हिंदी पत्रकारिता के 200 साल(30 मई हिंदी पत्रकारिता दिवस) पर विशेष… मूल्यबोध और राष्ट्रहित बने मीडिया का आधार -प्रो. संजय द्विवेदी
हिंदी पत्रकारिता दिवस हम 30 मई को मनाते हैं। इसी दिन 1826 को कोलकाता से पं.युगुल किशोर शुक्ल ने हिंदी भाषा के पहले पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ की शुरुआत की…
Read moreएक मौत के बदले एमएमआई को ‘एक पान न खाने’ का जुर्माना, 85 फीसदी डाॅक्टर नरपिशाच, जल्लाद वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…..
दस साल पहले एक समारोह में बोलते हुए बिहार के आरजेडी नेता सांसद पप्पू यादव ने कहा था कि 85 प्रतिशत डाॅक्टर नरपिशाच हैं। उन्होंने सरकारी डाॅक्टर्स की प्राईवेट प्रैक्टिस…
Read moreबहुत कुछ है, जिस की पर्दादारी है!
आलेख : राजेंद्र शर्मा ऑपरेशन सिंदूर के बाद, राजस्थान में बीकानेर की अपनी सभा में प्रधानमंत्री मोदी, डॉयलागबाजी के अपने शीर्ष पर थे। यहां श्रोताओं की जोरदार तालियों के बीच…
Read moreपाक पंखा होता तो,महामूर्ख,पड़ोसी से बिगाड़ा,लो बता दिया मोदी को,तुमने उंगली की-हम डण्डा करेंगे वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
‘द वेडनेसडे’ यही नाम था उस फिल्म का जिसमें फिल्म के हीरो ने कुछ स्थानों पर बम रख दिये थे और कुछ आतंकियों को छोड़ने की मांग करने लगा। जब…
Read moreनशे के अपराध का अंधेरा,बर्बाद होती नई नस्ल, लेख संजीव ठाकुर
देश में लगातार हो रही ड्रग्स की सप्लाई ने देशभर में अपराधों का इजाफा कर दिया है| नशीले पदार्थ अपराधिक गतिविधियों के लिए शासन, प्रशासन तथा पुलिस के लिए एक…
Read moreभारत में कृषि संकट और खेत मज़दूरों की बदलती प्रकृति
आलेख : विक्रम सिंह महाराष्ट्र के नांदेड जिले की मुखेड तालुका के अंबुलगा गाँव के खेत मज़दूर माणिक घोंसटेवाड को साल के कुछ महीनों में ही खेतों में काम मिलता…
Read moreसमाजवादी हैं भारत में इसराइल के सबसे अच्छे मित्र और पैरोकार
(आलेख : क़ुरबान अली) देश में आजकल कुछ ‘समाजवादी’ इसराइल-फ़िलिस्तीन-अरब संघर्ष को लेकर काफ़ी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं और इसराइल द्वारा किये जा रहे अरबों के नरसंहार की निंदा…
Read moreभारतीय राष्ट्रवाद को नई आँखों से देखिए! राजा सिर्फ राज्य बनाते हैं,ऋषियों के सांस्कृतिक अवदान से बनता है राष्ट्र -प्रो. संजय द्विवेदी
–प्रो. संजय द्विवेदी देश में इन दिनों राष्ट्रवाद चर्चा और बहस के केंद्र में है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम भारतीय राष्ट्रवाद पर एक नई दृष्टि से सोचें…
Read moreभारतीय राष्ट्रवाद को नई आँखों से देखिए! राजा सिर्फ राज्य बनाते हैं,ऋषियों के सांस्कृतिक अवदान से बनता है राष्ट्र -प्रो. संजय द्विवेदी
–प्रो. संजय द्विवेदी देश में इन दिनों राष्ट्रवाद चर्चा और बहस के केंद्र में है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम भारतीय राष्ट्रवाद पर एक नई दृष्टि से…
Read moreरायपुर में शेड गिरा, पुरंदर मिश्रा, मीनल चौबे को बेईमानी की आशंका, शशि थरूर किसकी तरफ-कांग्रेस की या मोदी की, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी…. खरी….
पण्डित बण्डू और मियां झण्डू फिर एक बार हवा खाने निकले। घूमते-घूमते दोनांे चर्चा में मशगूल हो गये। विषय था इस बार पूरे प्रदेश में रूक-रूक कर आंधी और पानी…
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