Ro no D15139/23

शालाओं व शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से शैक्षणिक गुणवत्ता में होगा सुधार

छात्रहित में शासन की युक्तियुक्तकरण नीति होगी लाभकारी

कोरबा 28 मई 2025/राज्य शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले में शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्त करण की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दृष्टिगत राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण की नीति उपयोगी एवं कारगर साबित होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप शालाओं में शिक्षकों की उपलब्धता, बच्चों की दर्ज संख्या के अनुपात में होनी चाहिए। शालाओं एवं शिक्षकों का युक्ति युक्त कारण किया जाना छात्र हित में है। जिले की विभिन्न स्तर की शालाओं में अनेक शिक्षक अतिशेष हैं। साथ ही विभिन्न स्थानों में एक ही परिसर में अथवा निकट में दो या दो से अधिक शालाएं संचालित हैं, ऐसे शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। जिसमें एक ही परिसर में संचालित दो या दो से अधिक प्राथमिक विद्यालय, एक ही परिसर में संचालित दो या दो से अधिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय, एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय, एक ही परिसर में संचालित पूर्व माध्यमिक एवं हाई स्कूल विद्यालय, एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक एवं हाई स्कूल,  एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय शामिल है। साथ ही अतिशेष शिक्षकों का प्राथमिकता से शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में युक्तियुक्तकरण किया जाएगा।
एक ही परिसर में प्राथमिक, माध्यमिक हाई व हायर सेकंडरी विद्यालयों के संचालन होने से शैक्षणिक गुणवत्ता में निश्चित ही सुधार होगा। शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता होगी। एक ही परिसर में विद्यालयो के संचालन होने से छात्र-छात्राओं के पालकों को बार-बार अपने बच्चों के विभिन्न स्तर पर विद्यालयों में प्रवेश दिलाने हेतु होने वाले परेशानियों से निजात मिलेगी। साथ ही शासन द्वारा प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों में अन्य अधोसंरचना का विकास किया जाएगा। जिसमें कम्प्यूटर लैब, खेल मैदान प्रयोगशाला कक्ष, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं शामिल है। जिले में कुल 393 स्कूलों का समायोजन का प्रस्ताव भेजा गया है। जिले में बड़ी संख्या में विभिन्न विद्यालयों का संचालन एक ही परिसर में हो रहा है। एक ही परिसर में संचालित विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता की दृष्टि से किया जाएगा। सामान्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहां बच्चों की दर्ज संख्या 10 से कम है एवं शहरी क्षेत्र के ऐसे प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक  विद्यालय जहां बच्चों की संख्या 30 से कम है, उन्हें निकटवर्ती स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। इन विद्यालयों के बीच की दूरी शहरी क्षेत्र में 500 मीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में एक किलोमीटर से कम होगी।

  • Related Posts

    विभिन्न पुरस्कारों हेतु 05 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित

      कोरबा 24 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ शासन,खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खिलाड़ियों/प्रशिक्षकों/निर्णायकों को शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद विनोद चौबे सम्मान, शहीद…

    Read more

    मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत 14 जुलाई की काउंसलिंग निरस्त

      कोरबा, 24 जुलाई 2026/आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (यथा संशोधित-2021) अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं…

    Read more

    NATIONAL

    VIDEO जंतरमंतर का सच,सनातन को गाली,

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    आधी रात के वीडियो पर जनता का मिला भरपूर साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- Thank You Friends

    आधी रात के वीडियो पर जनता का मिला भरपूर साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- Thank You Friends

    जंतर मंतर का सच

    जंतर मंतर का सच

    खरगे की पीएम मोदी को दो टूक: कहा, धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर संसद आइए, फिर होगी चर्चा

    खरगे की पीएम मोदी को दो टूक: कहा, धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर संसद आइए, फिर होगी चर्चा

    सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल, कहा- छात्रों के साथ दुश्मनों जैसा हो रहा व्यवहार

    सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल, कहा- छात्रों के साथ दुश्मनों जैसा हो रहा व्यवहार