
नोनी सशक्तिकरण योजना से दिव्या के सपनों को मिले नए पंख, शिक्षा के लिए मिली 20 हजार रुपये की सहायता*
*बेटी की पढ़ाई के लिए आर्थिक संबल मिलने से पिता सूरज कुमार के चेहरे पर आई मुस्कान, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार*
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/ बेटियों को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की नोनी सशक्तिकरण योजना श्रमिक परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों की बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम सेमरा निवासी श्री सूरज कुमार सारीवान की बेटी कुमारी दिव्या पुरी को श्रम विभाग की नोनी सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इस सहायता से दिव्या की पढ़ाई को संबल मिला है और परिवार को बेटी के बेहतर भविष्य की उम्मीदों को साकार करने में मदद मिल रही है।
हर माता-पिता की तरह श्री सूरज कुमार सारीवान का भी सपना है कि उनकी बेटी दिव्या अच्छी शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़े और अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बने। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ बेटी की शिक्षा के लिए खर्च जुटाना उनके लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन की नोनी सशक्तिकरण योजना के माध्यम से मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता परिवार के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
श्री सूरज कुमार सारीवान बताते हैं कि बेटी की शिक्षा उनके परिवार की प्राथमिकताओं में शामिल है। वे चाहते हैं कि दिव्या बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रखे और भविष्य में अपनी मेहनत एवं लगन से सफलता प्राप्त करे। शासन से प्राप्त सहायता राशि का उपयोग वे बेटी की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रहे हैं। इससे परिवार पर शिक्षा संबंधी खर्चों का बोझ कम हुआ है और दिव्या की आगे की पढ़ाई को लेकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
*बेटी की शिक्षा को मिला सहारा, परिवार की उम्मीदों को नई मजबूती*
नोनी सशक्तिकरण योजना के माध्यम से मिली सहायता ने दिव्या के परिवार को आर्थिक सहयोग देने के साथ ही बेटी को उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का हौसला भी दिया है। यह सहायता परिवार के लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि बेटी के उज्ज्वल भविष्य को लेकर संजोए गए सपनों को साकार करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है।
श्री सूरज कुमार सारीवान ने बेटी की पढ़ाई के लिए मिली सहायता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस जनहितकारी योजना से उनकी बेटी की शिक्षा में मदद मिल रही है। शासन का यह सहयोग उनके परिवार के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ है। इससे उन्हें बेटी की पढ़ाई जारी रखने और उसके बेहतर भविष्य के लिए प्रयास करने की नई प्रेरणा मिली है।
*श्रमिक परिवारों की बेटियों के सशक्तिकरण की सार्थक पहल*
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित नोनी सशक्तिकरण योजना का उद्देश्य पात्र पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता से श्रमिक परिवारों को बेटियों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिलता है और उनके बेहतर भविष्य की राह आसान होती है।
ग्राम सेमरा की दिव्या पुरी की कहानी इस बात का उदाहरण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि परिवारों की उम्मीदों, आकांक्षाओं और सपनों को भी नई दिशा देती हैं। नोनी सशक्तिकरण योजना से मिली सहायता दिव्या की शिक्षा को आगे बढ़ाने में मददगार बन रही है और उसके परिवार को आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बेटियों के सशक्तिकरण और श्रमिक परिवारों के कल्याण के लिए संचालित योजनाएं समाज के जरूरतमंद वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। दिव्या जैसी बेटियों के लिए यह सहयोग शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।









