
पण्डित बण्डू और मियां झण्डू फिर एक बार हवा खाने निकले।
घूमते-घूमते दोनांे चर्चा में मशगूल हो गये। विषय था इस बार पूरे प्रदेश में रूक-रूक कर आंधी और पानी आना, जो अभी तीन-चार दिन से फिर जारी है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महीने भर पहले चली आंधी की चर्चा भी चल पड़ी। आंधी क्या थी एक टेªेन थी धूल-धक्कड़ की।
74 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चल रही इस धूल की गाड़ी ने बहुत सारे शेड उखाड़ दिये। सबसे भयावह घटना देवेन्द्र नगर, स्टेशन रोड के चैराहे पर हुई।
कई कारों के उपर शेड गिर गया। गनीमत है कि बाईक वाले बाल-बाल बच गये, कारों के अंदर बैठे लोग भी सुरक्षित रहे मगर कारें डैमेज हो गयीं।
गायब होता दिख रहा है
कांग्रेस का खुद का शेड
शेड गिरने की घटना पर झण्डू ने कहा ‘उत्तर के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने बयान दिया है कि ‘ये भ्रष्टाचार का शेड है जिसे कांग्रेस कार्यकाल में लगाया गया है’।
‘हां भाई’ बण्डू बोले ‘कांग्रेस ने शेड लगाया जो गिर गया।
शेड तो गिरना ही था।
यहां तो कांग्रेस का अपना शेड उखड़ रहा है।
कांग्रेस के अपने उपर का शेड जो पिलर थामे हुए थे वे सारे पिलर कांग्रेस को थामने से इन्कार कर चुके हैं। कुछ मजबूत खम्भे कांग्रेस की छत से निकलकर भाजपा की छत को मजबूत करने मे लग गये हैं।
कुछ ईधर-उधर तांकझांक करते फिर रहे हैं, कब दरक जाएं पता नहीं’।
कांग्रेस तो खुद ही छत विहीन होती दिख रही है जाने कब धाराशायी हो
‘आपका इशारा कांग्रेस के मजबूत खम्भे शशि थरूर की तरफ लगता है…… !
‘बिल्कुल सही समझा यार।
एक तो वैसे ही राहुल गांधी परेशान हैं, एक के बाद एक हार का मुख देखना और एक के बाद एक मोदी की सफलता के झण्डे गड़ना राहुल को निराशा के गर्त में ढकेल रहा है।
राहुल समझ नहीं पा रहे
थरूर को अपना समझें या पराया
उपर से भारत सरकार पाकिस्तान की ‘और थुक्का फजीहत’ के लिये सात डेलीगेशन अलग-अलग देशों में भेज रही है।
डेलीगेशन से तो कांग्रेस को तकलीफ है ही, क्योंकि डेलीगेशन का हर सदस्य वहां अपनी सेना के शौर्य की गाथा गाएगा नाम सेना के शौर्य का होगा और नंबर मोदीजी के बढ़ेंगे।
पता है एक डेलीगेशन का प्रमुख नेता कौन है। डेलीगेशन के नेता हंै कांग्रेसी सांसद शशि थरूर।
डेलीगेशन में सारे मजबूत विपक्षी नेताओं को शामिल किया गया है। यहां तक कि इसमें अकबरूद्दीन ओवेसी भी शामिल है।
ये नेता…… साफ कहा जाए तो ये मोदी विरोधी नेता विश्व में भारत का पक्ष रखेंगे और भारत विजय का परचम लहराएंगे।
क्योंकि चाहकर भी सेना की बुराई कर नहीं सकते, सेना की कार्यवाही के विरोध में बोल नहीं सकते, क्यांेकि जनता थू-थू करेगी और सेना की कार्यवाही के समर्थन का मतलब मोदी जी की वाहवाही….. ।
वाह क्या तीर चलाया है मोदीजी ने। एक तीर से दो शिकार….
सारा विपक्ष सम्मान पाकर भी धाराशायी हो गया।
झण्डू ने पूछा ‘तो इसका मतलब पुरंदर मिश्राजी का बयान सही है, शेड में भ्रष्टाचार हुआ है’।
‘बिल्कुल’। बण्डू ने कहा ‘विधायकजी का बयान भी सही है और महापौर मीनल चैबे का बयान भी सही है उन्होंने तो शहर के दस चैराहों पर लगे इन शेड्स की उपयोगिता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। ये कब, क्यों और कैसे लगाए गये, इसकी गहन जांच की बात कर रही हैं।
अरे भाई पूर्व महापौर अपने चाहने वालों को इतना लाभ भी नहीं पहुंचाना चाहेंगे क्या, कि कुछ शेड लगाने का ठेका दिला दें।
दोनांे दोस्त ठठाकर हंस पड़े। और झण्डू-बण्डू वार्ता…. आलाप समाप्त हुआ।

जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700
‘बिना छेड़छाड़ के लेख का प्रकाशन किया जा सकता है’









