
कोरबा 15 अक्टूबर 2026/कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम सेन्द्रीपाली का जय सेवा नवयुवक स्व सहायता समूह खेती पर निर्भरता और सीमित आय जैसी चुनौतियों के बीच आजीविका के नए अवसर तलाश रहा है। समूह ने मत्स्य पालन को आय के अतिरिक्त साधन के रूप में अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
मत्स्य पालन विभाग की राज्य पोषित प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत समूह को वर्ष 2025-26 में तीन दिवसीय प्रशिक्षण और जिले से बाहर अध्ययन भ्रमण का अवसर मिला। इस दौरान सदस्यों ने मत्स्य पालन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की और अपने कार्य को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने के तरीके सीखे। प्रशिक्षण से मिले मार्गदर्शन को समूह ने अपने मत्स्य पालन कार्य में उपयोग किया।
खेती के साथ मछली पालन से जुड़ने से समूह के सदस्यों को आजीविका का एक और विकल्प मिला है। यह पहल सीमित आय के स्रोतों को बढ़ाने और समूह को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सहायक बनी है। जय सेवा नवयुवक स्व सहायता समूह का प्रयास बताता है कि प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण समूह स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह बना सकते हैं।
सेवा सेतु से सुगम हुई शासकीय प्रक्रिया, हितग्राहियों को मिल रही सुविधा
ऑनलाइन आवेदन से आसान हुई राह, ज्योति कुमारी को मिला आय प्रमाण पत्र
कोरबा 15 अक्टूबर 2026/शासकीय सेवाओं का लाभ पाने के लिए अब नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने और अनावश्यक भागदौड़ करने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल ने प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाया है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम सुतर्रा निवासी ज्योति कुमारी, पुत्री संतोष कुमार, को आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इस सुविधा का लाभ मिला।
ज्योति कुमारी बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती थी। कार्यालयों में जाना, समय निकालना और आने-जाने में पैसे खर्च करना पड़ता था। अब मैंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुतर्रा के अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन किया और मुझे अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। इससे मेरा समय और पैसा दोनों बचा है।”
ज्योति के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। अब आवश्यक प्रमाण पत्र के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की चिंता नहीं रहती। गांव में ही च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन की सुविधा मिलने से प्रक्रिया पहले की तुलना में सहज हुई है और अपने अन्य जरूरी कार्यों के लिए भी समय मिल पा रहा है।
इस सुविधा के लिए ज्योति कुमारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा “सेवा सेतु जैसी पहल से आम नागरिकों को बहुत सुविधा मिल रही है। सरकारी सेवाओं के लिए प्रक्रिया आसान होने से समय और धन की बचत होती है। मैं इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देती हूं।”
कोरबा 15 अक्टूबर 2026/कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम लखनपुर निवासी श्री यशवंत जायसवाल ने घर की बिजली खपत और हर महीने आने वाले बिजली बिल को देखते हुए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। उन्हें लगा कि छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने से बिजली बिल का बोझ कम होगा और परिवार को स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिलेगा।योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से पहले 2 किलोवाट क्षमता तक ₹30,000 प्रति किलोवाट और तीसरे किलोवाट के लिए ₹18,000 की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। इस प्रकार 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर केंद्रीय सहायता अधिकतम ₹78,000 तक हो सकती है।
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से अतिरिक्त सहायता के रूप में 1 किलोवाट संयंत्र पर ₹15,000 तथा 2 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर ₹30,000 दिए जाने का प्रावधान है। पात्रता और स्वीकृत क्षमता के अनुसार दोनों सहायता मिलाकर 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर कुल सहायता ₹1.08 लाख तक हो सकती है।
यशवंत जायसवाल का यह निर्णय परिवार के बिजली खर्च में राहत पाने के साथ सौर ऊर्जा अपनाने की दिशा में भी एक कदम है। घर की छत पर सौर संयंत्र से बिजली तैयार होने पर पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटती है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। वास्तविक सहायता राशि स्वीकृत संयंत्र क्षमता और योजना की पात्रता के अनुसार तय होती है।
