

अतीश दीपंकर बिहार ब्यूरो
पटना | अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा उपलब्ध नहीं कराने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना ने भारती टेलीमीडिया लिमिटेड एवं एयरटेल स्टोर को शिकायतकर्ताओं को कुल 1.25 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का मामला माना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवाद संख्या 80/2016 में शिकायतकर्ता पुष्कर शर्मा और दीप्ति शर्मा ने आरोप लगाया था कि जनवरी 2016 में विदेश यात्रा के दौरान उनके मोबाइल नंबर पर अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में रहने के दौरान यह सेवा काम नहीं कर सकी।
शिकायतकर्ताओं ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें प्रभावी समाधान नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सेवा में कमी के कारण हुई असुविधा, मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए मुआवजे की मांग करते हुए आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आयोग ने सेवा में कमी माना
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों के तर्कों, प्रस्तुत दस्तावेजों, एसएमएस संवादों और शिकायतों से संबंधित साक्ष्यों पर विचार किया। आयोग ने पाया कि अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन देने के बावजूद सेवा प्रभावी रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई। इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया।
एक लाख रुपये मुआवजा, 25 हजार मुकदमे का खर्च
आयोग ने अपने आदेश में दोनों विपक्षी पक्षों को शिकायतकर्ताओं को मानसिक परेशानी, असुविधा और उत्पीड़न के लिए एक लाख रुपये मुआवजा तथा मुकदमे के खर्च के रूप में 25 हजार रुपये देने का निर्देश दिया है। इस प्रकार कुल 1,25,000 रुपये का भुगतान करना होगा।
आदेश के अनुसार, निर्धारित राशि का भुगतान आदेश की प्रति प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर करना होगा। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किए जाने पर बकाया राशि पर भुगतान होने तक 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
यह निर्णय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र और सदस्य रजनीश कुमार ने सुनवाई के बाद पारित किया।









