
व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश
धमतरी, 16 अक्टूबर 2026।जिले में संचालित संस्थाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर विभिन्न संस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में उपसंचालक, समाज कल्याण विभाग द्वारा धमतरी स्थित नशा मुक्ति केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और गतिविधियों का जायजा लिया गया। इस दौरान केंद्र के प्रबंधन एवं कर्मचारियों को व्यवस्था में सुधार, अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
कर्मचारियों की उपस्थिति और नियमित निगरानी पर जोर
निरीक्षण के दौरान नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधक को सभी कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संस्था की दैनिक गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी के लिए परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य केंद्र की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने, अनुशासन को मजबूत करने तथा निर्धारित जिम्मेदारियों के निर्वहन में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
स्वच्छता, भोजन और पुनर्वास सेवाओं पर विशेष ध्यान
केंद्र में निवासरत व्यक्तियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता, भोजन, देखभाल, अनुशासन तथा पुनर्वास संबंधी गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा गया कि केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का समुचित उपयोग सुनिश्चित करते हुए सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मापदंडों एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएं। नशा मुक्ति केंद्र में आने वाले व्यक्तियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना तथा उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना प्राथमिकता में रखा जाए।
लापरवाही पाए जाने पर तय होगी जिम्मेदारी
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिले की सभी संबंधित संस्थाओं में व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संस्थाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा अव्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी। निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने या अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि संस्थाओं का संचालन केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि वहां उपलब्ध सुविधाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर और प्रभावी ढंग से मिले। इसी उद्देश्य से आकस्मिक निरीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, ताकि व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
/: पाराशर//









