
– सिलाई और ब्यूटी पार्लर के कार्य से आत्मनिर्भर बनी हेमकुमारी
राजनांदगांव 18 सितम्बर 2026। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढऩे का अवसर प्रदान कर रही है। योजना से मिलने वाली राशि का सदुपयोग कर महिलाएं अपने हुनर को रोजगार से जोड़ रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी राजनांदगांव शहर के नया ढाबा वार्ड क्रमांक 4 निवासी 32 वर्षीय श्रीमती हेमकुमारी लहरे की है। श्रीमती हेमकुमारी बताती हैं कि पिछले कई वर्षों से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके लिए आर्थिक सहारा बनी। हेमकुमारी ने इस राशि को खर्च करने के बजाय नियमित रूप से बचत करने का निर्णय लिया और इसी बचत से सिलाई मशीन खरीदी। सिलाई का काम शुरू करने के बाद हेमकुमारी को घर से ही आय का साधन मिल गया। इसके साथ ही उन्होंने पहले से सीखे हुए पार्लर के काम को भी रोजगार से जोडऩे का निर्णय लिया। उन्होंने महतारी वंदन योजना से मिली राशि की बचत से पार्लर का आवश्यक सामान खरीदा और अपना पार्लर शुरू किया। आज वह सिलाई और पार्लर दोनों कार्यों के माध्यम से आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अपना योगदान दे रही हैं।
श्रीमती हेमकुमारी कहती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि अपने हुनर को रोजगार में बदलने का अवसर भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला मिला है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया। महतारी वंदन योजना से मिले आर्थिक संबल को अपनी मेहनत और हुनर से जोड़कर श्रीमती हेमकुमारी आज आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं।









