Ro no D15139/23

सुप्रीम कोर्ट से शराब घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को जमानत

मनीषा नगारची (स्टेट ब्यूरो)

राज्य के बहुचर्चित Rs 2200 करोड़ शराब घोटाले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कारोबारी अनवर ढेबर को जमानत प्रदान कर दी। अनवर ढेबर रायपुर के पूर्व महापौर एजाज़ ढेबर के भाई हैं और उन पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने लंबित ट्रायल, जांच की प्रगति में देरी और निरंतर हिरासत को अनुपयुक्त ठहराते हुए यह राहत दी है।

हालांकि, अनवर ढेबर को अभी पूर्ण स्वतंत्रता नहीं मिली है क्योंकि वह राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW-ACB) द्वारा दर्ज किए गए मूल अपराध के मामले में अब भी न्यायिक हिरासत में हैं और इस प्रकरण में उन्हें जमानत नहीं मिली है।

सुनवाई के दौरान पीठ ने यह ध्यान दिलाया कि इससे पूर्व भी इसी विषय से संबंधित एक अन्य ECIR (प्रवर्तन केस सूचना रिपोर्ट) के तहत अनवर ढेबर ने लगभग 80 दिन की हिरासत भुगती है। वर्तमान मामले में उन्हें 8 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने अब तक मूल शिकायत के साथ तीन पूरक आरोपपत्र दाखिल किए हैं, जिनमें 40 गवाहों को सूचीबद्ध किया गया है। इसके बावजूद, सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि अब तक न तो कोई संज्ञान लिया गया है और न ही ट्रायल शुरू हुआ है, जिससे अनवर की निरंतर हिरासत को अनुचित ठहराया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्शदीप सिंह खुराना ने दलील दी कि राज्य की EOW-ACB द्वारा दर्ज मामले में 450 गवाहों को सूचीबद्ध किया गया है और जांच अभी भी प्रारंभिक चरण में है। “ऐसे में सुनवाई शुरू होने की कोई निकट भविष्य में संभावना नहीं है, और अधिकतम सजा सात साल की है,” खुराना ने कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने उक्त तर्कों को स्वीकार करते हुए Senthil Balaji बनाम Deputy Director मामले में दिए गए अपने पूर्व निर्णय का हवाला दिया और कहा कि “संपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए अनवर ढेबर को जमानत दिया जाना उचित है।” पीठ ने आदेश दिया कि “अनवर ढेबर को एक सप्ताह के भीतर विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाए” और ईडी की सुनवाई के बाद उन्हें उपयुक्त एवं कठोर शर्तों पर जमानत दी जाए।

साथ ही अदालत ने यह भी निर्देशित किया कि अनवर ढेबर अपना पासपोर्ट विशेष अदालत में जमा करें (यदि हो), नियमित रूप से अदालत में उपस्थित रहें और ट्रायल में पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करें।

यह निर्णय ऐसे समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में सह-आरोपी रहे पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को भी 15 अप्रैल को जमानत दी थी। उस समय अदालत ने पाया था कि टुटेजा के खिलाफ संज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया गया है, अतः उनकी रिहाई उचित है।

उल्लेखनीय है कि ईडी द्वारा दर्ज यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला छत्तीसगढ़ में सामने आए कथित बहु-अरब रुपये के आबकारी घोटाले से जुड़ा है, जिसमें उच्च अधिकारियों, व्यापारियों और राजनीतिक हस्तियों पर षड्यंत्र रचने व अवैध लाभ कमाने के गंभीर आरोप हैं।

  • Related Posts

    रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया विकास परियोजनाओं का मैराथन निरीक्षण

    रिंग रोड, पुल, केलो रिवर फ्रंट, मरीन ड्राइव, ऑक्सीजोन और आधुनिक अधोसंरचना परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश*   *आने वाले एक-दो वर्षों में रायगढ़ के विकास की…

    Read more

    शिक्षक दिवस पर विशेष लेख, नक्सलमुक्त क्षेत्रों में शिक्षा की नई भोर, छत्तीसगढ़ में नक्सलमुक्त क्षेत्रों में स्कूलों में बजने लगी घंटी

    धनंजय राठौर संयुक्त संचालक, जनसंपर्क रायपुर, 4 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ के पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद स्कूलों में घंटियां बजने लगी हैं, जो…

    Read more

    NATIONAL

    छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने पर CM साय की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात

    छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने पर CM साय की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात

    क्या राहुल गांधी को गिरफ्तार कर परिसीमन विधेयक पास कराने की तैयारी कर रही है मोदी सरकार?

    क्या राहुल गांधी को गिरफ्तार कर परिसीमन विधेयक पास कराने की तैयारी कर रही है मोदी सरकार?

    बिहार में बारिश कम, फिर भी क्यों उफन रहीं गंगा-गंडक और कोसी? नदियों में कहां से आ रहा इतना पानी, समझिए पूरा खेल

    बिहार में बारिश कम, फिर भी क्यों उफन रहीं गंगा-गंडक और कोसी? नदियों में कहां से आ रहा इतना पानी, समझिए पूरा खेल

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से सौजन्य भेंट, जाना स्वास्थ्य का हाल

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से सौजन्य भेंट, जाना स्वास्थ्य का हाल

    राघव चड्ढा को पंजाब ड्राफ्ट SIR से हटाया गया, राज्यसभा सांसद ने AAP पर लगाया बदले की राजनीति करने का आरोप

    राघव चड्ढा को पंजाब ड्राफ्ट SIR से हटाया गया, राज्यसभा सांसद ने AAP पर लगाया बदले की राजनीति करने का आरोप

    विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति का योगदान सर्वोपरि : रूपकुमारी चौधरी

    विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति का योगदान सर्वोपरि : रूपकुमारी चौधरी