Ro no D15139/23

ईरकभट्टी के बच्चों की आँखों में लौटी चमक, बंद स्कूल में फिर से गूंजे क, ख, ग…..

*नियद नेल्ला नार और युक्तियुक्तकरण से माओवाद प्रभावित गाँव में लौटी शिक्षा की रौशनी*

रायपुर, 04 जुलाई 2025/ कभी वीरान पड़ा था ये स्कूल…. दरवाजों पर ताले लटकते थे, कमरे धूल और सन्नाटे से भरे रहते थे। लेकिन आज वही ईरकभट्टी का प्राथमिक शाला बच्चों की चहचहाहट और पाठों की गूंज से फिर से जीवंत हो उठा है। अबुझमाड़ के इस सुदूर गांव में फिर से शिक्षा की लौ जल उठी है, जिसका श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ योजना और युक्तियुक्तकरण की पहल को जाता है।

बीते कुछ वर्षों में माओवादी गतिविधियों के चलते गांवों की रंगत फीकी पड़ गई थी। बच्चों के हाथों से किताबें छूट गई थीं, स्कूलों के आँगन सुनसान हो गए थे और मांदर की थाप भी खामोश हो गई थी। नारायणपुर जिले के ईरकभट्टी भी ऐसा ही एक गांव था, जहां लोग हर हाल में जीवन को संवारने की कोशिश करते थे, लेकिन शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरत तक से वंचित थे। यहां के निवासी श्री रामसाय काकड़ाम कहते है कि पहले लगता था कि हमारे बच्चे शायद कभी स्कूल का नाम भी नहीं जान पाएंगे, लेकिन अब जब शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है और स्कूल फिर से खुल गया है, तो लगता है मानो गाँव में फिर से जान लौट आई हो।

‘नियद नेल्ला नार’ यानी ‘आपका अच्छा गांव’ योजना ने ईरकभट्टी जैसे दूरदराज और संघर्षरत गांवों में एक नई उम्मीद जगाई है। सुरक्षा कैंपों के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में योजनाओं को प्रभावी तरीके से पहुँचाया जा रहा है। इसी क्रम में ईरकभट्टी में सड़क बनी, बिजली पहुंची और वर्षों से बंद पड़ा प्राथमिक स्कूल फिर से खुल गया। शासन के युक्तियुक्तकरण प्रयास से प्राथमिक शाला ईरकभट्टी में अब दो शिक्षक नियमित रूप से पदस्थ हैं। श्री अशोक भगत और श्रीमती लीला नेताम नामक शिक्षक यहां के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वे न केवल पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं, बल्कि अभिभावकों को भी प्रेरित कर रहे हैं कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें।

शिक्षिका श्रीमती लीला नेताम बताती हैं कि पहले तो यहां डर लगता था, लेकिन बच्चों की मुस्कुराहट सब डर भुला देती है। ये बच्चे बहुत होशियार हैं, बस उन्हें अवसर की जरूरत थी। अब हम हर दिन उन्हें नया सिखाने का प्रयास करते हैं। अब स्कूल में दर्जन भर से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। छोटे-छोटे हाथों में किताबें हैं, और उन आंखों में भविष्य के सपने। पहले जो गांव स्कूल जाने के नाम से डरते थे, अब वहां लोग अपने बच्चों को कंधे पर बिठाकर स्कूल छोड़ने आते हैं।

गांव के बुजुर्ग मंगतु बाई की आंखों में आंसू हैं, लेकिन खुशी के। वे कहती हैं कि अब हमारी पोती भी पढ़-लिखकर अफसर बन सकती है। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि ये दिन भी देखेंगे। ईरकभट्टी की कहानी सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उन हजारों गाँवों की है, जो कभी उपेक्षा और असुरक्षा के अंधेरे में डूबे हुए थे। लेकिन अब ‘नियद नेल्ला नार’ और युक्तियुक्तकरण जैसी योजनाएं उनके जीवन में उजाले की किरण लेकर आई हैं। शिक्षा की लौ फिर से जल चुकी है और यह लौ अब बुझने वाली नहीं।

  • Related Posts

    मुख्यमंत्री निवास में गरबा महोत्सव की धूम, भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा आयोजन

    *नवरात्रि शक्ति की आराधना और नारी सम्मान का महापर्व : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*   *मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा की आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना…

    Read more

    ‘शब्दबीज’ नवाचार से निखर रही बच्चों की भाषा दक्षता, प्रयोगात्मक शिक्षण से रोचक बन रही पढ़ाई

    *सूरजपुर जिले की प्राथमिक शालाओं में बच्चों के पठन, पाठन लेखन और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने की अभिनव पहल*   *विद्यालयों का निरीक्षण कर परखी गई शैक्षणिक गुणवत्ता, कमजोर…

    Read more

    NATIONAL

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

    रेणु देवी हत्याकांड में दो साल बाद फैसला, दोषी को उम्रकैद; DNA जांच से हुई मृतका की पहचान

    रेणु देवी हत्याकांड में दो साल बाद फैसला, दोषी को उम्रकैद; DNA जांच से हुई मृतका की पहचान

    गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत, जनता के अटूट विश्वास और विकास की विजय : गोमती साय

    गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत, जनता के अटूट विश्वास और विकास की विजय : गोमती साय

    ‘आतंकवादी, तुम यहां क्यों आए?’ न्यूयॉर्क में बांग्लादेशी प्रवासियों के गुस्से का सामना कर रहे मुहम्मद यूनुस

    ‘आतंकवादी, तुम यहां क्यों आए?’ न्यूयॉर्क में बांग्लादेशी प्रवासियों के गुस्से का सामना कर रहे मुहम्मद यूनुस