Ro no D15139/23

स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीन में बीमारियों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर संयुक्त निगरानी समूह की बैठक बुलाई

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सभी चीन की स्थिति पर नजर रख रहा है और डब्ल्यूएचओ से समय पर ताजास्थिति साझा करने का अनुरोध किया है
भारत श्वसन संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, निगरानी में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं दिखाई दी
नई दिल्ली । परिवार कल्याण मंत्रालय के डीजीएचएस की अध्यक्षता में पिछले कुछ सप्ताह में चीन में सांस संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों की रिपोर्ट के मद्देनजरस्वास्थ्य एवं संयुक्त निगरानी समूह (जेएमजी) की आजबैठक हुई। बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), आपदा प्रबंधन (डीएम) सेल, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), आपातकालीन चिकित्सा राहत (ईएमआर) प्रभाग और अखिलभारतीयआयुर्विज्ञानसंस्थान, दिल्ली सहित अस्पतालों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
विस्तृत चर्चा के बाद और वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:
चीन में फ्लू के मौसम को देखते हुए स्थिति असामान्य नहीं है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि मौजूदा बढ़ोतरी का कारण इन्फ्लूएंजा वायरस, आरएसवी और एचएमपीवी है – जो इस मौसम में होने वाले सामान्य रोगजनक हैं। सरकार सभी उपलब्ध माध्यमों से स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और विश्व स्वास्थ्य संगठन से भी चीन की स्थिति के बारे में समय पर जानकारी साझा करने का अनुरोध किया गया है। ये वायरस भारत सहित विश्व भर में पहले से ही मौजूद हैं।
भारत में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और इन्फ्लूएंजा के लिए गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली पहले से ही आईसीएमआर और आईडीएसपी नेटवर्क दोनों के माध्यम से मौजूद है और दोनों के आंकड़ों से पता चलता है कि आईएलआई और एसएआरआई मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है। अस्पतालों के चिकित्सकों ने भी पुष्टि की है कि अपेक्षित मौसमी बदलाव के अलावा पिछले कुछ सप्ताहों में श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
आईसीएमआर नेटवर्क अन्य श्वसन वायरस जैसे एडेनोवायरस, आरएसवी, एचएमपीवी आदि के लिए भी परीक्षण करता है और ये रोगजनक भी परीक्षण किए गए नमूनों में असामान्य वृद्धि नहीं दिखाते हैं। एहतियाती उपाय के रूप में, आईसीएमआर द्वारा एचएमपीवी के लिए परीक्षण करने वाली प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी और आईसीएमआर पूरे वर्ष एचएमपीवी पर निगरानी करेगा।
देश भर में हाल ही में आयोजित आपातकालीनअभ्यासके आंकड़ों से पता चला है कि देश श्वसन संबंधी बीमारियों में किसी भी वृद्धि से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य प्रणालियाँ और निगरानी नेटवर्क सतर्क बने हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश किसी भी स्वास्थ्य चुनौती सेनिपटने के लिएपूरीतरह तैयार है।

  • Related Posts

    केंद्र से 11000 करोड़ रुपये CM सम्राट ने मांगे, कोसी हाई डैम से कोसी-मेची लिंक तक कई प्रोजेक्ट्स होंगे पूरे

    Bihar Development Projects: हर साल जब कोसी, गंडक, बागमती और दूसरी नदियां उफान पर आती हैं, तो बिहार के गांवों में सिर्फ पानी नहीं पहुंचता बल्कि लोगों की मेहनत, फसल और…

    Read more

    7.8% GDP को PM मोदी ने बताया बड़ी उपलब्धि, कहा- ‘जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदे’

    भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच 7.8% की बढ़त दर्ज की है. 31 अगस्त को जारी इस आंकड़े के बाद…

    Read more

    NATIONAL

    केंद्र से 11000 करोड़ रुपये CM सम्राट ने मांगे, कोसी हाई डैम से कोसी-मेची लिंक तक कई प्रोजेक्ट्स होंगे पूरे

    केंद्र से 11000 करोड़ रुपये CM सम्राट ने मांगे, कोसी हाई डैम से कोसी-मेची लिंक तक कई प्रोजेक्ट्स होंगे पूरे

    7.8% GDP को PM मोदी ने बताया बड़ी उपलब्धि, कहा- ‘जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदे’

    7.8% GDP को PM मोदी ने बताया बड़ी उपलब्धि, कहा- ‘जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदे’

    सुरंग में जिंदगी की तलाश, 500 से ज्यादा मजदूर लापता, 275 भारतीयों का भी नहीं मिला सुराग

    सुरंग में जिंदगी की तलाश, 500 से ज्यादा मजदूर लापता, 275 भारतीयों का भी नहीं मिला सुराग

    नेपाल में दो जिलों को जोड़ने वाला पुल नदी की तेज धार में बहा, उफान पर त्रिशूली नदी

    नेपाल में दो जिलों को जोड़ने वाला पुल नदी की तेज धार में बहा, उफान पर त्रिशूली नदी

    Video news आरक्षण पर तेजसवी का एनडीए पर बड़ा हमला… गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज! : तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष बिहार

    Video news आरक्षण पर तेजसवी का एनडीए पर बड़ा हमला…  गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज! : तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष बिहार

    लद्दाख से थार तक चीन-पाक की खैर नहीं, इंडियन आर्मी को मिलने जा रहा है सटीक हथियार

    लद्दाख से थार तक चीन-पाक की खैर नहीं, इंडियन आर्मी को मिलने जा रहा है सटीक हथियार