कोरबा 14 अक्टूबर 2026/जिले के नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा क्षेत्र में रहने वाले श्रमिक मनोहर दास मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय में घर की जरूरतें पूरी करने के साथ बेटी की पढ़ाई का खर्च जुटाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था।
इसी दौरान उन्हें श्रम विभाग की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिकों की बेटियों को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। मनोहर दास ने योजना का लाभ लेने के लिए श्रम विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया। विभागीय परीक्षण के बाद उनकी पुत्री की पढ़ाई के लिए 20 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई।
इस आर्थिक सहयोग से मनोहर दास की बेटी अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख पा रही है। मनोहर दास ने सहायता के लिए शासन और श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। यह योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और उनके उज्ज्वल भविष्य की राह आसान बनाने में सहायक बन रही है।महतारी वंदन योजना से परिवार की जिम्मेदारियों में हमीदा परवीन की बढ़ी आर्थिक भागीदारीकोरबा 15 अक्टूबर 2026/परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए बच्चों की शिक्षा और घर की आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग कर पाना हर महिला के लिए महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता ने हरदीबाजार, जिला कोरबा निवासी श्रीमती हमीदा परवीन को घरेलू खर्चों में योगदान देने और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद दी है।
श्रीमती हमीदा परवीन बताती हैं कि योजना का लाभ मिलने से पहले घर की दैनिक आवश्यकताओं और बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्चों के लिए परिवार की उपलब्ध राशि पर निर्भर रहना पड़ता था। अपनी ओर से आर्थिक सहयोग देने के लिए अलग से पैसे उपलब्ध होना कठिन होता था। अब योजना के तहत उनके बैंक खाते में हर महीने एक हजार रुपये की राशि जमा होती है, जिससे वे अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च का प्रबंधन कर पा रही हैं।
वे कहती हैं, “महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि मेरे लिए काफी उपयोगी है। मैं इससे घर के जरूरी सामान खरीदने में परिवार का सहयोग करती हूं और बच्चों की पढ़ाई से संबंधित आवश्यकताओं पर भी खर्च कर पाती हूं। अपनी जरूरतों के लिए राशि उपलब्ध होने से मुझे अच्छा लगता है और परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में भी मदद मिलती है।”
हमीदा परवीन के अनुसार, नियमित आर्थिक सहायता मिलने से वे घर के छोटे-छोटे खर्चों में अपना योगदान दे पा रही हैं। बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में इस राशि का उपयोग उनके लिए सहायक साबित हो रहा है।
वे महतारी वंदन योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। हर महीने खाते में राशि आने से वे घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति और बच्चों की पढ़ाई के खर्चों में अपनी भागीदारी निभा पा रही हैं।
17 शिविरों में 1,945 आवेदन प्राप्त; 1,321 का निराकरण, शेष 624 प्रकरणों पर कार्रवाई जारी
कोरबा 15 अक्टूबर 2026/सरकारी योजनाओं का लाभ पाने और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी उद्देश्य से कोरबा जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 1 से 14 अक्टूबर तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए गए। जनपद पंचायतों के साथ नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में लगे इन शिविरों में नागरिकों ने आवेदन दिए और विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर प्राप्त कीं।
शिविरों में राजस्व विभाग की ओर से ऋण पुस्तिका और किसान किताब का वितरण किया गया। पशु क्षति के मामलों में मुआवजा, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को घरों की चाबियां, महिला स्व-सहायता समूहों को राशि तथा कृषि और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस तरह शिविर लोगों की मांग और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच सीधा संपर्क बने।16 शिविरों में 1,945 आवेदनउपलब्ध शिविरवार संकलन के अनुसार, जिले में दर्ज 16 शिविरों में कुल 1,945 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1,321 आवेदनों का निराकरण किया गया, जबकि 624 आवेदन लंबित रहे। इस प्रकार दर्ज आवेदनों में से लगभग 68 प्रतिशत का निराकरण शिविरों के दौरान या संकलन की तारीख तक किया जा चुका था। लंबित मामलों में संबंधित विभागों से परीक्षण, निर्माण कार्यों के प्रस्ताव और अन्य विभागीय कार्रवाई की जरूरत वाले आवेदन शामिल हैं।
