
जगदलपुर, 31 अगस्त 2026/ ’आया मोचो दंतेश्वरी बाबा भैरम आय, कैसा जादू है तेरे बस्तर में’ जब तीसरी कक्षा की नन्हीं छात्रा पायल की सुरीली आवाज शहीद गुंडाधूर कृषि महाविद्यालय के सभागार में गूंजी, तो पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से सराबोर हो गया। यह केवल एक लोकगीत की प्रस्तुति नहीं, बल्कि सुदूर वनांचलों से निकलकर मुख्यधारा में अपनी पहचान दर्ज करा रहे बदलते बस्तर के आत्मविश्वास की हुंकार थी। अवसर था जिला प्रशासन एवं समग्र शिक्षा बस्तर द्वारा आयोजित जिला स्तरीय ‘टैलेंट तिहार-प्रतिभा को पंख’ सत्र 2026-27 के भव्य समापन समारोह का, जहां स्कूली बच्चों की कला, संगीत और सांस्कृतिक विविधता ने हर किसी को चमत्कृत कर दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने मां सरस्वती और आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभा को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि रामायण कालीन दंडकारण्य और महाभारत के दक्षिण कौशल की पावन भूमि बस्तर जल, जंगल और जमीन की अनमोल संपदा से सदैव परिपूर्ण रही है। महामहिम राष्ट्रपति के बजट अभिभाषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज का वास्तविक विकास अपनी मूल विरासत और संस्कृति को सहेजकर ही संभव है।
बस्तर के युवाओं के सामथ्र्य को रेखांकित करते हुए सांसद श्री कश्यप ने कहा कि इस अंचल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। नारायणपुर के बच्चों का मलखंब कौशल, दंतेवाड़ा के युवाओं की घुड़सवारी, राष्ट्रीय खेल पदकों और क्रिकेट से लेकर आधुनिक विज्ञान तक युवाओं का परचम लहरा रहा है। देश के गगनयान मिशन और अंतरिक्ष अनुसंधान में भी बस्तर के नौजवानों की भागीदारी इस बढ़ते कदम का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अतीत में भ्रामक विचारधाराओं ने जिस पीढ़ी के हाथों में किताबों की जगह बंदूकें थमा दी थीं, आज वह दौर पूरी तरह बदल चुका है। बस्तर ओलंपिक और टैलेंट तिहार जैसे मंचों से अब युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में बह रही है। हमारे आदर्श हिंसक मार्ग नहीं, बल्कि अमर शहीद गेंदसिंह, वीर गुंडाधूर, झाड़ा सिरहा, भगवान बिरसा मुंडा और स्वामी विवेकानंद जैसे युगपुरुष हैं। अपने ग्रामीण जीवन और धूल-मिट्टी के कबड्डी मैदान से दिल्ली की संसद तक के सफर का संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्षों से प्रेरणा लेकर एक स्पष्ट लक्ष्य साधने का आह्वान किया।
विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित जगदलपुर नगर निगम के महापौर श्री संजय पाण्डे ने अधिकारियों के नामों का सुंदर रूपक बांधते हुए विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने महाभारत के अर्जुन की तरह लक्ष्य-केंद्रित रहने और स्वामी विवेकानंद के ध्येय वाक्य ‘उत्तिष्ठत जाग्रत’ को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। महापौर ने कहा कि बस्तर अब अशांति के दौर से निकलकर बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, नेशनल ट्राइबल गेम्स और बस्तर मैराथन जैसे गौरवशाली आयोजनों का गवाह बन रहा है।
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने शिक्षा को जीवन की दिशा और दशा बदलने वाली शक्ति करार दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर संपूर्ण व्यक्तित्व को तराशने वाली होनी चाहिए, क्योंकि देश को वैज्ञानिकों के साथ-साथ उत्कृष्ट कलाकारों और गायकों की भी दरकार है। बच्चों में संवाद कौशल विकसित करने के लिए जिले में बोलेगा बचपन अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु करीब 8 हजार बच्चों का अभ्यास टेस्ट कराया गया है।
कलेक्टर ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा में बस्तर के ऐतिहासिक प्रदर्शन की जानकारी देते हुए बताया कि गत वर्ष जहां जिले से केवल 2 बच्चों का चयन हुआ था और जिला 30वें पायदान पर था, वहीं इस वर्ष शिक्षकों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से 177 बच्चों ने बाजी मारकर बस्तर को पूरे राज्य में सीधे दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। इसमें अकेले बकावंड ब्लॉक से लगभग 130 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं के लिए चलाए जा रहे उत्कृष्ट बस्तर अभियान, रेमेडियल कक्षाओं और प्रश्न बैंकों के महत्व पर बल देते हुए अधिकारियों को सभी प्रतिभागी बच्चों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मंच उपलब्ध कराए जा सकें।
कार्यक्रम में खम्हारगांव की कक्षा चैथी की छात्रा छबिला बघेल ने देशभक्ति व लोकसंस्कृति से ओतप्रोत गीत भारत माई के पाएं पड़ेंसे और कक्षा तीसरी के नन्हे छात्र गौतम सेठिया ने अपनी सुरीली गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस गरिमामय अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बलिराम बघेल, जिला मिशन समन्वयक श्री अशोक पांडे, बीईओ, बीआरसी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।









