
योजना के तहत आवेदन करते समय सरस्वती कंवर ने अपनी बेटी की पढ़ाई के बारे में जानकारी दी। आवेदन स्वीकृत होने पर उन्हें 20 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। इस सहयोग से बेटी की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली और परिवार को आर्थिक संबल मिला।
सरस्वती कंवर ने कहा कि यह योजना उपयोगी और लाभदायक है। इससे उनकी बेटी की पढ़ाई की राह आसान हुई है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
कोरबा 17 अक्टूबर 2026/सीमित संसाधनों के बीच कृषि और मजदूरी पर निर्भर रहने वाले ग्राम माखुरपानी, पोस्ट अजगरबहार निवासी श्री जयपाल सिंह के लिए बकरी पालन कभी सिर्फ अतिरिक्त आय का साधन था। पर्याप्त पूंजी, उन्नत पशुधन और वैज्ञानिक जानकारी के अभाव में वे इसे बड़े स्तर पर शुरू करने का जोखिम नहीं उठा पा रहे थे। लेकिन शासकीय योजना से मिले सहयोग ने उनके इस छोटे प्रयास को व्यवस्थित आजीविका का रूप दे दिया।
जयपाल सिंह, पिता श्री विश्वनाथ सिंह, पहले खेती और मजदूरी के साथ सीमित संख्या में बकरियां पालते थे। संसाधनों की कमी के कारण बकरी पालन से होने वाली आय भी सीमित थी। उन्हें हमेशा इस बात की चिंता रहती थी कि यदि पशुओं में बीमारी आ गई या उचित देखभाल नहीं हो पाई तो आर्थिक नुकसान हो सकता है।
इसी दौरान पशुधन विकास विभाग के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य बकरी उद्यमिता विकास योजना की जानकारी मिली। योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 13 बकरी और 2 बकरा, कुल 15 नग पशुधन उपलब्ध कराया गया तथा 50 हजार रुपये की सब्सिडी का लाभ मिला।
शासकीय सहायता मिलने के बाद जयपाल सिंह ने बकरी पालन को व्यवस्थित तरीके से करना शुरू किया। पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने बकरियों के समय पर टीकाकरण, कृमिनाशक दवा, उचित पोषण, देखभाल तथा नस्ल सुधार जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया। इससे पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ और बकरी पालन के प्रति उनका भरोसा भी बढ़ा।
धीरे-धीरे बकरी पालन उनके परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बन गया। जो काम पहले सीमित स्तर पर किया जाता था, वही अब नियमित आय का माध्यम बन चुका है। योजना का लाभ मिलने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1.80 लाख रुपये हो गई है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहूलियत मिली है।
जयपाल सिंह बताते हैं, “पशुधन विकास विभाग से मिली सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन से मैं बकरी पालन को बेहतर तरीके से कर पा रहा हूं। पहले जहां इसे छोटे स्तर पर करता था, वहीं अब यही मेरे परिवार की आय का महत्वपूर्ण साधन बन गया है। इससे मेरी आय बढ़ी है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।”
जयपाल सिंह की यह कहानी बताती है कि शासकीय सहायता, सही तकनीकी मार्गदर्शन और मेहनत के साथ पारंपरिक पशुपालन को भी लाभकारी उद्यम में बदला जा सकता है। बकरी पालन ने उनके परिवार को आर्थिक मजबूती देने के साथ आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से खेती को मिला सहारा, साहूकारों से कर्ज की जरूरत हुई कम
कोरबा 17अक्टूबर 2026/विकासखंड के ग्राम कोलगा निवासी किसान श्री शांति लाल राठिया पिता श्री परि राम राठिया सीमित कृषि भूमि पर खेती कर अपने आठ सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करते हैं। खेती के लिए खाद, बीज, कीटनाशक और मजदूरी जैसी जरूरतें पूरी करने में उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार इन जरूरतों के लिए साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता था, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी मिलने पर श्री राठिया ने कृषि विभाग से संपर्क कर योजना का लाभ लिया। इसके तहत उन्हें प्रतिवर्ष ₹6,000 की सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में मिलती है।
इस राशि का उपयोग वे खाद, बीज और खेती-किसानी से जुड़ी अन्य जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। समय पर कृषि कार्यों में निवेश होने से उन्हें खेती संभालने में मदद मिली है और साहूकारों से छोटी रकम उधार लेने की जरूरत कम हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिवार की वार्षिक आय पहले लगभग ₹60,000 थी, जो अब बढ़कर लगभग ₹70,000 हो गई है। खेती की जरूरतें पूरी होने से परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