कोरबा नगर निगम क्षेत्र में सात शिविर आयोजित किए गए। इनमें टी.पी. नगर, कोरबा जोन, कोसाबाड़ी, पं. रविशंकर शुक्ल नगर, बालको नगर, दर्री और सर्वमंगला नगर जोन शामिल थे। इन शिविरों में 786 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 247 का निराकरण किया गया।
अन्य निकायों और जनपद पंचायतों में भी शिविरों के माध्यम से आवेदन और समस्याएं दर्ज की गईं। दीपका नगर पालिका के शिविर में 72 में से 70 आवेदन निराकृत हुए, कटघोरा नगर पालिका के शिविर में सभी 89 आवेदनों का निराकरण किया गया। बांकीमोंगरा नगर पालिका में 62 में से 56 और छुरीकला नगर पंचायत में 15 में से 13 आवेदन निराकृत हुए। पाली नगर पंचायत में 57 में से 52 आवेदन निराकृत किए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौके पर कार्रवाई
जनपद पंचायत क्षेत्रों के शिविरों में भी लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। जनपद पंचायत पाली के सैला शिविर में प्राप्त सभी 133 आवेदनों का निराकरण किया गया। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के सिंघिया में 436 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 429 का निराकरण हुआ। कटघोरा जनपद पंचायत के कसाईपाली शिविर में 102 में से 94 और करतला जनपद पंचायत के कराईनारा शिविर में 86 में से 72 आवेदन निराकृत किए गए। जनपद पंचायत कोरबा के शिविर में 107 में से 66 आवेदन निराकृत हुए।
इन आंकड़ों में हर आवेदन के साथ किसी नागरिक की जरूरत जुड़ी है, किसी को योजना की पात्रता और प्रक्रिया समझनी थी, तो किसी को राजस्व दस्तावेज, आवास या विभागीय सेवा की आवश्यकता थी। शिविरों ने इन जरूरतों को सुनने, संबंधित विभाग तक पहुंचाने और कार्रवाई की स्थिति जानने का एक साझा मंच उपलब्ध कराया।
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
सेवा सेतु शिविरों में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, क्षेत्रीय विधायक श्री प्रेमचंद पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न स्थानों पर सहभागिता की। शिविरों में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए तथा योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी दी।
शिविर में आवेदन प्राप्त होना समाधान की दिशा में पहला कदम है। उसका समय पर निराकरण, लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा और हितग्राहियों तक स्वीकृत लाभ पहुंचाना इस प्रयास को सार्थक बनाता है। सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त 624 लंबित आवेदनों पर आगे की कार्रवाई इस व्यवस्था की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के दौरान प्रशासन और नागरिकों के बीच बना यह सीधा संवाद तभी स्थायी भरोसे में बदलेगा, जब प्रत्येक पात्र हितग्राही को उसके आवेदन की प्रगति और निर्णय की जानकारी मिलती रहेगी।
कोरबा 15 अक्टूबर 2026/मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत छत्तीसगढ़ में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चतुर्थ ओपन काउंसलिंग का आयोजन 16 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। यह काउंसलिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर 228 रिक्त सीटों के लिए आयोजित होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काउंसलिंग सुबह 10.30 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर, अटल नगर के ब्लॉक-5, तृतीय तल स्थित हॉल नंबर-4 में होगी। काउंसलिंग की जानकारी विभागीय वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in/ पर उपलब्ध है।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग कोरबा ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों एवं उनके पालकों को निर्धारित तिथि एवं स्थान पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों को कक्षा 8वीं की अंकसूची, अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र तथा शासन द्वारा निर्धारित अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे। विशेष श्रेणी के अभ्यर्थियों को संबंधित श्रेणी का प्रमाण-पत्र भी साथ लाना होगा।
उन्होंने बताया कि काउंसलिंग के उपरांत प्रवेश के लिए पात्र पाए गए विद्यार्थियों को तीन दिवस के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित स्थानांतरण प्रमाण-पत्र तथा जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी सिकल सेल जांच प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। विद्यार्थियों एवं पालकों से निर्धारित समय पर उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए मो.नं. 7859096888 पर संपर्क किया जा सकता है।स्थानीय समस्याओं के नवाचार आधारित समाधान विकसित करने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
