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सुशासन शिविर बना जरूरतमंदों के जीवन में बदलाव की मिसाल “प्रशासन गांव की ओर” पहल से फरसाबहार में मिले त्वरित लाभ

शिविर में 28 आवेदन हुए प्राप्त

  छत्तीसगढ़ शासन की अभिनव पहल सुशासन शिविर “प्रशासन गांव की ओर” के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे आम जनता तक पहुँचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड फरसाबहार में 24 दिसम्बर 2025 को सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। जहाँ विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई तथा विभागवार आवेदन पत्र प्राप्त किए गए।
शिविर के दौरान कुल 28 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें खाद्य विभाग से 1, कृषि विभाग से 1, महिला एवं बाल विकास विभाग से 7, विद्युत विभाग से 1, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से 3, पशुपालन विभाग से 4, राजस्व विभाग से 8, क्रेडा विभाग से 2 तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से 1 आवेदन शामिल है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा कई हितग्राहियों को मौके पर ही त्वरित लाभ भी प्रदान किया गया।
शिविर की सबसे भावनात्मक सफलता ग्राम पंचायत बनगांव निवासी  ब्रिज कुमार चौहान की रही, जो विगत तीन माह से ट्राई साइकिल प्राप्त करने हेतु प्रयासरत थे। शिविर के माध्यम से उन्हें तत्काल ट्राई साइकिल प्रदान की गई, जिससे उनके दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों का समाधान हुआ। उन्होंने इसके लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही शिविर में 5 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए तथा ग्राम पंचायत फरसाबहार निवासी  जानकी बाई पति रघुनाथ राम,  चन्द्रशेखर बेहरा पिता लक्ष्मण बेहरा, पारस पिता ईश्वर साय एवं बबलू पटेल पिता दिनेश्वर लाल पटेल को अपने पूर्ण आवास का प्रमाण पत्र सौंपा गया। मनरेगा के माध्यम से कुल 8 हितग्राहियों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए, जिनमें ग्राम पंचायत हेटघींचा से  करिश्मा बाई पति ईशांत राम, ग्राम पंचायत फरसाबहार से  जीवन्ती खलखो पति संदीप खलखो, पतरेसिया मिंज पति जोहन मिंज, मंजू तिग्गा पति सलीम तिग्गा, ग्राम पंचायत खुटगांव से  असरिता भगत पति रामदेव भगत, दुलमनी भगत पति परमानन्द भगत, आशा मिंज पति मनोज तिर्की तथा राधा चौहान पति तेजू प्रसाद शामिल हैं। इन परिवारों को सुशासन शिविर के माध्यम से 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित हुआ है। शासन की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि सुशासन शिविर वास्तव में जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। शासन की यह पहल न केवल सहायता प्रदान करती है, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने की नई आशा भी देती है।

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