Ro no D15139/23

डीएमएफ की राशि से बदलेगा कोरबा जिले का सड़क परिदृश्य

*जनता को मिलेगी बड़ी सुविधा*

रायपुर 20 मई 2025/ खनिज समृद्ध कोरबा जिले में अब खनिजों से प्राप्त निधि जनता की सुविधाओं में सीधे तब्दील हो रही है। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का उपयोग अब जनहित के ठोस कार्यों में किया जा रहा है, जिससे जिले के दूरवर्ती ग्रामों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक में सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

हाल ही में कलेक्टर श्री अजीत वसंत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में डीएमएफ मद से लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत से 22 सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय सुशासन तिहार के दौरान जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से प्राप्त मांगों के आधार पर लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि डीएमएफ की राशि का उपयोग वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हो।

इन स्वीकृत सड़कों में नगरीय क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों के साथ-साथ दूरवर्ती अंचलों की महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी शामिल है,जिसमें विशेष रूप से उल्लेखनीय झगरहा-कोरकोमा-चचिया मार्ग (लंबाई 29 किमी) 29.80 करोड़ रुपये, ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक तक दो लेन सी.सी. सड़क (2.84 किमी) 29.42 करोड़ रुपये, रामपुर से सिरली पहुंच मार्ग (8 किमी)ः 8.08 करोड़ रुपये,चैतुरगढ़ पर्यटन स्थल हेतु सीसी शोल्डर चौड़ीकरण (6.6 किमी) 5.33 करोड़ रुपये, घिनारा से खुंटाकुड़ा मार्ग (4.525 किमी) 5.80 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़कें शामिल है।इनके अतिरिक्त पनगवा-जल्के, डोगरी-मुढ़ाली, पाथा-खरभहरा, जमनीपाली-गजरा, ओढालीडीह-तिलैहापारा, सीलीभुडु-कुदरीचिंगार, और सक्ती-कोरबा जैसे मार्गों को भी डीएमएफ मद से उन्नत किया जाएगा।

डीएमएफ का मूल उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। कोरबा जिले में इस निधि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास में लगातार किया जा रहा है, परंतु सड़क निर्माण जैसे ठोस कार्यों से अब इसका प्रभाव आम नागरिक सीधे अनुभव कर पाएंगे।

कलेक्टर श्री वसंत ने कहा कि डीएमएफ से स्वीकृत सड़कों के निर्माण से न केवल गांवों और शहरों के बीच संपर्क मजबूत होगा, बल्कि रोजगार और विकास के अवसर भी बढ़ेंगे। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर गाँव तक पक्की और सुरक्षित सड़क पहुंचे।

यह निर्णय न केवल शासन की जनकल्याणकारी सोच का परिचायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे खनिज संसाधनों से प्राप्त निधि का विवेकपूर्ण उपयोग जनता के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में किया जा सकता है। आने वाले समय में जब ये सड़कें धरातल पर उतरेंगी, तो कोरबा जिले का भूगोल और भविष्य दोनों बदले हुए नजर आएंगे।

  • Related Posts

    गुरु घासीदास विश्वविद्यालय द्वारा रूरल टेक्नोलॉजी विभाग में सुरभि पांडेय को मिला डॉक्टरेट उपाधि

    रायपुर, दिनांक 26 जुलाई 2026/ गुरु घासीदास विश्वविद्यालय द्वारा रूरल टेक्नोलॉजी विभाग में कु. सुरभि पांडेय को डॉक्टरेट उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ. भास्कर चौरसिया…

    Read more

     ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर में ‘महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम्-2026’ का दूसरा दिन संपन्न

    एकादश रुद्राभिषेक, कूष्माण्डी एवं तिल होमम तथा उमामहेश्वर होमम से गूंजा देवालय   *कवर्धा।* छत्तीसगढ़ के ‘खजुराहो’ के नाम से विख्यात कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन भोरमदेव महादेव मंदिर…

    Read more

    NATIONAL

    VIDEO जंतरमंतर का सच,सनातन को गाली,

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    आधी रात के वीडियो पर जनता का मिला भरपूर साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- Thank You Friends

    आधी रात के वीडियो पर जनता का मिला भरपूर साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- Thank You Friends

    जंतर मंतर का सच

    जंतर मंतर का सच

    खरगे की पीएम मोदी को दो टूक: कहा, धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर संसद आइए, फिर होगी चर्चा

    खरगे की पीएम मोदी को दो टूक: कहा, धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर संसद आइए, फिर होगी चर्चा

    सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल, कहा- छात्रों के साथ दुश्मनों जैसा हो रहा व्यवहार

    सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल, कहा- छात्रों के साथ दुश्मनों जैसा हो रहा व्यवहार