
आई.आई.टी, एन.आई.टी, आई.आई.आई.टी. और सीजी काॅस्ट भी होंगे आयोजन में सहयोगी
छत्तीसगढ़ के एक हजार युवा कान्क्लेव में शामिल होंगे
रायपुर 05 सितम्बर, 2026/ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 29 एवं 30 सितंबर 2026 को “छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन कृषक सभागार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में किया जाएगा। राज्य में उद्यमिता एवं स्टार्ट अप्स को बढ़ावा देने वाले इस यूथ कॉन्क्लेव में प्रदेश भर से लगभग एक हजार नवोन्मेषी युवा उद्यमियों के शामिल होने की उम्मीद है.
यह कॉन्क्लेव राज्य में नवाचार अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय पहल के रूप में प्रस्तावित है। कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, इनक्यूबेटर्स, शिक्षाविदों तथा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इस मंच के माध्यम से नवीन विचारों, अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचारों को व्यावसायिक अवसरों एवं सफल उद्यमों में परिवर्तित करने के साथ-साथ राज्य में एक सुदृढ एवं आत्मनिर्भर स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में सहायता प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के प्रथम एवं एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित श्सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटरश् के उद्घाटन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। यह केंद्र प्रदेश में बायोटेक्नोलॉजी आधारित अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप विकास एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत आधार के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से शोधार्थियों एवं नवाचारकर्ताओं को प्रोटोटाइप विकास, तकनीकी मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन, मेटरशिप तथा उद्योग एवं निवेशकों से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में लागू नवाचार एवं स्टार्टअप सवर्धन नीति 2025-30 के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करना इस कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से युवाओं में नवाचार एवं उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने, स्थानीय आवश्यकताओं एवं समस्याओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक समाधान विकसित करने तथा राज्य के स्टार्टअप्स एवं नवाचारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए आवश्यक मंच एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष रूप से कृषि एवं एग्री टेक. खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण एवं जलवायु स्मार्ट तकनीक, फिनटेक तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में कुल चार तकनीकी सत्रो का आयोजन प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्र, विशेषज्ञों का व्याख्यान, स्टार्टअप प्रदर्शनी, स्टार्टअप पिचिंग, निवेशकध्स्टार्टअप संवाद, नीति संवाद, मेंटरशिप एवं इनक्यूबेशन सत्र तथा उत्कृष्ट नवाचारों एवं स्टार्टअप्स को सम्मान प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।
इस कॉन्क्लेव में लगभग 1000 प्रतिभागियों की सहभागिता अपेक्षित है, जिनमें युवा, उच्च शिक्षा के विद्यार्थी, शोधार्थी, स्टार्टअप संस्थापक, नवाचारकर्ता, उद्यमी, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि, इनक्यूबेटर, मेंटर, शिक्षाविद् तथा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी सम्मिलित होंगे। इस आयोजन से प्रदेश के युवाओं को अपने नवीन विचारों एवं तकनीकी समाधानों को विशेषज्ञों, उद्योगों एवं संभावित निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर एवं लाभ प्राप्त होगा।









