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सार्वजनिक वितरण प्रणाली सितंबर व अक्टूबर माह के खाद्यान्न भंडारण व पारदर्शी वितरण हेतु कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

 
अंत्योदय, प्राथमिकता व दिव्यांग हितग्राहियों को मिलेगा 2 माह का एकमुश्त चावल
सामान्य कार्डधारकों को पूर्ववत मासिक आबंटन अनुसार होगा खाद्यान्न वितरण
7 सितंबर को  चावल उत्सव का होगा आयोजन

कोरबा 03 सितंबर 2026/सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम तथा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत जिले के पात्र हितग्राहियों को माह सितंबर एवं अक्टूबर 2026 के आबंटित खाद्यान्न का सुचारू भंडारण और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत  द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार जिले के अंत्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को पात्रता अनुसार दोनों माह (सितंबर व अक्टूबर 2026) के चावल का एकमुश्त वितरण माह सितंबर 2026 में ही किया जाएगा। साथ ही  सामान्य राशनकार्डधारियों के खाद्यान्न सामग्रियों  का भंडारण एवं वितरण नियमित मासिक आबंटन (सितम्बर 2026) के आधार पर होगा।
हितग्राहियों तक समयबद्ध राशन आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नागरिक आपूर्ति निगम, द्वार प्रदाय योजना के अधिकृत परिवहनकर्ताओं एवं हमाली ठेकेदारों को पर्याप्त वाहनों व श्रमिकों की व्यवस्था कर उचित मूल्य दुकानों में तत्काल शत-प्रतिशत भंडारण पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी 7 सितंबर से जिले की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में ‘चावल उत्सव’ का आयोजन कर दुकान स्तरीय निगरानी समितियों की उपस्थिति में खाद्यान्न का वितरण प्रारंभ किया जाएगा। इस संबंध में सभी राशन दुकानों में सूचना पटल पर अनिवार्य प्रदर्शन के साथ-साथ स्थानीय मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं जिससे कोई भी पात्र हितग्राही जानकारी के अभाव में वंचित न रहे।
वितरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-पॉस मशीन के एईपीडीएस सॉफ्टवेयर में प्रत्येक माह की राशन सामग्री के उठाव हेतु हितग्राहियों का पृथक-पृथक बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है तथा वितरण के उपरांत ई-पॉस मशीन से जनरेट रसीद हितग्राही को अनिवार्य रूप से प्रदान की जाएगी।  साथ ही खाद्य विभाग, राजस्व विभाग एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त अमले द्वारा वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जाएगी ताकि केवल वास्तविक एवं लक्षित हितग्राहियों को ही लाभ मिले। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि भंडारित खाद्यान्न में किसी भी प्रकार के व्यावर्तन (कालाबाजारी/हेरफेर) की पुष्टि होने पर संबंधितों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के कड़े प्रावधानों के तहत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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