
कोरबा 16 अक्टूबर 2026/जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पिपरिया के किसान प्यारे लाल खेती-किसानी के जरिए अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। खेती में बढ़ती लागत और समय पर आवश्यक संसाधन जुटाने की चुनौती के बीच कृषक उन्नति योजना से मिली सहायता ने उन्हें बड़ी राहत दी।
योजना के अंतर्गत उनके खाते में ₹1,50,000 की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से उन्हें खेती से जुड़ी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने और आगामी कृषि कार्यों की तैयारी करने में मदद मिली। आर्थिक संबल मिलने से परिवार की स्थिति में भी सुधार आया और खेती को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने का भरोसा बढ़ा।
प्यारे लाल के लिए यह सहायता केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि मेहनत से खेती करने के उनके संकल्प को मजबूत करने वाला सहारा बनी है। कृषक उन्नति योजना जैसी पहल किसानों को सहयोग देकर उनकी आजीविका को स्थिर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पक्के घर के साथ रामानंद बिंझवार के सपने को मिला नया आधार
कोरबा, 16 अक्टूबर 2026/कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा अंतर्गत पोड़ीबहार वार्ड निवासी रामानंद बिंझवार के लिए अपना पक्का घर बनाना लंबे समय से एक सपना था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण वे कच्चे मकान को पक्का नहीं बना पा रहे थे। बरसों तक परिवार को उसी मकान में रहना पड़ा, जहाँ बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता और दीवारें उखड़ने लगती थीं। घर का परस खराब होने से भी उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 की जानकारी मिलने पर रामानंद ने नगर पालिक निगम कोरबा में आवेदन जमा किया और योजना से जुड़ी जानकारी लेते रहे। योजना में नाम आने के बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेज जमा किए। इसके पश्चात उनके खाते में आवास निर्माण के लिए पहली किस्त की राशि पहुंची। किस्त मिलने से पक्का घर बनाने की उनकी उम्मीद को बल मिला।
आवास निर्माण के लिए योजना की किस्तें प्राप्त होने के साथ रामानंद ने अपना पक्का मकान तैयार कराया। अब वे ऐसे घर में रह रहे हैं, जहाँ बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और दीवारों के खराब होने जैसी परेशानियों से राहत मिली है। वर्षों से कच्चे मकान में रहकर झेली कठिनाइयों के बाद पक्का घर उनके परिवार के लिए सुरक्षित और बेहतर जीवन का नया आधार बना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के माध्यम से रामानंद बिंझवार का पक्का घर बनाने का सपना पूरा हुआ। वे इस सहयोग के लिए शासन और नगर पालिक निगम कोरबा के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
श्रमिक कार्ड से मिला सहारा, बेटी की पढ़ाई को मिली नई दिशा
कोरबा 16 अक्टूबर 2026/कोरबा शहर के पथर्रीपारा वार्ड निवासी उत्तमाबाई पति रमाकांत के लिए अपनी बेटी की पढ़ाई जारी रखना महत्वपूर्ण था। श्रमिक कार्ड बनने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं की जानकारी मिली। उन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया।
उत्तमाबाई ने बताया कि उनकी बेटी चंचला आनंद को नारी सशक्तीकरण योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। उन्होंने इस राशि का उपयोग बेटी की पढ़ाई में किया। आर्थिक सहयोग से चंचला को आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली।
उत्तमाबाई के अनुसार, श्रमिक कार्ड बनने के बाद उन्हें श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी मिली और परिवार को उनका लाभ मिल सका। वे इस सहायता के लिए श्रम विभाग और शासन के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
मत्स्य पालन से सशक्त हुईं जय माँ चोढा रानी स्व सहायता समूह की महिलाएं
कोरबा 16 अक्टूबर 2026/जिले के पाली विकासखंड के ग्राम चोढा का जय माँ चोढा रानी स्व सहायता समूह मत्स्य पालन के माध्यम से अपनी आजीविका को मजबूत कर रहा है। पहले समूह की महिलाओं को मछली पालन के लिए जाल और मछली बीज जुटाने में कठिनाई होती थी। सीमित संसाधनों के कारण इस गतिविधि को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण था।
मत्स्य पालन विभाग की राज्य पोषित मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में समूह को जाल और मछली बीज का लाभ मिला। इस सहायता से महिलाओं को मत्स्य पालन शुरू करने और उसे व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिली। मछली पालन से आजीविका के अवसर बढ़े और समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ीं।
समूह की महिलाओं का कहना है कि योजना से मिले संसाधनों ने उन्हें अपनी मेहनत और सामूहिक प्रयास से आय का नया साधन विकसित करने में सहयोग दिया है। जय माँ चोढा रानी स्व सहायता समूह की यह पहल बताती है कि उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं स्थानीय अवसरों को आजीविका में बदल सकती हैं।
सोलर सिस्टम से बिजली बिल में राहत, साहेबलाल और उर्मिला बाई के घर आई आर्थिक बचत
कोरबा 16 अक्टूबर 2026शहर के पास रहने वाले साहिबलाल कर्स के परिवार के लिए बिजली बिल का बढ़ता खर्च चिंता का विषय था। हर महीने बिल जमा करने से घरेलू बजट पर असर पड़ता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की जानकारी मिलने पर साहिबलाल ने घर की बिजली जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करने का विकल्प अपनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ अपनी पत्नी उर्मिला बाई कर्स के नाम पर लिया और घर में सोलर सिस्टम लगवाया। सोलर सिस्टम शुरू होने के बाद अब उनके बिजली बिल में काफी कमी आई है और बिल कई बार नगण्य के बराबर आता है। इससे परिवार को नियमित खर्च में राहत मिली है और बचत भी हो रही है।
साहिबलाल और उर्मिला बाई के लिए यह योजना स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के साथ-साथ घरेलू खर्च कम करने का भी माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने उनके घर को रोशन करने के साथ परिवार के बजट को भी सुकून दिया है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से श्रीमती नेहा मरावी को मिला संबल
मां-बच्ची के पोषण और स्वास्थ्य को मिली मजबूती
कोरबा 16 अक्टूबर 2026/कोरबा जिले की ग्राम पंचायत बोइदा निवासी श्रीमती नेहा मरावी को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत द्वितीय बालिका के जन्म पर ₹6,000 की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस सहायता से उन्हें अपनी और अपनी बच्ची की पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली।
श्रीमती नेहा मरावी बताती हैं कि आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से उनका आवेदन भरवाया गया था। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने और अपनी बच्ची के पौष्टिक आहार, पोषण तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया। इससे उन्हें मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में आर्थिक सहारा मिला और बच्ची की बेहतर देखभाल करने में मदद मिली।
श्रीमती मरावी ने योजना से मिली सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहयोग से उन्हें अपनी और अपनी बच्ची की आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिली है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृ एवं शिशु के पोषण, स्वास्थ्य और बेहतर देखभाल को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
बरसात की कठिन राहों से सुगम आवागमन की ओर – पीएम जनमन सड़कों का काम शुरू
पीवीटीजी बसाहटों को जोड़ने वाली सड़कों पर डामरीकरण और संधारण कार्य जारी
कोरबा, 16 अक्टूबर 2026/बारिश थमने के बाद अब दूरस्थ वनांचल की उन सड़कों पर काम शुरू हो गया है, जिनसे गांवों और बसाहटों का रोजमर्रा का जीवन जुड़ा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत जिले में सड़कों के डामरीकरण एवं आवश्यक संधारण कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों से पीवीटीजी बसाहटों तक पहुंच आसान बनाने और ग्रामीणों के आवागमन को अधिक सुगम करने की दिशा में कदम बढ़ा है।
बरसात के दिनों में दूरस्थ गांवों की सड़कें अक्सर चुनौती बन जाती हैं। कीचड़, फिसलन और जगह-जगह पानी जमा होने से पैदल चलना तथा दोपहिया या अन्य वाहनों से आवागमन कठिन हो सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चों का स्कूल पहुंचना, ग्रामीणों का बाजार और जरूरी सेवाओं तक जाना भी परेशानी भरा हो जाता है। स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता के समय रास्ते की कठिनाई चिंता बढ़ा सकती है। इसलिए सड़क का बेहतर होना केवल यात्रा को आसान बनाने का काम नहीं करता, बल्कि गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ने में भी मदद करता है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने वर्षा ऋतु के बाद सड़कों पर डामरीकरण एवं आवश्यक संधारण कार्यों को प्राथमिकता से कराने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए हैं। इन निर्देशों के तहत कार्यपालन अभियंता श्री सी.बी.तँवर द्वारा जिले में संबंधित सड़कों पर कार्य कराया जा रहा है।
पाली विकासखंड में पीएम जनमन के तहत पीवीटीजी बसाहटों को जोड़ने वाली भंडारखोल से खैरबहार सड़क पर डामरीकरण कार्य प्रारंभ किया गया है। 1.4 किलोमीटर लंबी यह सड़क स्थानीय बसाहटों के लिए संपर्क मार्ग का काम करेगी। सड़क का निर्माण पूरा होने पर ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इसी क्रम में कोरबा विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में ऐलोंग से सिमकेंदा वाया तितरडांड तक 5.58 किलोमीटर लंबी स्वीकृत सड़क पर डामरीकरण की तैयारी की जा रही है। वहीं, नकिया से खम्हुन तक 5.50 किलोमीटर लंबी सड़क का कार्य भी शुरू किया गया है। इन मार्गों का विकास दूरस्थ गांवों के संपर्क को मजबूत करने और बरसात के बाद आवागमन को बेहतर बनाने में सहायक होगा।
वर्षा ऋतु के बाद अन्य मार्गों की स्थिति को देखते हुए आवश्यक संधारण कार्य कराने के निर्देश भी संबंधित ठेकेदारों को दिए गए हैं। कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
इन सड़कों का कार्य अभी जारी है। काम पूरा होने के बाद ग्रामीणों को अधिक सुगम और भरोसेमंद आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। दूरस्थ बसाहटों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की यह पहल गांवों के दैनिक जीवन को सहज बनाने और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
रबी सीजन में टोकन और क्यूआर कोड से होगा उर्वरक वितरण
नई डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने और कालाबाजारी पर रोक लगाने का प्रयास
कोरबा, 16 अक्टूबर 2026/रबी सीजन 2026-27 में किसानों को रासायनिक उर्वरकों के वितरण के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है। कृषि विभाग द्वारा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल थ्थ्ै सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन प्रणाली से उर्वरक वितरित किए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सही समय पर उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है।
थ्थ्ै एप के माध्यम से उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरकों की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी भी इसमें दर्ज होगी। इससे उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा सकेगी। संबंधित अधिकारी उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मांग, आपूर्ति और वितरण की स्थिति की समीक्षा कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपसंचालक कृषि, कोरबा द्वारा को जिले के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों, कृषि विकास अधिकारियों, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, कृषक मित्रों, निजी एवं थोक उर्वरक विक्रेताओं, सहकारी समितियों और लोक सेवा केंद्रों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली तथा टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। सहकारिता विभाग, विपणन संघ और सेवा सहकारी समितियों से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को भी तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
किसानों तक नई व्यवस्था की जानकारी पहुंचाने के लिए कृषि विभाग का मैदानी अमला गांव-गांव कृषि चौपाल आयोजित करेगा। अगले सप्ताह से ग्राम स्तर पर होने वाली चौपालों में किसानों को एफएफएस सॉफ्टवेयर में टोकन जारी करने की प्रक्रिया और उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। कृषि विभाग का प्रयास है कि रबी सीजन में किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों की मरम्मत और बीटी पैच कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण कर प्रगति एवं गुणवत्ता का लिया जायजा
सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों के कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
कोरबा, 16 अक्टूबर 2026/लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज कोरबा जिले में निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी उपस्थित थे।
सचिव श्री बंसल ने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों के बीटी पैच मरम्मत कार्यों में तेजी लाने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत प्राथमिकता से कराने को कहा, ताकि लोगों का आवागमन सुगम और सुरक्षित बना रहे।
उन्होंने निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं का समय पर निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि इनके कारण कार्यों की प्रगति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सभी निर्माण कार्य तय समयावधि में पूर्ण कर नागरिकों को उनका लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
श्री बंसल ने कटघोरा-हरदीबाजार-बलौदा-अकलतरा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा हरदीबाजार-तरदा-सर्वमंगला-इमली
निरीक्षण एवं बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे, अधीक्षण अभियंता (वि./यां.) श्री सुरेश भूपल, कोरबा संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जी.आर. जांगड़े सहित विभागीय अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
म्हिला कृषक सम्मेलन आयोजित
कोरबा 16 अक्टूबर 2026/अंतराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस के अवसर पर 15 अक्टूबर 2026 को ग्राम झोरा विकासखण्ड कटघोरा जिला कोरबा में महिला कृषक सम्मेलन का कार्यक्रम आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में जनपद पंचायत कटघोरा के अध्यक्ष श्रीमती झूल बाई, जनपद पंचायत कटघोरा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री गोविंद सिंह कंवर, सहायक संचालक कृषि श्रीमति पुष्पा कंवर, कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस.पी.सिंह, वरिष्ठ विषय वस्तु विशेषज्ञ श्री दीपक तंवर, विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. अर्चना कुर्रे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री एम.पी.सिंह, कृषि विकास अधिकारी श्री टम्पाल सिंह, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री अविनाश पटेल एवं श्रीमती श्रीतमा पाल एवं कृषि सखी, पशु सखी, महिला समूह एवं कृषक बंधु की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
जिला पंचायत की स्थायी शिक्षा समिति की बैठक 17 अक्टूबर को
कोरबा 16 अक्टूबर 2026/जिला पंचायत की स्थायी शिक्षा समिति की बैठक शनिवार, 17 अक्टूबर को सुबह 11 बजे जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक में शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों और एजेंडों पर चर्चा होगी।
बैठक में पाठ्यक्रम, अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारियों, शौचालयविहीन विद्यालयों तथा अहाताविहीन विद्यालयों की स्थिति की जानकारी सहित अन्य शैक्षणिक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 के संदर्भ में छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जाएगा
कोरबा 16 अक्टूबर 2026/भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार दिनांक 01 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के संदर्भ में छत्तीसगढ़ राज्य में फोटो युक्त मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा।
इस पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी कारण से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाये छूटे हुए पात्र नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना है।
पुनरीक्षण कार्यक्रम की मुख्य तिथियां- मतदान केंद्रों का युक्तिकरण/पुनर्गठन- 02 नवंबर 2026 तक, प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन- 12 नवंबर 2026, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि- 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक, दावों और आपत्तियों का निराकरण- 28 दिसंबर 2026 तक, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन- 04 जनवरी 2027
अभियान की प्रमुख विशेषताएं-
01 जनवरी 2027 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं के अलावा, वर्ष 2027 की आगामी तीन अर्हता तिथियों (1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर) को पात्र होने वाले नागरिक भी अग्रिम आवेदन जमा कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया एवं डिजिटल सेवाएं –
नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (प्रवासी मतदाताओं के लिए 6।), नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 तथा संशोधन, स्थानांतरण व दिव्यांग चिन्हांकन के लिए फॉर्म-8 भरा जाएगा। नागरिक मतदाता सेवा पोर्टल ( voters.eci.gov.in ) अथवा ECINET मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन-
प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक नहीं रखी जाएगी। साथ ही, मतदान केंद्र मतदाताओं के निवास से 2 किमी के दायरे में तथा भू-तल पर स्थित होना अनिवार्य किया गया है।
समावेशी दृष्टिकोण- वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं, बेघर व कमजोर वर्गों के पंजीकरण के लिए विशेष शिविर व जिला एवं विधानसभा क्षेत्र स्तर पर सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 12 नवंबर 2026 को किया जाएगा।
सभी पात्र नागरिकों से अपील की गई है कि वे 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में अपने विवरण की जांच अवश्य करें। यदि प्रारूप मतदाता सूची नाम शामिल न हो पाया हो तो नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (प्रवासी मतदाताओं के लिए 6।), में दावा प्रस्तुत किया जा सकता है। अथवा प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किसी अपात्र नाम को विलोपित/ नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 में तथा संशोधन, स्थानांतरण व दिव्यांग चिन्हांकन के लिए फॉर्म-8 दावा प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 निर्धारित है।
अपील – लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के अंतर्गत ईआरओ (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) के किसी भी निर्णय के विरुद्ध,लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24(ंए) के तहत जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील की जा सकती है। इसके अलावा, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय के विरुद्ध धारा 24(बी) के तहत सीईओ (मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी) के पास दूसरी अपील की जा सकती है।
ईपिक कार्ड- पंजीकरण के बाद, हर मतदाता ECINET ऐप के ज़रिए अपना e&EPIC डाउनलोड कर सकता है। इसके लिए मतदाता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ैडै के ज़रिए एक लिंक भेजा जाता है। जो लोग पहले से मतदाता हैं, वे भी ECINET मोबाइल एप्लिकेशन या पोर्टल के ज़रिए अपना e-EPIC डाउनलोड कर सकते हैं। EPIC की एक फिजिकल कॉपी मतदाताओं तक स्पीड पोस्ट या BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) के ज़रिए पहुँचाई जाएगी। ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने बूथ लेवल अधिकारी से बात करने के लिए बुक ए कॉल विद बीएलओ में कॉल रिक्वेस्ट भी भेज सकते है।
ऐसे सभी पात्र नागरिक जिनका नाम किसी भी कारण से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका हो और 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे सभी पात्र युवा, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाये जा रहे इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अपना नाम पंजीकरण कराने हेतु अवश्य आवेदन करें और मतदान से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाईट ूूू www-ceochhattisgarh-nic-in सीईओ छत्तीसगढ़ के सभी सोशल मीडिया हैण्डल्स पर अधिकारिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।
मतदाता पंजीकरण से संबंधित किसी भी सहायता के लिए टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते है।
प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश द्वारा स्पेशल लोक अदालत 21 नवंबर 2026 को होने वाले चेक बाउंस के मामले के संबंध में ली गई न्यायाधीशों की बैठक
कोरबा 16 अक्टूबर 2026/चेक बाउंस से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए 21 नवंबर 2026 को विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। विशेष लोक अदालत जिला न्यायालय व तालुका स्तर न्यायालय में आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश और सुप्रीम कोर्ट की विशेष पहल के तहत आयोजित इस लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत लंबित मामलों के निष्पादन पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना है। विशेष लोक अदालत की तैयारियों और मामलो के निराकरण को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा श्रीमती नीता यादव की अध्यक्षता में दिनांक 15.10.2026 को न्यायिक अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें न्यायिक पदाधिकारीगण व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा की सचिव कु0 डिम्पल, शामिल हुए। बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा श्रीमती नीता यादव ने कहा कि चेक बाउंस से जुड़े मामलों में आपसी समझौते से विवादों का समाधान संभव है। विशेष लोक अदालत पक्षकारों को सरल और सुलभ तरीके से मामले निपटाने का अवसर देती है। उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित ऐसे मामलों को चिंहित कर समय पर आवश्यक कार्यवाई शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार पक्षकारों के बीच प्री-काउंसलिंग और समझौता वार्ता आयोजित करने पर भी जोर दिया, ताकि विवादों को आपसी सहमति से सुलझाया जा सके। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा सु़श्री मयुरा गुप्ता ने बताया कि न्यायालयों में लंबित मामलों के आधार पर संबंधित पक्षकारों को नोटिस भेजने सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाए पूरी किये जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। कु0 डिम्पल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा बताया गया है कि स्पेशल लोक अदालत के सफल आयोजन व क्रियान्वयन हेतु बैंक व फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों व अधिवक्तागणो के साथ बैठक आयोजित की जा रही है। जिससे अधिक से अधिक चेक बाउंस के प्रकरणों का निराकरण किया जाना सुनिश्चित किया जा सके।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा श्रीमती नीता यादव ने न्यायाधीशगण को निर्देशित किया कि लोक अदालत की सफलता के लिए पक्षकारों को समय पर सूचना देना और उन्हें समझौते के लिए प्रेरित करना सुनिश्चित किया जावे। उन्होंने आम नागरिकों और संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत जिनका कोई मामला न्यायालय में लंबित है, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा व संबंधित न्यायालय से संपर्क कर सकते है। पक्षकार प्री-सिटिंग या 21 नवंबर को आयोजित विशेष लोक अदालत में शामिल होकर समझौते के माध्यम से मामले के निपटारे की पहल कर सकते है। इस बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा सुश्री मयुरा गुप्ता, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा श्री सत्यानंद प्रसाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा श्रीमती सोनी तिवारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा कु0 डॉली ध्रुव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा कु0 डिम्पल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा कु0 तृप्ति राघव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा कु0 ग्रेसी सिंह, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा कु0 प्रिया, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा कु0 तृप्ति अग्रवाल उपस्थित रहे।









