
राजनांदगांव जिले में सड़क निर्माण के 6 कार्यों के लिए 14.89 करोड़ रूपए की स्वीकृति
– लगभग 13.81 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन होगा सुगम
– सड़क अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण से ग्रामीणों को मिलेगी बेहतर यातायात सुविधा
राजनांदगांव 15 अक्टूबर 2026। राज्य शासन द्वारा जिले में सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले में 6 सड़क निर्माण कार्यों के लिए कुल 14 करोड़ 88 लाख 82 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के अंतर्गत लगभग 13.81 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी तथा आम नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वीकृत कार्यों में 1.16 किलोमीटर लंबे कोपेडीह-मगरलोटा मार्ग निर्माण के लिए 1 करोड़ 33 लाख 47 हजार रूपए, 2.20 किलोमीटर लंबे बम्हनी-बांकल मार्ग के लिए 2 करोड़ 97 लाख 17 हजार रूपए तथा 2.30 किलोमीटर लंबे भोथीपारखुर्द से सिंघोला-दल्लीराजहरा मार्ग के लिए 2 करोड़ 19 लाख 95 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार 4.80 किलोमीटर लंबे भोथीपारकला-भोथीपारखुर्द-अर्जुन्दा मुख्य मार्ग के लिए 4 करोड़ 55 लाख 54 हजार रूपए, 1.55 किलोमीटर लंबे तोरनकट्टा-ठाकुरटोला मार्ग के लिए 1 करोड़ 95 लाख 15 हजार रूपए तथा 1.80 किलोमीटर लंबे भोथलीपारखुर्द-नवापारा उसरीबोड़ मार्ग के लिए 1 करोड़ 87 लाख 54 हजार रूपए की स्वीकृति दी गई है। इन सड़क निर्माण कार्यों से संबंधित ग्रामों एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। साथ ही किसानों को कृषि उपज के परिवहन, विद्यार्थियों को शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने तथा ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। विभागीय आदेश के अनुसार स्वीकृत कार्यों की तकनीकी स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के पश्चात निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।
फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना से पुष्प उत्पादन को मिल रहा बढ़ावा
– कृषक श्री घनश्याम साहू गेंदा फूल की खेती के साथ विभिन्न सब्जियों का कर रहे उत्पादन
– फसल विविधीकरण से सशक्त हो रही उद्यानिकी खेती
राजनांदगांव 15 अक्टूबर 2026। शासन द्वारा उद्यानिकी फसलों के विस्तार एवं पुष्प उत्पादन को प्रोत्साहित करने फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना अंतर्गत किसानों को 1 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक पुष्प उत्पादन के लिए 37 हजार 500 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इससे किसानों को पुष्प उत्पादन के लिए प्रोत्साहन मिलने के साथ उनकी आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने में मदद मिलती है। जिले के किसान भी पुष्प उत्पादन के साथ विभिन्न सब्जी फसलों को अपनाकर उद्यानिकी खेती को विविध स्वरूप प्रदान कर रहे हैं। इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मोहड़ निवासी कृषक श्री घनश्याम साहू ने फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना अंतर्गत एक हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती अपनाई है। इसके साथ ही वे विभिन्न सब्जी फसलों का उत्पादन भी कर रहे हैं। उनकी इस पहल से उद्यानिकी खेती को व्यावसायिक स्वरूप दिया जा रहा है। कृषक श्री घनश्याम साहू कुल 4.83 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न उद्यानिकी फसलों का उत्पादन कर रहे है। इसमें एक हेक्टेयर में गेंदा, 1.62 हेक्टेयर में खीरा, 0.81 हेक्टेयर में मिर्च, 0.40 हेक्टेयर में कुंदरू तथा एक हेक्टेयर क्षेत्र में लौकी की खेती शामिल है। इस प्रकार पुष्प उत्पादन के साथ सब्जी फसलों को भी कृषि गतिविधियों का हिस्सा बनाया है।
कृषक श्री घनश्याम साहू ने बताया कि गेंदा फूल की मांग धार्मिक, सामाजिक एवं विभिन्न आयोजनों में बनी रहती है। वहीं खीरा, मिर्च, कुंदरू और लौकी जैसी सब्जियों की भी बाजार में नियमित मांग रहती है। उन्होंने बताया कि इन फसलों को अपनाकर खेत में उत्पादन की विविधता बढ़ी है। अलग-अलग फसलों की खेती से विभिन्न उद्यानिकी उत्पादों के विपणन के अवसर मिलते हैं और किसी एक फसल पर निर्भरता कम करने में भी सहायक होती है। फसलवार भूमि की तैयारी, पौध स्थापना, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोग प्रबंधन पर ध्यान देते हुए खेती की जा रही है। उद्यानिकी फसलों का समावेश स्थानीय परिस्थितियों एवं बाजार की मांग के अनुरूप कृषि गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना के तहत कृषक श्री घनश्याम साहू द्वारा गेंदा की खेती के साथ विभिन्न सब्जियों का उत्पादन करना अन्य कृषकों के लिए भी प्रेरणादायी है। किसान अपनी भूमि, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए पुष्प एवं सब्जी फसलों का समावेश कर उद्यानिकी खेती को विविध एवं व्यावसायिक स्वरूप प्रदान कर सकते हैं। कृषक श्री घनश्याम साहू ने फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना के तहत मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
राजनांदगांव जिले में 77.40 किलोमीटर सड़कों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 88.13 करोड़ रूपए स्वीकृत
– जिले के चार प्रमुख सड़क मार्गों का होगा उन्नयन, आवागमन की सुविधाओं का होगा विस्तार
– सड़क निर्माण के साथ पुल-पुलिया के कार्य भी होंगे शामिल
राजनांदगांव 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राजनांदगांव जिले में सड़क अधोसंरचना के विकास एवं आवागमन की सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के चार प्रमुख सड़क मार्गों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्यों के लिए कुल 88 करोड़ 13 लाख 44 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत कुल 77.40 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जाएगा। इन कार्यों में आवश्यकतानुसार पुल-पुलिया निर्माण भी शामिल है।
लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वीकृत कार्यों में टेडेसरा-मुढ़ीपार-कलडबरी-झुमका-रेंगाकठेरा मार्ग के 35 किलोमीटर लंबाई के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 35 करोड़ 62 लाख 62 हजार रूपए, धनगांव-बरगा-इंदामरा-बांकल मार्ग के 6.80 किलोमीटर लंबाई के लिए 19 करोड़ 70 लाख 82 हजार रूपए, राजनांदगांव-जालबांधा मार्ग के 26.60 किलोमीटर लंबाई के लिए 19 करोड़ 52 लाख 38 हजार रूपए तथा अरसीटोला-टप्पा मार्ग के 9 किलोमीटर लंबाई के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 13 करोड़ 27 लाख 62 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़क मार्गों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण से जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। साथ ही नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। सड़कों के उन्नयन से किसानों को कृषि उपज के परिवहन, व्यापारिक गतिविधियों के संचालन तथा ग्रामीण क्षेत्रों से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा होगी। इन कार्यों से जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूती मिलने के साथ ही क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।








