Ro no D15139/23

सपना देखना और उसे लक्ष्य में बदलकर निरंतर प्रयास करना ही सफलता की कुंजी – मुख्यमंत्री श्री साय

 

*बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान*

रायपुर 4 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हौसला बुलंद रखना सबसे आवश्यक है।

बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। अधिकांश विद्यार्थियों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की, वहीं कुछ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और न्यायिक सेवा में जाने का संकल्प व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के सपनों की सराहना करते हुए कहा कि सपना देखना और उसे लक्ष्य में बदलकर निरंतर प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शन, सहयोग और त्याग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

*उत्कृष्ट विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से मिलने का मिला अवसर*

इस अवसर पर जिले के कक्षा 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों में वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करमडीहा की कुमारी प्रतिभा गुप्ता, रामचंद्रपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर की कुमारी स्नेहा कुशवाहा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सनवाल के सोनू, वाड्रफनगर के श्री कृष्णा, आदर्श हायर सेकंडरी विद्यालय बलंगी की कुमारी प्रिया लता कश्यप तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बर्तीकला के अजय गुप्ता, कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर के आर्यन गुप्ता, नेशनल पब्लिक इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल रजखेता की कुमारी आराधना पटेल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुनाथनगर की कुमारी रोशनी कांशी, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेमरा कुसमी की आलिया परवीन तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज की आरजू परवीन को मुख्यमंत्री से मिलने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।

  • Related Posts

    बिहान से बदली राह 35 महिला किसानों ने 600 क्विंटल सब्जी उगाकर लिखी सफलता की नई कहानी

      उजाला उत्पादक समूह की दीदियों ने सामूहिक खेती से हासिल की नई पहचान, सीधे थोक बिक्री से 6 लाख रूपए की आय रायपुर, 07 सितम्बर/ पारंपरिक खेती से हटकर…

    Read more

    आत्मनिर्भरता की नई मिसाल- खेतों से मशरूम उत्पादन तक मिथिला दीदी ने लिखी सफलता की नई कहानी

      स्व-सहायता समूह के सहयोग से 1.5 लाख की पूंजी से शुरू किया काम, अब हर महीने कमा रही हैं 50 हजार रुपये रायपुर, 07 सितम्बर 2026/ पारंपरिक कृषि पर…

    Read more

    NATIONAL

    नेटिजन बनने से पहले सिटिजन बनें युवा : प्रो. संजय द्विवेदी

    नेटिजन बनने से पहले सिटिजन बनें युवा : प्रो. संजय द्विवेदी

    समग्र यूरोप को मिला अनूठा आध्यात्मिक उपहार ● फ्रांस में हुआ देश के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न

    समग्र यूरोप को मिला अनूठा आध्यात्मिक उपहार ● फ्रांस में हुआ देश के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न

    बिहार और केन्द्र सरकार ने बिहार के हितों की बलि चढ़़ा दी : जदयु

    बिहार और केन्द्र सरकार ने बिहार के हितों की बलि चढ़़ा दी : जदयु

    Video news मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कटाव का निरीक्षण करने पहुंचे नवगछिया, कहां जल्द ही होगा स्थाई समाधान…

    Video news मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कटाव का निरीक्षण करने पहुंचे नवगछिया, कहां जल्द ही होगा स्थाई समाधान…

    फ्लाइट के पायलट को नौकरी से निकाला गया, हवा में 300 फीट गिरा था विमान

    फ्लाइट के पायलट को नौकरी से निकाला गया, हवा में 300 फीट गिरा था विमान

    मोदी के लिए आया था चॉकलेट का ‘इंडिया गेट’, रास्ते में टूट गया… लेकिन इसके पीछे छिपी है 9,000 भारतीय सैनिकों की कहानी

    मोदी के लिए आया था चॉकलेट का ‘इंडिया गेट’, रास्ते में टूट गया… लेकिन इसके पीछे छिपी है 9,000 भारतीय सैनिकों की कहानी