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इंसान और एआई के समन्वय से आयेंगे अच्छे परिणाम : प्रोफेसर डॉ. दिलीप सिसोदिया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस
की बधाई एवं शुभकामानाऐं
जनसंपर्क विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को मिला
राष्ट्रीय स्तर का जनसंपर्क पुरस्कार
पीआरएसआई द्वारा गरिमामय समारोह में हुए सम्मनित

रायपुर, 22 अप्रैल 2025/ राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के उपलक्ष्य में पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया के रायपुर चेप्टर द्वारा जनसंपर्क और मीडिया से जुड़े पत्रकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर के जनसंपर्क पुरस्कार के लिए नवाजा गया है। पीआरएसआई द्वारा आज राजधानी रायपुर स्थित एनआईटी कैम्पस के गोल्डन टॉवर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक श्री नसीम अहमद खान को बबन प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार और उप संचालक श्री सौरभ शर्मा को पं. स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इसी प्रकार रमेश नैयर स्मृति जनसंपर्क पुरस्कार से श्री एस. के. रूप संपादक, सम्यक क्रांति सूरजपुर, इरा झा स्मृति जनसंपर्क पुरस्कार से डॉ. कीर्ति सिसोदिया संपादक एवं निदेशक सी-पाज़िटिव वेब पोर्टल रायपुर, डी.पी.चौबे स्मृति जनसंपर्क पुरस्कार से श्री मुकेश कुमार सिंह वरिष्ठ पत्रकार, द हितवाद रायपुर, परितोष चक्रवर्ती स्मृति जनसंपर्क पुरस्कार से श्री सत्येश भट्ट जनसंपर्क अधिकारी, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर, रामशंकर अग्निहोत्री स्मृति जनसंपर्क पुरस्कार से श्री विजय वाजपेई डिप्टी हेड, एक्सटर्नल अफेयर्स, बाल्को को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस की बधाई और शुभकामना देते हुए पुरस्कृत पीआर पेशेवरों के उज्जवल भविष्य की कामना की है।

गौरतलब है कि पीआरएसआई द्वारा जनसंपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को राष्ट्रीय स्तर के इन पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जनसंपर्क में उपयोग विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोसेफर डॉ. दिलीप सिसोदिया ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता पीआर (जनसंपर्क) के काम को सक्रिय और प्रतिक्रिया शील बना दिया है। पीआर में एआई का उपयोग का मतलब यह कदापि नहीे है कि वह इंसानों की जगह लेगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जनसंपर्क के कार्य को सिर्फ प्रतिक्रिया देने वाले काम से आगे बढ़ाकर एक सक्रिय और योजनाबद्ध रणनीति बना दिया है। एआई का मतलब इंसानों की जगह लेना नहीं है, बल्कि उनके काम को ज्यादा रचनात्मक और प्रभावी बनाना है। जब एआई प्रेस रिलीज़ का ड्राफ्ट तैयार करता है, तो पीआर प्रोफेशनल उसमें सही भाषा और रणनीति का समावेश करते हैं, जो जनमानस में रिश्ते बनाने और नैतिकता पर ध्यान देने में सक्षम होती हैं। श्री डॉ. सिसोदिया ने कहा कि इंसान और एआई के सहयोग में है। जब इंसान और एआई साथ काम करेंगे। एआई गति और स्केल संभालेगा और मनुष्य की संवेदनशीलता और समझदारी से अच्छे नतीजे मिलेंगे।

इस मौके पर जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक श्री आलोक देव ने कहा कि श्री नसीम अहमद खान समाचार, आलेख व डिजाईन का कार्य ही क्यों न हो, बखूबी से अपने इन दायित्वों को पूरा करने में उन्हें महारत हासिल है। इसी तरह श्री सौरभ शर्मा की रूचि साहित्यिक और गंभीर लेखन में हैं। इन दोनों अधिकारियों की कार्यकुशलता और निपुर्णता जनसंपर्क अधिकारियों के लिए प्रेरणास्पद है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले मीडिया और जनसंपर्क से जुड़े सभी लोग सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में भविष्य में भी बेहतर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस संचार एवं जनसंपर्क से जुड़े पेशेवरों के लिए न केवल गर्व का विषय है, बल्कि यह अपने दायित्वों की पुनः स्मृति और संकल्प का दिन है। यह दिन पीआर एसआई के उस दृष्टिकोण को पुनर पुष्टि करता है। जिसके मूल में है सार्थक संवाद, पारदर्शिता एकजुटता, नैतिकता और जनहित सर्वोपरिता के साथ शामिल हैै।

