
प्रकृति, जैव विविधता, जल-संरचना, आस्था और साहसिक पर्यटन के विविध रंगों से रूबरू हुए क्रिएटर्स
धमतरी, 6 सितंबर 2026। धमतरी जिले की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, लोक-संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित ‘मॉनसून क्रिएटर मीट-अप 2026’ के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने जिले के प्रकृति और पर्यटन स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, फोटोग्राफर्स, वीडियोग्राफर्स और डिजिटल स्टोरीटेलर्स ने धमतरी की विविधतापूर्ण पर्यटन पहचान को करीब से जाना और अपने कैमरों में इसके मनोहारी दृश्यों को संजोया।
दूसरे दिन की शुरुआत जबर्रा ईको-टूरिज्म विलेज के भ्रमण से हुई। घने वनों, हरियाली और समृद्ध जैव विविधता से परिपूर्ण जबर्रा में प्रतिभागियों ने स्थानीय स्तर पर पाए जाने वाले औषधीय पौधों तथा उनसे जुड़े पारंपरिक ज्ञान की जानकारी ली। विशेष रूप से सर्पगंधा (Rauvolfia serpentina) सहित विभिन्न औषधीय वनस्पतियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर उन्होंने महसूस किया कि वन क्षेत्र केवल प्राकृतिक सौंदर्य के केंद्र ही नहीं, बल्कि सदियों से संरक्षित स्थानीय ज्ञान और वन संस्कृति के जीवंत भंडार भी हैं।
जबर्रा का अनुभव क्रिएटर्स के लिए प्रकृति आधारित पर्यटन की उस अवधारणा को समझने का अवसर रहा, जिसमें स्थानीय समुदाय, जैव विविधता और पर्यटन एक-दूसरे के पूरक बनते हैं। प्रतिभागियों ने यहां के प्राकृतिक परिवेश, वनस्पतियों और ग्रामीण जीवन से जुड़े अनुभवों को अपने डिजिटल कंटेंट के लिए रिकॉर्ड किया।
इसके बाद क्रिएटर्स ने मुरुमसिल्ली जलाशय का भ्रमण किया। शांत जलराशि, चारों ओर फैली हरियाली और प्राकृतिक परिवेश ने प्रतिभागियों को खासा आकर्षित किया। यहां उन्होंने मुरुमसिल्ली बांध की ऐतिहासिक एवं तकनीकी विशेषताओं के साथ जल प्रबंधन की अनूठी व्यवस्था सायफन को भी करीब से देखा। जलाशय से जुड़ी यह विशिष्ट संरचना अपने आप में आकर्षण का केंद्र है और धमतरी की समृद्ध जल-संरचना एवं इंजीनियरिंग विरासत को दर्शाती है।
क्रिएटर्स ने मुरुमसिल्ली के प्राकृतिक सौंदर्य और सायफन की विशिष्टता को अपने कैमरों में कैद किया। उन्होंने महसूस किया कि धमतरी में पर्यटन केवल प्राकृतिक दृश्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां प्रकृति, जल संसाधन, तकनीकी विरासत और स्थानीय इतिहास का भी अनूठा संगम देखने को मिलता है। मुरुमसिल्ली जलाशय का यह अनुभव उनके लिए मॉनसून क्रिएटर मीट-अप की विशेष स्मृतियों में शामिल रहा।
इसके बाद क्रिएटर्स ने रुद्री में कयाकिंग का रोमांचक अनुभव लिया। जलाशय की लहरों के बीच कयाकिंग ने उन्हें धमतरी में विकसित हो रही जल एवं साहसिक पर्यटन की संभावनाओं से परिचित कराया। प्राकृतिक सौंदर्य के साथ रोमांच और मनोरंजन का यह संगम प्रतिभागियों के लिए विशेष आकर्षण रहा। उन्होंने रुद्री क्षेत्र के मनोरम जल-दृश्यों को कैमरे में कैद किया और यहां उपलब्ध साहसिक पर्यटन गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव लिया।
मॉनसून क्रिएटर मीट-अप में पर्यटन के विभिन्न आयामों को एक साथ प्रस्तुत करने की दृष्टि से प्रकृति, रोमांच और आध्यात्मिकता को भी जोड़ा गया। प्रतिभागियों ने रुद्रेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना एवं दर्शन किए। इसके बाद बिलाई माता मंदिर में दर्शन कर जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित हुए। इस दौरान उन्होंने धमतरी की धार्मिक आस्था, स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को भी अपने कंटेंट में स्थान दिया।
दिन के अंतिम चरण में गंगरेल/रुद्री क्षेत्र में कैंपिंग और नाइट साइक्लिंग का आयोजन किया गया। इससे प्रतिभागियों को धमतरी के प्राकृतिक परिवेश को दिन के उजाले के साथ-साथ रात्रि के अलग और रोमांचक स्वरूप में अनुभव करने का अवसर मिला। जलाशय, जंगल, हरियाली और रात की शांत प्राकृतिक पृष्ठभूमि ने इस अनुभव को और खास बनाया।
आयोजन के दौरान द फीडबैक सेशन के साथ फोटोग्राफी, डिजिटल तकनीक और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार से जुड़े विषयों पर भी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। Nikon Photography, WhatsApp एवं Cyber Security से संबंधित सत्रों ने क्रिएटर्स को डिजिटल कंटेंट निर्माण के साथ तकनीकी दक्षता और साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से भी परिचित कराया।
मॉनसून क्रिएटर मीट-अप का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि धमतरी की पर्यटन पहचान को डिजिटल कहानी के रूप में देश-दुनिया तक पहुंचाना है। क्रिएटर्स द्वारा तैयार किए जाने वाले फोटो, वीडियो, रील्स, ब्लॉग और अन्य डिजिटल कंटेंट के माध्यम से जिले के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन स्थलों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
इस आयोजन से धमतरी में प्रकृति आधारित, समुदाय आधारित और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय पर्यटन स्थलों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई पहचान मिलने से भविष्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
इस प्रकार ‘मॉनसून क्रिएटर मीट-अप 2026’ धमतरी की प्राकृतिक संपदा, लोक-संस्कृति, आध्यात्मिक आस्था और साहसिक गतिविधियों को एक साझा मंच पर लाकर ‘देखो, अनुभव करो और दुनिया तक पहुंचाओ’ की अवधारणा को साकार कर रहा है।









