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जिले के मेडिकल कॉलेज में पहली बार एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू

सहसपुर लोहारा के खीमांशू देवांगन ने लिया प्रथम प्रवेश, जिलेवासियों में खुशी की लहर

कवर्धा। जिले के लिए गुरुवार का दिन चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से ऐतिहासिक बन गया। जिले में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के अथक प्रयासों से शुरू हुए मेडिकल कॉलेज में पहली बार एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हुई। इस ऐतिहासिक शुरुआत में जिले के ही सहसपुर लोहारा निवासी खीमांशू देवांगन ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया। मेडिकल कॉलेज में जिले के स्थानीय विद्यार्थी का पहला प्रवेश होने से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

 

मेडिकल कॉलेज की शुरुआत को जिले के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से जिलेवासियों द्वारा उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा संस्थान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब मेडिकल कॉलेज के प्रारंभ होने से जिले के विद्यार्थियों को अपने ही जिले में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को लाभ होगा, जिन्हें एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए रायपुर, बिलासपुर सहित अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।

 

100 से बढ़कर 220 बिस्तरों का हुआ जिला अस्पताल

मेडिकल कॉलेज को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए जिला चिकित्सालय को भी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध किया गया है। जिला चिकित्सालय की क्षमता को 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 220 बिस्तर किया गया है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मरीजों के उपचार, जांच और विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। इससे मेडिकल विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ क्लीनिकल प्रशिक्षण का भी बेहतर अवसर मिलेगा।

 

स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी मजबूती

मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार होने की संभावना है। इसका सीधा लाभ जिले के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को मिल सकता है। गंभीर बीमारी और जटिल उपचार के लिए मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर करने की आवश्यकता में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

स्थानीय विद्यार्थी का प्रवेश बना खास

सहसपुर लोहारा निवासी खीमांशू देवांगन का एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश इस ऐतिहासिक अवसर को और खास बना देता है। जिले के मेडिकल कॉलेज में पहले प्रवेश लेने वाले स्थानीय विद्यार्थी के रूप में उनका नाम इस शुरुआत से जुड़ गया है। उनके प्रवेश से क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों में भी चिकित्सा शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।

 

मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से जिलेवासियों में खुशी और उम्मीद दोनों हैं। लोगों का मानना है कि यह संस्थान आने वाले समय में न केवल चिकित्सा शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगा। मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच की शुरुआत को जिले के लिए एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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