न्यू एरा पब्लिक स्कूल में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैंलेंज 2026 पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कोरबा, 15 अक्टूबर 2026/भारत सरकार के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 को लेकर आज न्यू एरा पब्लिक स्कूल, कोरबा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोपहर 1 बजे हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चैलेंज के उद्देश्य, पात्रता, आवेदन और पंजीयन प्रक्रिया तथा इसमें शामिल विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपने आसपास की वास्तविक सामाजिक और स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके नवाचारपूर्ण एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि इस चैलेंज में विद्यार्थी, शोधकर्ता, स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा व्यक्तिगत नवाचारी भाग ले सकते हैं। चैलेंज के अंतर्गत कुल 10 सेक्टर शामिल हैं। चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार के साथ अपने नवाचार को आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।
विद्यार्थियों को आवेदन करने के लिए वेबसाइट ूूूण्ेमअंपददवअंजपवदबींससमदहमण्प
कोरबा, 15 अक्टूबर 2026/सखी वन स्टॉप सेंटर कटघोरा में दैनिक कार्यों के संचालन के लिए सुरक्षा गार्ड/नाइट गार्ड के एक पद (अनारक्षित) पर भर्ती हेतु पात्र महिला आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इच्छुक पात्र महिला आवेदक निर्धारित प्रारूप में आवेदन 21 अक्टूबर 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड डाक से कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, कोरबा को भेज सकते हैं। निर्धारित तिथि एवं समय के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु मो.नं. 7974743179 पर संपर्क किया जा सकता है।
खरीफ 2026-27 में फसल कटाई प्रयोग सीसीई एग्री ऐप से करना अनिवार्य
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने निर्धारित समय-सीमा में प्रयोग पूरे करने के दिए निर्देश
कोरबा, 15 अक्टूबर 2026/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026-27 में अधिसूचित फसलों के फसल कटाई प्रयोग (सीसीई) शत-प्रतिशत सीसीई एग्री मोबाइल ऐप के माध्यम से किए जाएंगे। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने सभी तहसीलदारों एवं विकासखंड स्तरीय पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्षों तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों एवं समिति के सचिवों को प्रयोग निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने को कहा है।
भारत सरकार के निर्देशानुसार खरीफ वर्ष 2025 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आयोजित फसल कटाई प्रयोगों में सीसीई एग्री मोबाइल ऐप का उपयोग अनिवार्य किया गया है। ऐप के वर्तमान संस्करण में पिछले संस्करण की तुलना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन्हीं बदलावों और ऐप के उपयोग के संबंध में कृषि, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विकासखंड तथा तहसील स्तर के मास्टर ट्रेनरों और प्राथमिक उपयोगकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। उपयोगकर्ताओं को 2 सितंबर 2026 को सैद्धांतिक प्रशिक्षण तथा कोरबा के ई.वी.पी.जी. महाविद्यालय खेल मैदान में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद 7 सितंबर 2026 को प्रत्येक विकासखंड एवं तहसील के मास्टर ट्रेनरों और प्राथमिक उपयोगकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दिशा-निर्देशों तथा राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, अधिसूचित फसलों की उपज का आकलन फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से दर्ज उपज आंकड़ों के आधार पर पात्र बीमित किसानों के दावों की गणना की जाती है और बीमा कंपनी द्वारा दावा राशि का भुगतान किया जाता है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी मिलने पर सुमेर सिंह ने योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया पूरी की। उन्हें 20 जून 2026 को योजना के अंतर्गत ₹2,000 की राशि प्राप्त हुई। यह आर्थिक सहायता खेती के आवश्यक कामों में उपयोगी बनी और खेती-किसानी के समय पर उन्हें सहारा मिला।