श्री राठिया के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की सहायता खेती के छोटे लेकिन जरूरी खर्चों को समय पर पूरा करने का सहारा बनी है। वे कहते हैं कि योजना से मिलने वाली राशि खेती की जरूरतों में बहुत उपयोगी है और इससे खेती-किसानी में आर्थिक सहारा मिलता है।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक सहारा, परिवार की जिम्मेदारियों में बढ़ी भागीदारी
आर्थिक सहायता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, रामवती कंवर को मिला संबल
योजना की राशि से घर और बच्चों की जरूरतें पूरी करने में मिलती है मदद” – रामवती कंवर
कोरबा 17 अक्टूबर 2026/ घर-परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए महिलाओं के लिए अपनी जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर खर्च करने के लिए आर्थिक सहयोग मिलना काफी मायने रखता है। छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता महिलाओं को घरेलू जरूरतों में योगदान देने और परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में मदद कर रही है।
जिला कोरबा के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम लाफा निवासी श्रीमती रामवती कंवर भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। योजना का लाभ मिलने से पहले उन्हें घरेलू खर्चों और बच्चों की आवश्यकताओं के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब हर महीने उनके बैंक खाते में एक हजार रुपये की राशि पहुंच रही है, जिसका उपयोग वह सोच-समझकर घर और बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में करती हैं।
श्रीमती रामवती कंवर बताती हैं, “महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि मेरे लिए काफी मददगार है। मैं इस पैसे से बच्चों के लिए कॉपी-किताब और पढ़ाई से जुड़ी जरूरी चीजें खरीदती हूं। घर में राशन, सब्जी और रोजमर्रा में काम आने वाले सामान की खरीदी में भी सहयोग कर पाती हूं। इससे परिवार के खर्चों को संभालने में मदद मिलती है और बच्चों की जरूरतें पूरी करने की चिंता भी कुछ कम होती है।”
रामवती कंवर के लिए योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों में योगदान देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अपनी जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा और घर के आवश्यक खर्चों में सहयोग कर पाने से उन्हें संतोष मिलता है। वह इस योजना को महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली उपयोगी पहल मानती हैं।
योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती रामवती कंवर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देती हैं। वह कहती हैं, “महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से मुझे घर के खर्चों और बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने का अवसर मिला है। हर महीने खाते में पैसे आने से जरूरी सामान खरीदने में सहूलियत होती है और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में मदद मिलती है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सहयोग देने वाली इस योजना के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आभारी हूं।”
सेवा सेतु से ग्रामीण परिवारों को मिल रही शासकीय सेवाओं की सहज सुविधा
अब बच्चों के दस्तावेज बनवाने के लिए बार-बार नहीं जाना पड़ता शासकीय कार्यालय” – मनी राम
कोरबा 17 अक्टूबर 2026/बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने में पहले अभिभावकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। आने-जाने में समय और धन खर्च होने के साथ ही जरूरी कामों के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते थे। सेवा सेतु के माध्यम से अब आवश्यक शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है, जिससे नागरिकों को अपने ही क्षेत्र में आवेदन की सुविधा मिल रही है।
पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम कोरबी निवासी श्री मनी राम को अपनी पुत्री सती कुमारी और पुत्र सत्य नारायण के आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक ऑनलाइन सेंटर के माध्यम से आवेदन किया। आवेदन के कुछ ही दिनों के अंदर दोनों बच्चों के आय प्रमाण पत्र जारी हो गए। इससे उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों में बार-बार जाने की परेशानी से राहत मिली।
अपना अनुभव साझा करते हुए श्री मनी राम बताते हैं, “पहले बच्चों के जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। इस बार मैंने सुतर्रा के अशोक ऑनलाइन सेंटर से आवेदन किया और केवल तीन दिन में दोनों बच्चों के आय प्रमाण पत्र बन गए। मुझे कहीं बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे समय और पैसे की बचत हुई और मेरा काम भी आसानी से हो गया।”
