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राशन की चिंता हुई दूर, उज्ज्वला की लौ से निर्मला बाई के जीवन में आया सुखद बदलाव

*सेवा की कहानी*

 

*- मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना से मिल रही खाद्यान्न की सुविधा और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से धुएं भरे चूल्हे से मिली मुक्ति*

 

*- शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से परिवार को मिली राहत, जीवन हुआ आसान*

 

राजनांदगांव 17 अक्टूबर 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। छुरिया विकासखंड के ग्राम मेटेपार निवासी श्रीमती निर्मला बाई श्रीवास के जीवन में भी मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना खुशियों की सौगात लेकर आई हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जहां परिवार को खाद्यान्न की सुविधा मिल रही है, वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से रसोई धुएं से मुक्त हो गई है। इन दोनों योजनाओं ने उनके परिवार की रोजमर्रा की चिंताओं को कम कर जीवन को आसान बनाया है।

श्रीमती निर्मला बाई श्रीवास ने बताया कि उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रतिमाह 42 किलोग्राम चावल प्राप्त होता है। इसके साथ ही निर्धारित दर से शक्कर और नि:शुल्क नमक भी मिल रहा है। इससे परिवार की खाद्यान्न संबंधी जरूरतें पूरी हो रही हैं और घरेलू खर्च में भी राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत उन्हें रसोई गैस कनेक्शन भी मिला है। पहले उन्हें लकड़ी जलाकर चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ता था। चूल्हे से निकलने वाले धुएं के बीच खाना बनाना काफी तकलीफदेह होता था। अब गैस चूल्हा मिलने से धुएं से मुक्ति मिली है और भोजन बनाना भी सुविधाजनक हो गया है। श्रीमती निर्मला बाई ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना मजबूरी थी, लेकिन अब गैस चूल्हे पर बिना धुएं के आसानी से खाना बना रही हैं। राशन कार्ड से परिवार के लिए चावल, शक्कर और नमक की सुविधा मिलने से भी बड़ी राहत मिली है। शासन की इन योजनाओं ने उनके जीवन में सुकून और खुशियां बढ़ाई हैं।

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