Ro no D15139/23

सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर शासन गंभीर

 

शिकायतों को बिना सारगर्भित टीप के बंद किए जाने पर पीडब्लूडी के 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

विभाग ने 15 दिनों में मांगा जवाब

रायपुर. 17 अक्टूबर 2026. नागरिकों द्वारा सीएम हेल्पलाइन-1076 पर दर्ज कराई गई शिकायतों के समाधान को लेकर राज्य शासन बेहद गंभीर है। पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का संबंधित विभागों द्वारा सक्रियता और गंभीरता से निराकरण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के असंतोषप्रद समाधान और लापरवाही पर 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें तीन अधीक्षण अभियंता, पांच कार्यपालन अभियंता और पांच अनुविभागीय अधिकारी शामिल हैं।

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को बिना सारगर्भित टीप के बंद किए जाने के कारण लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिकारियों के विरुद्ध ये कार्रवाई की गई है। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर विगत दो महीनों अगस्त और सितम्बर माह में लोक निर्माण विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा में पाया गया कि एल-1, एल-2 और एल-3 स्तर पर शिकायतों को ऐसी टीप के साथ बंद किया गया है, जो शिकायत का समाधान नहीं दर्शाती है।

विभाग ने एल-1 स्तर पर शिकायतों के असंतोषप्रद समाधान पर राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बिलासपुर के अनुविभागीय अधिकारी श्री अतुल राज पेगवार, बेमेतरा उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्री राजेश कुमार बाजपेयी, पेंड्रा उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्री जगदीश प्रसाद, सेतु उप संभाग दुर्ग के अनुविभागीय अधिकारी श्री अशोक कुमार हरियाले और पाटन उप संभाग की अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती सोनल ढालेन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

एल-2 स्तर पर शिकायतों के उचित निराकरण नहीं होने पर विभाग द्वारा बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री केशव प्रसाद लहरे, कोरबा संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री घासीराम जांगड़े, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग बिलासपुर के कार्यपालन अभियंता श्री रोशन कुमार साहू, सारंगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्यारे लाल पैकरा और कांकेर संभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्रज्ञा नंद को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इसी प्रकार से सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को एल-3 स्तर पर बिना सारगर्भित टीप के बंद किए जाने पर मंडल क्रमांक-2, रायपुर के अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. नेताम, दुर्ग मंडल की अधीक्षण अभियंता श्रीमती अर्पणा चौरपगार तथा राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल बिलासपुर के अधीक्षण अभियंता श्री महादेव लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

राज्य शासन ने इन अधिकारियों को जारी कारण बताओ नोटिस में कहा है कि शिकायत बंद करते समय यह अपेक्षित है कि टीप में स्थल निरीक्षण के निष्कर्ष, की गई या प्रस्तावित कार्यवाही, उसकी तिथि या समय-सीमा एवं शिकायतकर्ता को दी गई सूचना का स्पष्ट उल्लेख हो। यदि शिकायत अन्य विभाग से संबंधित हो तो उसका कारण सहित उल्लेख हो। ऐसा नहीं पाए जाने पर टीप से नागरिकों की समस्या का निराकरण नहीं हुआ तथा पोर्टल पर निराकरण के आँकड़े भ्रामक हुए।

लोक निर्माण विभाग ने इसे कर्त्तव्य पालन में लापरवाही और पदीय कर्त्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया जाना मानते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों को अपना लिखित प्रतिवाद नोटिस मिलने के 15 दिनों की समयावधि में लोक निर्माण विभाग के सचिव को प्रस्तुत करने कहा गया है। लिखित प्रतिवाद निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होने पर अधिकारियों के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

  • Related Posts

    मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से माताओं को मिल रहा आर्थिक संबल, बच्चों की पढ़ाई के सपनों को मिल रही नई उड़ान

      योजना की 32वीं किस्त मिलने से मानकुंवर के चेहरे पर आई खुशी, बच्चों के लिए खरीद रही हैं कॉपी-पेन और जरूरी शैक्षणिक सामग्री बच्चों की शिक्षा और परिवार की…

    Read more

    दो दशक के संघर्ष के बाद खिरमनी को मिला पक्का आशियाना, प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ सपना

        बेटी के पालन-पोषण के लिए मजदूरी करने वाली खिरमनी ने खुद की मेहनत से बनाया अपना घर 1.20 लाख रुपए की सहायता और मनरेगा की मजदूरी से बना…

    Read more

    NATIONAL

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम