Ro no D15139/23

छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आगाज गांधी स्टेडियम में सजेगा कुश्ती और मलखंभ का दांव-पेंच 28 से 31 मार्च तक अम्बिकापुर में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन

 

अम्बिकापुर 24 मार्च 2026/  छत्तीसगढ़ की धरा पर 25 मार्च से खेल और संस्कृति का अनूठा संगम होने जा रहा है। प्रदेश पहली बार देश के पहले ’खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ की मेजबानी कर रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आयोजित इस खेल महाकुंभ का एक महत्वपूर्ण पड़ाव सरगुजा का अम्बिकापुर होगा, जहाँ देश भर के जनजातीय खिलाड़ी अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

सरगुजा में कुश्ती और मलखंभ का रोमांच
सरगुजा संभाग के खेल प्रेमियों के लिए यह आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं है। स्थानीय गांधी स्टेडियम में तैयारियां की जा रही हैं। सरगुजा के हिस्से में दो प्रमुख आकर्षण आए हैं, जिससे कुश्ती (Wrestling): 28 से 31 मार्च तक पुरुष एवं महिला वर्ग के रोमांचक मुकाबले होंगे। साथ ही मलखंभ (Demo Sport): 31 मार्च से 1 अप्रैल तक पारंपरिक खेल मलखंभ का प्रदर्शन होगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

तैयारियों का जायजा और खिलाड़ियों का स्वागत
इस आयोजन के लिए अम्बिकापुर में खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और परिवहन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खेल मंत्री  अरूण साव के नेतृत्व में विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि बाहर से आने वाले लगभग 2500 खिलाड़ियों और अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की ’अतिथि देवो भव’ की परंपरा का अनुभव हो।

आयोजन की मुख्य विशेषताएं
भव्य शुभारंभः खेल महाकुंभ का औपचारिक आगाज़ 25 मार्च को राजधानी रायपुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में गरिमामय समारोह के साथ होगा। देशभर की भागीदारीः इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों से लगभग 2500 जनजातीय खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। तीन प्रमुख केंद्रः खिलाड़ियों की सुविधा और व्यापक प्रसार के लिए मुकाबलों का आयोजन प्रदेश के तीन प्रमुख शहरोंकृ रायपुर, जगदलपुर (बस्तर) और अम्बिकापुर (सरगुजा) में किया जाएगा। विविध खेल विधाएंः प्रतियोगिता के दौरान एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती जैसे 7 मुख्य खेलों में कड़े मुकाबले होंगे, जबकि कबड्डी और मलखंभ विशेष प्रदर्शन (डेमो गेम्स) के रूप में आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच
इस ऐतिहासिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य सरगुजा सहित प्रदेश के सुदूर वनांचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तराशना है। सरगुजा में होने वाले कुश्ती के मुकाबले स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के मानकों से परिचित कराएंगे, जिससे भविष्य में जनजातीय क्षेत्रों से अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता तैयार हो सकें।

  • Related Posts

    नेपाल बाढ़ आपदा से प्रभावितों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित

    धमतरी, 01 सितंबर 2026/ नेपाल बाढ़ आपदा प्रभावितों के लिए कलेक्टर के श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर कलेक्टोरेट में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में…

    Read more

    ‘रंग-तरंग’ में गूंजे छत्तीसगढ़ के लोकवाद्य, लोकधुनों से आधुनिक सुरों तक दिखा संस्कृति का रंग

    तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ, मुक्ताकाशी मंच पर लोकवाद्य, तबला, बांसुरी, पियानो और लोकगायन की मनमोहक प्रस्तुतियां*   रायपुर, 1 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंगीत परंपरा, पारंपरिक वाद्ययंत्रों…

    Read more

    NATIONAL

    केंद्र से 11000 करोड़ रुपये CM सम्राट ने मांगे, कोसी हाई डैम से कोसी-मेची लिंक तक कई प्रोजेक्ट्स होंगे पूरे

    केंद्र से 11000 करोड़ रुपये CM सम्राट ने मांगे, कोसी हाई डैम से कोसी-मेची लिंक तक कई प्रोजेक्ट्स होंगे पूरे

    7.8% GDP को PM मोदी ने बताया बड़ी उपलब्धि, कहा- ‘जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदे’

    7.8% GDP को PM मोदी ने बताया बड़ी उपलब्धि, कहा- ‘जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदे’

    सुरंग में जिंदगी की तलाश, 500 से ज्यादा मजदूर लापता, 275 भारतीयों का भी नहीं मिला सुराग

    सुरंग में जिंदगी की तलाश, 500 से ज्यादा मजदूर लापता, 275 भारतीयों का भी नहीं मिला सुराग

    नेपाल में दो जिलों को जोड़ने वाला पुल नदी की तेज धार में बहा, उफान पर त्रिशूली नदी

    नेपाल में दो जिलों को जोड़ने वाला पुल नदी की तेज धार में बहा, उफान पर त्रिशूली नदी

    Video news आरक्षण पर तेजसवी का एनडीए पर बड़ा हमला… गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज! : तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष बिहार

    Video news आरक्षण पर तेजसवी का एनडीए पर बड़ा हमला…  गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज! : तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष बिहार

    लद्दाख से थार तक चीन-पाक की खैर नहीं, इंडियन आर्मी को मिलने जा रहा है सटीक हथियार

    लद्दाख से थार तक चीन-पाक की खैर नहीं, इंडियन आर्मी को मिलने जा रहा है सटीक हथियार