Ro no D15139/23

श्रावण पूर्णिमा पर मां गायत्री की साधना का महासंयोग, जानें किस मुहूर्त में पूजा करने से मिलेगा शुभ फल

Gayatri Jayanti 2026: श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसी पावन अवसर पर गायत्री जयंती मनाई जाती है. मां गायत्री को वेदों की माता, ज्ञान और बुद्धि की देवी तथा त्रिदेवों की शक्ति का स्वरूप माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गायत्री जयंती पर विधि-विधान से पूजा, मंत्र जाप और साधना करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. ऐसे में आइए जानते हैं श्रावण पूर्णिमा पर गायत्री जयंती की तिथि, पूजा मुहूर्त, मंत्र साधना और पूजा विधि से जुड़ी जरूरी बातें.

2026 में कब मनाई जाएगी गायत्री जयंती?

पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में गायत्री जयंती 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाई जाएगी. श्रावण शुक्ल पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजकर 8-9 मिनट से होगा और इसका समापन 28 अगस्त की सुबह करीब 9 बजकर 47-48 मिनट पर होगा. उदयातिथि के आधार पर श्रावण पूर्णिमा और गायत्री जयंती 28 अगस्त को मनाई जाएगी.

गायत्री जयंती का धार्मिक महत्व

ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा के अनुसार, मां गायत्री की उपासना ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि की प्राप्ति के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा और मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलती है तथा घर-परिवार में सकारात्मक वातावरण बना रहता है. विद्यार्थियों और आध्यात्मिक साधना करने वालों के लिए भी यह दिन विशेष माना जाता है.

ब्रह्म मुहूर्त में करें मां गायत्री की पूजा

आने वाले 28 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:28 बजे से 5:12 बजे तक रहेगा. इस दौरान मां गायत्री की पूजा और मंत्र साधना करना शुभ माना जाता है. वहीं, लाभ उन्नति चौघड़िया मुहूर्त में भी पूजा की जा सकती है, जो सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक रहेगा. इस दिन सूर्योदय सुबह करीब 5:57 बजे होगा.

गायत्री जयंती पर कौन-से मंत्र जपें?

गायत्री जयंती पर श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार गायत्री मंत्र का जाप कर सकते हैं.

मूल गायत्री मंत्र: “ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।”

गायत्री बीज मंत्र: “ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा।”

गायत्री महामंत्र: “ॐ गायत्र्यै विद्महे महादेव्यै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्।”

इस तरह करें गायत्री जयंती की पूजा

सुबह स्नान करके स्वच्छ पीले, सफेद या लाल वस्त्र धारण करें. इसके बाद उगते सूर्य को जल अर्पित कर “ॐ सूर्याय नमः” का जाप करें. घर के पूजा स्थान में चौकी पर मां गायत्री की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें. चंदन, कुमकुम, अक्षत, फूल, माला, फल, जल और मिठाई अर्पित करें. घी का दीपक जलाकर गायत्री मंत्र का जाप करें और श्रद्धानुसार व्रत कथा का पाठ करें  अंत में मां गायत्री से ज्ञान, सद्बुद्धि और परिवार के सुख-शांति की प्रार्थना करें.

श्रावण पूर्णिमा पर क्यों खास है यह दिन?

श्रावण पूर्णिमा को धार्मिक अनुष्ठान, मंत्र जाप और दान-पुण्य के लिए विशेष माना जाता है. इस दिन गायत्री साधना करने से व्यक्ति का ध्यान आध्यात्मिकता की ओर बढ़ता है. धर्माचार्यों के अनुसार, पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा, शुद्ध भाव और नियमित मंत्र साधना है.

  • Related Posts

    Chaturdashi Shradh 2026: आज पितृ पक्ष का 14वां दिन, किन पूर्वजों का होगा श्राद्ध? जानें मुहूर्त, विधि और नियम

    Chaturdashi Shradh 2026: पंचांग (मिथिला, महावीर और द्रिक) के अनुसार, आज 9 अक्टूबर 2026 को आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है. श्राद्ध के लिए कुतुप, रौहिण और अपराह्न मुहूर्त…

    Read more

    नए आश्रम से 19 दिन बाद केलिकुंज पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज, रसिक दुलारी मामले में मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

    Premanand Maharaj Latest News: वृंदावन के यमुनापार स्थित नए आश्रम यमुना विहार कुंज में साधनारत संत प्रेमानंद महाराज 19 दिन बाद बृहस्पतिवार को श्रीहित राधा केलिकुंज पहुंचे. 19 सितंबर के बाद…

    Read more

    NATIONAL

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित – स्मृति इरानी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित –  स्मृति इरानी

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर

    गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, सरकार के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे

    गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, सरकार के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे

    राहुल-प्रियंका के आकाशवाणी भवन में घुसने पर FIR, इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस

    राहुल-प्रियंका के आकाशवाणी भवन में घुसने पर FIR, इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस