भी गुणवत्तापूर्ण संग्रहण करने तथा शासन की विभिन्न वनोपज हितग्राही योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की है।

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