Ro no D15139/23

पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने मयाली नेचर कैंप का किया निरीक्षण

पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने मयाली नेचर कैंप का किया निरीक्षण

पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और बेहतर प्रबंधन के दिए निर्देश, बोटिंग का भी लिया आनंद

प्रकृति और आध्यात्म का अद्भुत संगम बना जशपुर, सघन वन और जलाशय के बीच बसा मयाली, पर्यटन का उभरता आकर्षण

रायपुर, 9 अप्रैल 2026/ जशपुर जिले के सुरम्य प्राकृतिक परिवेश में स्थित मयाली नेचर कैंप इन दिनों पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। नील गगन की छाया, अरुणिम प्रभात की शीतल मंद बयार और सघन वनों के बीच बसी मयाली की धरा प्रकृति के अनुपम संगीत से गुंजायमान है। यहां एक ओर विस्तृत जलाशय दर्पण की तरह चमकता है, तो दूसरी ओर विराट प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में सुशोभित मधेश्वर पर्वत आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है।

इसी मनोहारी स्थल का निरीक्षण करने आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल पहुंचे। उन्होंने मयाली नेचर कैंप की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों को पर्यटकों की सुविधाओं, सुरक्षा और अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने कैंप में उपलब्ध आवासीय सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, भोजन प्रबंध और साहसिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मयाली जैसे प्राकृतिक स्थलों को राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि देश-विदेश के पर्यटक यहां आकर छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकें।

मंत्री श्री अग्रवाल ने जलाशय में बोटिंग का आनंद भी लिया और इस दौरान प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां की शांति, हरियाली और स्वच्छ वातावरण पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है, जो उन्हें प्रकृति के और करीब ले जाता है।

मयाली नेचर कैंप में पर्यटकों के लिए टेंट हाउस, कुटीर, बोटिंग, ट्रेकिंग और स्थानीय व्यंजनों की सुविधा उपलब्ध है। यहां आने वाले पर्यटक मधेश्वर पर्वत के दर्शन के साथ-साथ आसपास के घने जंगलों और जैव विविधता का भी आनंद ले सकते हैं। यह स्थान न केवल पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वालों के लिए भी एक आदर्श स्थल है।

पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मयाली नेचर कैंप में मूलभूत सुविधाओं का और विस्तार किया जाए, स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए तथा इस स्थल का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हों।

मयाली की यह पावन और प्राकृतिक धरा हर उस व्यक्ति को आमंत्रित करती है, जो शांति, सौंदर्य और आध्यात्मिक ऊर्जा की तलाश में है। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से यह स्थल आने वाले समय में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होता नजर आ रहा है।

  • Related Posts

    आर्थिक चुनौतियों के बीच शिक्षा के सपनों को मिला संबल डीएमएफटी ‘स्वामी विवेकानंद जिला खनिज न्यास शिक्षा प्रोत्साहन योजना’ से उच्च शिक्षा की राह हुई आसान

    कोरबा 31 अगस्त 2026/शिक्षा वह शक्ति है, जो किसी विद्यार्थी के वर्तमान को संवारकर उसके भविष्य को नई दिशा देती है। हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपने सपनों को पूरा करने की…

    Read more

    समय पर खुले स्वास्थ्य केंद्र और चिकित्सक सहित स्टाफ की हो उपस्थिति सुनिश्चित:कलेक्टर

       हमर स्वस्थ छत्तीसगढ़ योजना के तहत सितंबर तक शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश टीकाकरण में प्रगति लाने और स्वास्थ्य केंद्रों को समय पर खोलने के दिए निर्देश…

    Read more

    NATIONAL

    सुरंग में जिंदगी की तलाश, 500 से ज्यादा मजदूर लापता, 275 भारतीयों का भी नहीं मिला सुराग

    सुरंग में जिंदगी की तलाश, 500 से ज्यादा मजदूर लापता, 275 भारतीयों का भी नहीं मिला सुराग

    नेपाल में दो जिलों को जोड़ने वाला पुल नदी की तेज धार में बहा, उफान पर त्रिशूली नदी

    नेपाल में दो जिलों को जोड़ने वाला पुल नदी की तेज धार में बहा, उफान पर त्रिशूली नदी

    Video news आरक्षण पर तेजसवी का एनडीए पर बड़ा हमला… गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज! : तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष बिहार

    Video news आरक्षण पर तेजसवी का एनडीए पर बड़ा हमला…  गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज! : तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष बिहार

    लद्दाख से थार तक चीन-पाक की खैर नहीं, इंडियन आर्मी को मिलने जा रहा है सटीक हथियार

    लद्दाख से थार तक चीन-पाक की खैर नहीं, इंडियन आर्मी को मिलने जा रहा है सटीक हथियार

    तिब्बत में ग्लेशियर झील फटी, उत्तर बिहार कैसे हो सकता है तबाह? समझिए 30 लाख क्यूसेक पानी से गंडक-कोसी तक का पूरा कनेक्शन

    तिब्बत में ग्लेशियर झील फटी, उत्तर बिहार कैसे हो सकता है तबाह? समझिए 30 लाख क्यूसेक पानी से गंडक-कोसी तक का पूरा कनेक्शन

    PM Kisan 24th Installment : 24वीं किस्त कहीं अटक न जाए, जानें पीएम किसान से जुड़ी ये खास बात

    PM Kisan 24th Installment : 24वीं किस्त कहीं अटक न जाए, जानें पीएम किसान से जुड़ी ये खास बात