एआई का प्रयोग पीआर पेशेवरों के लिए चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और जनसंपर्क प्रोफेसनल्स को जनता के समक्ष सहीं सूचनाओं को रखना होता है। सरकार की योजनाओं कार्यकलापों में भावनात्मक और संवेदनात्मक पहलु भी जुड़े होते है। अतः एआई का प्रयोग सावधानी से करने की जरूरत है, उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी और पत्रकार सरकारों अथवा संस्थानों के कार्य-योजनाओं को जनमानस तक पहुंचाने में एक सेतु की तरह कार्य करते है। उन्होंने कहा कि पीआर पेशेवरों को सत्य निष्ठा, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। जनसंपर्क केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं बल्कि रिश्तों का निर्माण है। ऐसे रिश्ते जो राष्ट्र निर्माण और सार्वभौमिक विकास की प्रक्रिया को गति देते है।

इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री बरूण सखाजी श्रीवास्तव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सकारात्मक उपयोग एवं जनसंपर्क की भूमिका विषय पर सारगर्भित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया पत्रकार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चित्रकार और जनसंपर्क के अन्य विधा में कार्यरत लोग कलाकार के रूप में भूमिका का निर्वहन करते है। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने वाले मीडिया बंधुओं से अपिल करते हुए कहा कि उन्हें अपने जीविकोपार्जन के साथ-साथ जनहित के मुद्दों को भी समानांतर रूप से लेकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में भले ही पत्रकारिता आर्थिक प्राथमिकता के दौर से गुजर रहा हो लेकिन इसी के साथ-साथ पत्रकारों और जनसंपर्क अधिकारियों को सामाजिक सरोकार और जनहित के मुद्दों को भी अपने जनता के समक्ष रखना चाहिए।

उन्होंने आधुनिक टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रयोग पर कहा कि वर्तमान दौर डिजिटल टेक्नोलॉजी का दौर है। यह हमारे लिए सुविधाओं के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण है। आने वाले समय में इसकी उपयोगिता और व्यापक होगी। वह दिन दूर नहीं जब हम स्मार्ट सेल फोन को लिक्विड फॉर्म में देख सकेगें। वहीं एक स्थान पर रहकर एक समय में करोड़ो लोगों से फेस-टू-फेस वार्तालाप कर सकेगें। कार्यक्रम में पत्रकारों एवं आगंतुकों ज्ञानवर्धक हेतु जनसंपर्क विभाग के विभिन्न प्रकाशन में उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षीय के भाषण में भारतीय एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड कोरबा के पीआर हेड सुश्री सुची मिश्रा ने कहा कि हमें आधुनीक तकनीकियों के सहयोग से सत्यता और वस्तुस्थिति को सामने रखते हुए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चाई और वस्तुस्थिति पीआर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। वास्तविक सूचना को लेकर काम करेंगे तो कहीं भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होने कहा कि टेेक्नोलॉजी की अच्छी समझ होनी चाहिए और पीआर के क्षेत्र में प्रचलित नई टेक्नोलॉजी से अपडेट होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनमानस को जो भी सूचना दे, उसमें सच्चाई हो तथा आंखोदेखी रिपोर्टिंग करनी चाहिए। रिपोर्ट में बनावटी के अपेक्षा मन में जो हो वह लिखना चाहिए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सावधानीपूवर्क उपयोग पर बल दिया।

पीआरएसआई रायपुर के चेयरमेन डॉ. शाहिद अली, ने स्वागत भाषण दिया इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री गिरिश मिश्र, पीआरएसआई रायपुर के सचिव डॉ. कुमार सिंह तोप्पा, कोषाध्यक्ष डॉ. दानेश्वरी संभाकर, अडानी गु्रप के वाईस प्रेसिडेंट डॉ. प्रतीक पाण्डे, भारतीय एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड कोरबा के श्री विजय बाजपेयी, वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रकाशचंद्र होता, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी श्री छगनलाल लोन्हारे, श्री घनश्याम केशरवानी, श्री मनीष मिश्रा, डॉ. ओम प्रकाश डहरिया सहित बड़ी संख्या में जनसंपर्क, पत्रकारिता एवं साहित्य जगत से जुड़ी हस्तियां मौजूद रहे। मंच संचालन छत्तीसगढ़ राज्य इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड रायपुर के जनसंपर्क अधिकारी श्री विकास शर्मा ने किया।

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