Ro no D15139/23

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 123वीं कड़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों ने बढ़ाया उत्साह, छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव की अपील: मुख्यमंत्री साय

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना और इसे प्रेरणादायी बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जन-भागीदारी और सकारात्मक प्रयासों की चर्चा करते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित लोगों को पहचान और सम्मान मिलता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी के साथ स्वास्थ्य और प्रकृति की रक्षा के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उपयोगी जानकारियां साझा की। प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रहे नवाचारों के बारे में बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवन में छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह दृष्टिकोण हम सभी को प्रेरित करता है और यदि हम नियमित रूप से छोटे लेकिन सार्थक कदम उठाएं, तो समाज और देश में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री देश की छोटी-छोटी से लेकर बड़ी उपलब्धियों पर भी अपनी बात साझा करते हैं और उसकी सराहना करते हैं। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग दिवस की भव्यता, पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि, 1975 के आपातकाल और भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वियतनाम यात्रा और भारत के ट्रेकोमा मुक्त होने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत हम सभी का संकल्प है और राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए छत्तीसगढ़ हर मोर्चे पर दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा है।

इस अवसर पर निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज, केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर, कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री प्रबोध मिंज, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैंकरा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • Related Posts

    (अम्बिकापुर समाचार) ’’किसानों की आय बढ़ाने कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को मिलेगा बढ़ावा’’ ’’संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा की’’

      अम्बिकापुर 15 अक्टूबर 2026/    संभागायुक्त श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा ने खरीफ 2026 तथा रबी 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि…

    Read more

    सेवा की कहानी: डेयरी व्यवसाय से संध्या बनीं आत्मनिर्भर, दूध की बिक्री से हर महीने हो रही 15 हजार रुपये की बचत

    राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना से मिला आर्थिक सहयोग, प्रतिदिन 30 लीटर दूध उत्पादन से मजबूत हुई आजीविका*   *दूध की बिक्री से प्रतिमाह लगभग 30 हजार रुपये की आमदनी,…

    Read more

    NATIONAL

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम