
चाय की चुस्की और दीदियों का हौसला: केरलापाल में खुला उम्मीदों का ‘पंचायत कैफे’*
*प्रोटोकॉल छोड़ दीदियों के बीच बैठे मंत्री: हाथों का बना नाश्ता चखा, चाय की चुस्की के साथ बढ़ाया हौसला*
रायपुर 03 सितम्बर 2026/ सुकमा जिले के वनांचल में बदलाव की एक संवेदनशील और उम्मीद भरी तस्वीर सामने आई है, जहाँ चूल्हे-चौके तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाओं के हाथ अब स्वावलंबन और उद्यम की नई इबारत लिख रहे हैं। छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने ग्राम पंचायत केरलापाल में जिला पंचायत द्वारा निर्मित ‘पंचायत कैफे’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अमित कुमार, जिला सीईओ भी उपस्थित थे। बिहान योजना से जुड़ी स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा संचालित यह कैफे न केवल ग्रामीणों और राहगीरों को स्वच्छ खान-पान की सुविधा देगा, बल्कि महिलाओं के स्वाभिमान और आर्थिक स्वतंत्रता का मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा। परिसर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत आधुनिक शौचालय की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।
*स्व-सहायता समूह की दीदियों के हाथों से बना पारंपरिक नाश्ता का स्वाद लिया*
पंचायत कैफे’ का विधिवत शुभारंभ के दौरान माहौल उस वक्त बेहद आत्मीय और भावुक हो गया जब मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने प्रोटोकॉल से परे हटकर दीदियों के बीच बैठकर उनसे सीधे संवाद किया। उन्होंने स्व-सहायता समूह की दीदियों के हाथों से बना पारंपरिक नाश्ता और गरमा-गरम चाय का स्वाद लिया और उनके हुनर की मुक्तकंठ से सराहना की। दीदियों के चेहरे पर उस वक्त गर्व की मुस्कान खिल उठी, जब मंत्री ने उनके इस हौसले और उद्यमशीलता को सराहते हुए प्रोत्साहन स्वरूप अपनी ओर से नकद राशि भेंट कर उनका मान बढ़ाया।
*ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस’ भरेंगी रफ्तार*
कार्यक्रम में उस समय एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ा जब शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत 1.14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 8 फोर्स ट्रैक्स ‘तूफान’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कभी अंदरूनी और दुर्गम माने जाने वाले नियद नेला नार क्षेत्र में अब ये ‘ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस’ रफ्तार भरेंगी। कृतिका (चिंतलनार), विद्या (दुब्बाटोटा) और खुशी महिला संकुल संगठन को दो-दो, जबकि उदय (एर्राबोर) और प्रतिज्ञा संकुल संगठन को एक-एक वाहन की चाबी सौंपी गई है।
*बस्तर की महिलाओं के जीवन में गतिशीलता और सम्मान का संचार है*
यह पहल केवल एक वाहन वितरण नहीं, बल्कि सुदूर बस्तर की महिलाओं के जीवन में गतिशीलता और सम्मान का संचार है। इन वाहनों की कमान और संचालन से जहाँ एक ओर अंदरूनी गांवों में रोजमर्रा के आवागमन और परिवहन की बरसों पुरानी समस्या हल होगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उपज को हाट-बाजारों तक समय पर पहुंचाकर दीदियाँ सीधे तौर पर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगी। पहियों पर दौड़ती यह व्यवस्था पूरे इलाके की आर्थिकी को एक मजबूत संबल देगी।
*महिलाओं की मेहनत और जज्बा आज पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन चुकी है*
शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और जज्बा आज पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन चुका है। ‘पंचायत कैफे’ का आत्मीय स्वाद और ‘आजीविका एक्सप्रेस’ की यह तेज रफ्तार मिलकर बस्तर के वनांचल को मुख्यधारा से जोड़ रही हैं। जब सुदूर अंचल की दीदियों के हाथों में उद्यम की बागडोर आती है, तो सिर्फ एक परिवार नहीं बल्कि पूरा समाज आत्मनिर्भरता के नए दौर में प्रवेश करता है।
इस अवसर पर महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, श्री अरूण सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य श्री हुंगाराम मरकाम, जनपद सदस्य श्री भीमा मड़कम सहित अन्य जनप्रतिनिधि और महिलाएं उपस्थित थे।









