

अतीश दीपंकर बिहार ब्यूरो चीफ
भागलपुर (IMNBnews Agency) सचिव, बिहार सरकार की अध्यक्षता में आयोजित 8वीं NCORD (State Level Narcotics Control Bureau) की उच्चस्तरीय बैठक में मादक पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सख्ती बैठक में राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों के चारों ओर 500 मीटर के दायरे को ‘ड्रग-फ्री जोन’ घोषित कर इसे प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया गया।
इस संबंध में मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की ओर से सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा- निर्देश भेजे जा चुके हैं।
सीमावर्ती जिलों और रेलवे पर विशेष निगरानी मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
साथ ही, रेल परिसर एवं ट्रेनों के माध्यम से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए रेलवे पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों, गिरफ्तार अभियुक्तों तथा जब्त किए गए अवैध मादक पदार्थों की विस्तृत समीक्षा की गई। 
इसमें गांजा, हेरोइन, स्मैक, कोकीन, अफीम, कफ सिरप सहित अन्य नशीले पदार्थों की जब्ती और कार्रवाई से संबंधित आंकड़ों पर चर्चा की गई।
वर्ष 2026 में जुलाई तक एनडीपीएस के तहत दर्ज मामलों में हुई गिरफ्तारियों एवं जब्ती की भी समीक्षा की गई।
नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों पर जोर नशे की गिरफ्त में आए लोगों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 2017 के तहत पंजीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों (IRCA और DDAC) के संचालन की भी समीक्षा की गई।
केंद्रों की प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराया गया SOP मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों को तलाशी, जब्ती, नमूना संग्रह एवं अनुसंधान से संबंधित हैंडबुक
,मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) उपलब्ध करा दी गई है।
सभी जिलों में इसके अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
संगठित रूप से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल खतरनाक अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए PIT-NDPS Act के तहत प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेजे गए हैं।
इसके माध्यम से नशीले पदार्थों के संगठित कारोबार में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ड्रग- फ्री जोन लागू करने, सीमावर्ती क्षेत्रों और रेलवे पर निगरानी बढ़ाने तथा तस्करों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई से नशा विरोधी अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।