श्री मनी राम का कहना है कि सेवा सेतु जैसी सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए शासकीय सेवाओं का लाभ लेना सरल हुआ है। अब आवश्यक दस्तावेजों के लिए आवेदन करने में कम परेशानी होती है और परिवार के दूसरे जरूरी कामों के लिए भी समय मिल पाता है।
इस सुविधा के लिए श्री मनी राम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं, “सरकार की इस पहल से हम जैसे ग्रामीण परिवारों को काफी सुविधा मिल रही है। मेरे दोनों बच्चों के आय प्रमाण पत्र तीन दिन में जारी हो गए, जिससे मुझे बहुत राहत मिली। पहले जिन कामों के लिए बार-बार जाना पड़ता था, वे अब आसानी से हो रहे हैं। आम लोगों का समय और धन बचाने वाली इस व्यवस्था के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देता हूं।”
गुड़रुमुड़ा की ज्योति कंवर को मातृत्व वंदना योजना से मिली मदद, बच्चे की देखभाल में हुई सहूलियत
कोरबा 17 अक्टूबर 2026/गर्भावस्था के दौरान मां के बेहतर स्वास्थ्य और नवजात के समुचित पोषण के लिए आर्थिक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से मिलने वाली सहायता परिवार के लिए राहत का आधार बनती है। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुड़रुमुड़ा निवासी श्रीमती ज्योति कंवर के लिए भी यह सहायता मातृत्व के शुरुआती सफर में उपयोगी साबित हुई।
श्रीमती ज्योति कंवर बताती हैं कि गर्भवती होने पर उन्हें अपनी नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अपना पंजीयन कराया और योजना के तहत पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि उनके लिए काफी उपयोगी रही। उन्होंने प्राप्त राशि का उपयोग बच्चे के पोषण आहार पर किया। साथ ही, परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी इस आर्थिक सहयोग से मदद मिली।
ज्योति कंवर कहती हैं कि बच्चे के जन्म के बाद उसके खानपान और देखभाल पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। ऐसे में योजना से मिली राशि ने उनकी चिंता कम करने और बच्चे के पोषण की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया। परिवार को भी आर्थिक सुविधा मिली, जिससे दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत हुई।
वे बताती हैं कि गर्भवती और शिशुवती माताओं के लिए यह योजना बहुत उपयोगी है। इससे मिलने वाली आर्थिक सहायता मां और बच्चे की देखभाल में मददगार होती है तथा बच्चे के शारीरिक विकास के लिए जरूरी पोषण पर ध्यान देने का अवसर मिलता है।
योजना से लाभान्वित होने पर श्रीमती ज्योति कंवर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माताओं और बच्चों के हित में संचालित यह योजना परिवारों को आर्थिक सहारा प्रदान करती है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरत के समय मिली सहायता से उन्हें अपने बच्चे के पोषण और परिवार की आवश्यकताओं पर ध्यान देने में काफी मदद मिली।
रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिया मतदान के प्रति जागरूकता का संदेशकोरबा 17 अक्टूबर 2026/स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (सेजेस), हाई स्कूल पोलमी में आज मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत रैली का आयोजन किया गया। रैली के माध्यम से लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को मतदान के महत्व, लोकतंत्र में मताधिकार की भूमिका तथा प्रत्येक नागरिक के मतदान करने के दायित्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को बताया गया कि मतदान लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग बिना किसी प्रलोभन या दबाव के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से करना चाहिए। जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में श्रीमती एस. कश्यप प्राचार्य , श्रीमती एस.के. कुर्रे , श्रीमती राखी राय, श्रीमती आर. पी.धीरेंद्र, जे.के. सागर एवं ओ. पी. तिवारी जे. एस. मरावी, नीरज पटेल मुकेश, सत्या सहित विद्यालय के छात्र -छात्राये उपस्थित रहे।
मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में व्याख्याता अमर श्याम ने विद्यार्थियों को मतदान के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें इस संदेश को समाज एवं अपने परिवार तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। रैली का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से आम नागरिकों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना रहा।
युवा उड़ान 2026’ कार्यक्रम 22 अक्टूबर को आईटीआई रामपुर में
कोरबा, 17 अक्टूबर 2026/छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर युवाओं को विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से ‘युवा उड़ान 2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में युवाओं को साइबर सुरक्षा और करियर काउंसलिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