सुमेर सिंह के लिए यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि मेहनत से जुड़ी उम्मीदों को आगे बढ़ाने का संबल है। समय पर मिली सहायता से खेती के छोटे-बड़े खर्चों की चिंता कुछ कम होती है और किसान अपने काम को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा पाते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएँ किसानों को खेती के मौसम में सहयोग देकर उनके परिश्रम का सम्मान करती हैं। सुमेर सिंह को मिला यह लाभ भी उनके लिए आत्मविश्वास और भरोसे का एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण आधार बना।
प्रधानमंत्री आवास योजना से बारिश की चिंता से मिली राहत
कोरबा 15 अक्टूबर 2026/शहर के वार्ड क्रमांक 32 स्थित पूरी बहार, आदर्श नगर की निवासी सीमा सिंह पहले कच्चे मकान में रहती थीं। बारिश का मौसम उनके लिए कई परेशानियां लेकर आता था। खपरैल की छत से पानी टपकता और घर का जरूरी सामान भीग जाता। मिट्टी की दीवारें भी बारिश में उखड़ने लगती थीं। हर बारिश के बाद उन्हें दीवारों की दोबारा छबाई करनी पड़ती थी।
सीमा सिंह को जब पता चला कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शहर में रहने वाले पात्र परिवारों को भी पक्का मकान बनाने के लिए सहायता दी जा रही है, तो उन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया। कुछ महीने बाद उनका नाम योजना में शामिल हुआ और उनके बैंक खाते में सहायता राशि की पहली किस्त पहुंची। पक्का घर बनाने की उम्मीद पूरी होते देख उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पहली किस्त मिलने पर उन्होंने मकान का निर्माण शुरू कराया। इसके बाद दूसरी और तीसरी किस्त प्राप्त होने पर निर्माण कार्य आगे बढ़ता गया और उनका घर पूरा हो गया। आज सीमा सिंह अपने परिवार के साथ पक्के मकान में रह रही हैं। अब बारिश में छत से पानी टपकने या दीवारों के उखड़ने की चिंता नहीं रहती।
पक्के घर ने उनके परिवार को सुरक्षित आश्रय दिया है और भविष्य के प्रति भरोसा भी बढ़ाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए केवल मकान पाने का माध्यम नहीं बनी, बल्कि सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की नई शुरुआत का आधार बनी है।
मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने किया पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन
आधुनिक विज्ञान और तकनीक से रूबरू होंगे के विद्यार्थी
साइंस सेंटर का निर्माण कोरबा के इतिहास में एक नया वैज्ञानिक अध्याय – मंत्री श्री लखन लाल देवांगन
कोरबा 15 अक्टूबर 2026/औद्योगिक नगरी कोरबा के विकास में अब विज्ञान और आधुनिक तकनीक का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर के रिस्दी रोड पर 25 करोड़ रुपये की लागत से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर बनाया जाएगा। वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। अडानी फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर मद के अंतर्गत बनने वाला यह केंद्र विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों, वैज्ञानिक प्रयोगों और अत्याधुनिक तकनीकों को करीब से समझने का अवसर प्रदान करेगा। यह परियोजना न केवल कोरबा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की दुनिया से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि साइंस सेंटर का निर्माण कोरबा के इतिहास में एक नया वैज्ञानिक अध्याय लिखेगा। इस केंद्र से जिले के बच्चों सहित पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सीखने के नए अवसर मिलेंगे। विद्यार्थी यहां वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से नई-नई चीजों को समझ सकेंगे और चंद्रयान एवं मंगलयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों में उपयोग होने वाली तकनीकों के बारे में जान सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत-2047 की संकल्पना को साकार करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और तकनीक सहित सभी क्षेत्रों में निरंतर प्रगति आवश्यक है। साइंस सेंटर जैसी परियोजनाएं बच्चों को ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाती हैं तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह केंद्र कोरबा को विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।
