
*सेवा की कहानी*
*शांतिलाल यादव को भवन निर्माण की अनुमति के लिए मिले बी-1 और पी-2 दस्तावेज, कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिली राहत*
*सेवा संकल्प अभियान के तहत एक ही स्थान पर मिल रही शासकीय सेवाएं, नागरिकों का बच रहा समय और श्रम*
*रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/* आम नागरिकों तक शासकीय सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु शिविर लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रहे हैं। दुर्ग जिले में विकासखंड एवं विधानसभावार आयोजित इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए अलग-अलग शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।
इसी कड़ी में श्री शांतिलाल यादव के लिए सेवा सेतु शिविर बड़ी सुविधा लेकर आया। उन्हें भवन निर्माण की अनुमति संबंधी प्रक्रिया के लिए भूमि के बी-1 (खतौनी) और पी-2 (खसरा) दस्तावेजों की आवश्यकता थी। उन्होंने शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। इससे उनका समय बचा और राजस्व कार्यालयों में बार-बार जाने की परेशानी भी दूर हुई।
इसी प्रकार श्री कमल नारायण और श्री संतराम पटेल ने भी अपने आवश्यक कार्यों के लिए भू-अभिलेख संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने हेतु शिविर में आवेदन किया। संबंधित अधिकारियों ने उनके आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की।
श्री कमल नारायण ने बताया कि बी-1 और पी-2 जैसे राजस्व दस्तावेज भूमि संबंधी विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं। सेवा सेतु शिविर में इनकी सुविधा मिलने से नागरिकों को काफी सहूलियत हो रही है। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर जरूरी सेवाएं उपलब्ध होने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। इसके लिए उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से शासकीय सेवाओं को नागरिकों के और करीब लाने का प्रयास किया जा रहा है। शांतिलाल यादव सहित अन्य हितग्राहियों को मिली सुविधा इस बात का उदाहरण है कि समय पर सेवाओं की उपलब्धता से आम लोगों की परेशानियां कम होती हैं और शासन की जनहितकारी पहल का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचता है।