यह कार्यक्रम 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे से पं. जवाहरलाल नेहरू सभागार, आईटीआई रामपुर, कोरबा में आयोजित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, आम नागरिकों तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता अपेक्षित है। युवा आयोग एवं जिला प्रशासन, कोरबा ने युवाओं और नागरिकों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
सीएसईबी स्थित शासकीय आवास में आयोजित हुआ समारोह, जनसेवा में योगदान के लिए किया गया सम्मानित
बच्चों के पोषण, शिक्षा और संस्कार निर्माण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका – मंत्री श्री देवांगन
कोरबा, 17 अक्टूबर 2026/सेवा संकल्प अभियान के समापन अवसर पर आज सीएसईबी स्थित शासकीय आवास में वाणिज्य एवं उद्योग, वाणिज्यक कर(आबकारी), श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन द्वारा कोरबा विधानसभा क्षेत्र की 430 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान किया गया। अतिथियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को पुष्पगुच्छ एवं उपहार भेंट कर उनके योगदान की सराहना की।
कैबिनेट मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि 17 सितंबर से प्रारंभ हुए सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कोरबा में जनसेवा और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान आशीर्वाद का दीया में पांच लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान, आंगन मिलन, भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता, रक्तदान तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए शिविर आयोजित किए गए। अभियान के समापन पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान उनके समर्पण और सेवा भावना के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के प्रारंभिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। परिवार अपने छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजते हैं, जहां उन्हें पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और अच्छे संस्कार मिलते हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ गर्भवती महिलाओं एवं माताओं की देखभाल में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिले में अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास मद (डीएमएफ) के माध्यम से सड़क, पुल-पुलिया सहित विभिन्न निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों की जर्जर स्थिति में सुधार के लिए भी आवश्यक कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क डामरीकरण कार्य के लिए 18 अक्टूबर को भूमिपूजन प्रस्तावित है, जिससे आवागमन को और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में जनभागीदारी और समाज के प्रत्येक वर्ग का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में कोरबा विधानसभा क्षेत्र में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। क्षेत्र में सड़क, अधोसंरचना और आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास सहित विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
श्री गोपाल मोदी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक स्वच्छता, रक्तदान, आंगन मिलन सहित अनेक जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए गए। समाज और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने वाले लोगों का सम्मान करना सराहनीय पहल है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं पूरे वर्ष मेहनत और समर्पण के साथ बच्चों, माताओं तथा परिवारों तक शासकीय सेवाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने स्वदेशी अपनाने और वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहित करने के आह्वान का भी उल्लेख किया।
श्री नरेंद्र देवांगन ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शासन की योजनाओं और सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं की देखभाल तथा कुपोषण की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान देती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के प्रयासों से जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने सम्मानित सभी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में श्रीमती प्रीति स्वर्णकार, श्री प्रफुल्ल तिवारी, श्री लक्ष्मण श्रीवास, श्रीमती रुक्मणी नायर, श्री योगेश जैन एवं श्री मुकुंद कंवर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व अतिथि उपस्थित रहे।