प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार की जानकारी देते हुए मंत्री श्री लखन लाल ने कहा कि राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है और इसके माध्यम से औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में उद्योग स्थापना की दिशा में धरातल पर कार्य हो रहे हैं। डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर पार्क और टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं के विकास से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि कोरबा तेजी से महानगर के स्वरूप में आगे बढ़ रहा है। शहर में सड़क, पुल-पुलियों और यातायात सुविधाओं के विकास के लिए सीएसआर एवं डीएमएफ मद से विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। सीतामढ़ी से उरगा रोड, बरबसपुर से दर्री रोड तथा ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक होते हुए रिस्दी चौक तक सड़क निर्माण एवं मरम्मत के कार्यों से आवागमन सुगम होगा और यातायात व्यवस्था बेहतर बनेगी। उन्होंने बताया कि शहर संजयनगर के पास अंडरब्रिज का कार्य भी शुरू हुआ है। साथ ही जल्द ही सुनालिया, सर्वमंगला और बेलगिरी सहित अन्य स्थानों पर पुल-पुलियों के निर्माण किया जाएगा। इन विकास कार्यों से शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि साइंस सेंटर के निर्माण से कोरबा के बच्चों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों को जानने और आधुनिक तकनीक को समझने का अवसर मिलेगा। यह केंद्र विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने, उनकी जिज्ञासा बढ़ाने और उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में सहायक होगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए जिला प्रशासन और अडानी फाउंडेशन को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि साइंस सेंटर जिला प्रशासन और सीएसआर के सहयोग से साकार होने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने कहा कि लगभग 1.30 लाख वर्गफीट क्षेत्र में विकसित होने वाला यह केंद्र विद्यार्थियों को विज्ञान से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं जिला स्तर पर उपलब्ध कराएगा। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े साइंस सेंटर के रूप में विकसित होने वाली इस परियोजना में बच्चों को प्रयोगों, गतिविधियों और व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से विज्ञान सीखने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों की जिज्ञासा को प्रोत्साहन मिलेगा और विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को समझना आसान होगा।
कलेक्टर ने बताया कि साइंस सेंटर में रोबोटिक्स जोन, स्पेस जोन, प्लेनेटोरियम, माइनिंग एक्सपीरियंस जोन, कल्चरल सेंटर तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियलिटी आधारित सुविधाओं सहित आधुनिक तकनीक से जुड़े विभिन्न क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थी विज्ञान और तकनीक को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए समझ सकेंगे। इससे उनकी बुनियादी वैज्ञानिक समझ मजबूत होगी और तकनीक के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले के पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थियों के अहमदाबाद स्थित साइंस सेंटर भ्रमण के दौरान वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया गया था। कोरबा में भी इस स्तर की सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को अपने जिले में ही विज्ञान और नवाचार से जुड़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि कोरबा एक प्रमुख औद्योगिक नगरी है और शासन का प्रयास है कि शहर के विकास में उद्योग भी महत्वपूर्ण भागीदार बनें। इस दिशा में सीएसआर मद से कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। बालको द्वारा शहर के भीतर फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, इसी प्रकार एसईसीएल ने सीतामढ़ी-उरगा सड़क निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। स्वामी विवेकानंद शैक्षणिक परिसर में लाइब्रेरी का निर्माण भी सीएसआर मद से किया जायेगा। इसके अतिरिक्त शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य कार्यों को भी सीएसआर मद से स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की सहभागिता से विकास कार्यों को गति मिल रही है और स्थानीय नागरिकों को इसका लाभ प्राप्त हो रहा है।
उन्होने कहा कि 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह साइंस सेंटर कोरबा के शैक्षणिक और तकनीकी विकास को नई दिशा देगा। आधुनिक विज्ञान, प्रयोगों और नवाचार पर आधारित सुविधाओं से सुसज्जित यह केंद्र विद्यार्थियों के लिए ज्ञान-विज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनने के साथ छत्तीसगढ़ को विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। श्री गोपाल मोदी ने कहा कि कोरबा में बनने वाला साइंस सेंटर छत्तीसगढ़ में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर सभापति नगर निगम श्री नूतन सिंह ठाकुर, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन, निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, डॉ राजीव सिंह, श्री नरेंद्र देवांगन, सहित अन्य एमआईसी सदस्य, सीईओ अडानी फाउंडेशन श्री वैभव टंडन, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।









