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अभिषेक बनर्जी के ‘महल’ पर शुभेंदु अधिकारी की नजर, अवैध संपत्ति जब्त कर भूमिहीनों को देगी बंगाल सरकार

Suvendu Adhikari: विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए बड़ा और राजनीतिक रूप से विस्फोटक बयान दिया. उन्होंने संकेत दिया कि भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपित नेताओं की संपत्तियां न केवल जब्त की जायेंगी, बल्कि उन्हें नीलाम भी किया जा सकता है. मुख्यमंत्री के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी की संपत्तियां भी सरकारी कार्रवाई के दायरे में आ सकती हैं.

गुंडाराज कीमत पर बर्दाश्त नहीं

विधानसभा में अपने जवाबी भाषण के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में गुंडाराज, माफियातंत्र और वसूलीबाजों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने बताया कि इस सत्र के दौरान एक नया विधेयक लाया जा रहा है, जिसके जरिए भ्रष्टाचार और अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने तथा उनकी नीलामी का कानूनी रास्ता तैयार किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा, जो लोग यह सोच रहे हैं कि कुछ महीने जेल में रहकर या कानूनी लड़ाई लड़कर आसानी से बच निकलेंगे, उन्हें गलतफहमी है. सरकार उनकी संपत्तियां भी जब्त करेगी और जरूरत पड़ने पर नीलाम भी करेगी.

अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना

सदन में अपने जवाबी भाषण के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने हरीश मुखर्जी रोड और हरीश चटर्जी रोड के आलीशान इमारतों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी ‘प्रसादनुमा’ संपत्तियों में भविष्य में उन लोगों को बसाया जा सकता है, जो आज कोलकाता की सड़कों, फुटपाथों और फ्लाईओवरों के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं. मुख्यमंत्री के इस बयान पर सत्ता पक्ष के विधायकों और मंत्रियों ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया. मुख्यमंत्री का यह बयान अभिषेक बनर्जी की ओर इशारा माना जा रहा है, क्योंकि हरीश मुखर्जी और हरीश चटर्जी रोड इलाके में उनकी चर्चित दो इमारतें हैं. हाल के महीनों में इन संपत्तियों को लेकर निर्माण संबंधी अनियमितताओं और विभिन्न विवादों की भी चर्चा रही है.

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