
Calcutta High Court Verdict: कलकत्ता हाईकोर्ट ने जनगणना (Census) कार्य में शिक्षकों की तैनाती को लेकर दायर याचिकाओं पर बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनगणना कार्य के लिए प्रतिनियुक्त (Deputed) शिक्षक ‘स्कूल ड्यूटी’ पर ही माने जायेंगे. साथ ही यह भी कहा कि सक्षम अधिकारियों द्वारा दी गयी इस जिम्मेदारी से शिक्षक इनकार नहीं कर सकते. जस्टिस कृष्ण राव की एकल पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए जनगणना अधिकारियों और स्कूल प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये.
शिक्षकों की नौकरी, पदोन्नति या करियर पर नहीं पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव
ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम की धारा 15A (Census Act Section 15A) के तहत गणना कार्य में लगे शिक्षकों को स्कूल ड्यूटी पर माना जायेगा. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस कार्य से शिक्षक की नौकरी, पदोन्नति (Promotion) या करियर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े. यदि जनगणना अभियान के निदेशक या प्रभारी अधिकारी शिक्षकों की सेवाएं लेना चाहते हैं, तो उन्हें कार्य की तारीख, समय और स्थान की लिखित जानकारी सीधे संबंधित स्कूल के प्रधान (Head of Institution) को देनी होगी.
पढ़ाई प्रभावित न होने देने की लगायी शर्त
कोर्ट ने कहा कि के स्कूलों के प्रधान को अधिकारियों का अनुरोध मिलने पर शिक्षकों को जाने की अनुमति देनी होगी. हालांकि, स्कूल प्रशासन को उपलब्ध अन्य शिक्षकों के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी, ताकि छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो.
विवादित अधिसूचना सरकार ले चुकी है वापस
पश्चिम बंगाल सरकार ने अदालत को सूचित किया कि शिक्षकों से स्कूल के समय के बाद (After School Hours) और सप्ताहांत (Weekends) में जनगणना कार्य कराने से संबंधित विवादित अधिसूचना को पहले ही वापस ले लिया गया है.








