
बरसात में टपकती छत और तंग जगह की चिंता हुई दूर, पक्के घर में रामेश्वर के परिवार को मिला सुकून
*प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से साकार हुआ वर्षों पुराना सपना, मिट्टी के दो कमरों के घर से निकला परिवार अब सुरक्षित छत के नीचे*
*पक्का घर मिला तो बदली जिंदगी की तस्वीर, रामेश्वर ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार*
रायपुर, 20 सितम्बर 2026/ कभी बरसात के बादलों को देखकर रामेश्वर सिंह के परिवार की चिंता बढ़ जाती थी। सरगुजा जिले के ग्राम गोरता निवासी रामेश्वर का परिवार मिट्टी के बने छोटे से मकान में रहता था। घर में दो कमरे थे—एक में घरेलू सामान रखा जाता था और दूसरे में परिवार के सदस्यों के लिए जगह थी। बारिश में छत से पानी टपकता तो परिवार के सामने सामान बचाने और रात गुजारने की चिंता खड़ी हो जाती थी। जगह इतनी कम थी कि रामेश्वर को कई बार बरामदे में सोकर रात बितानी पड़ती थी।
आर्थिक परिस्थितियां ऐसी थीं कि परिवार अपने दम पर पक्का मकान नहीं बना सकता था। पक्के घर का सपना था, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण यह सपना वर्षों तक अधूरा रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास का लाभ मिला तो परिवार की जिंदगी में बदलाव की शुरुआत हुई। आज रामेश्वर का पक्का मकान तैयार है और परिवार सुरक्षित छत के नीचे सुकून से रह रहा है।
*बारिश का मौसम अब चिंता नहीं, सुकून लेकर आता है*
रामेश्वर बताते हैं कि मिट्टी के घर में बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। छत से पानी टपकता था और घर की सीमित जगह के कारण परिवार के सदस्यों को काफी असुविधा होती थी। मौसम खराब होते ही घर की चिंता सताने लगती थी।
अब पक्का घर बनने के बाद परिस्थितियां बदल गई हैं। मजबूत छत और पर्याप्त जगह ने परिवार को वह सुरक्षा दी है जिसकी उसे लंबे समय से जरूरत थी। रामेश्वर कहते हैं कि अब बारिश होती है तो पहले जैसी चिंता नहीं होती। परिवार के सभी सदस्य नए घर में सुरक्षित और खुश हैं।
*ईंट-सीमेंट का घर नहीं, वर्षों के इंतजार का जवाब है यह आशियाना*
रामेश्वर के लिए नया घर सिर्फ एक मकान नहीं है। यह वर्षों तक देखे गए उस सपने का पूरा होना है, जिसे आर्थिक मजबूरियों ने लंबे समय तक रोक रखा था। पक्की छत ने परिवार को मौसम से सुरक्षा के साथ स्थायित्व और सम्मान का एहसास भी दिया है।
वे कहते हैं कि हर परिवार चाहता है कि उसके सिर पर अपना सुरक्षित और पक्का घर हो। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से उनका यह सपना पूरा हुआ है। अब परिवार को घर की मरम्मत और बारिश में छत टपकने जैसी पुरानी परेशानियों की चिंता नहीं है।
*‘अब अपने घर में परिवार के साथ सुकून है’*
अपनी खुशी साझा करते हुए रामेश्वर सिंह ने कहा कि पहले घर छोटा था और बरसात में बहुत परेशानी होती थी। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे खुद पक्का मकान बना सकें। योजना का लाभ मिलने के बाद उनका घर बनकर तैयार हुआ। उन्होंने पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही आवास निर्माण में सहयोग करने वाले स्थानीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया।
रामेश्वर के परिवार की कहानी बताती है कि किसी जरूरतमंद परिवार के लिए पक्का मकान केवल एक सरकारी योजना का लाभ नहीं, बल्कि सुरक्षित जीवन की नई शुरुआत होता है। मिट्टी की दीवारों और टपकती छत से पक्की छत तक का यह सफर परिवार के लिए सुविधा के साथ आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर आया है।
*सेवा संकल्प से घर-घर पहुंच रहा बदलाव*
सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव को सामने लाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर रामेश्वर सिंह जैसे परिवारों के जीवन में दिखाई दे रहा है। ग्राम गोरता का यह परिवार अब उस घर में रह रहा है, जिसका सपना उसने लंबे समय तक देखा था।









