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“जल जीवन मिशन” की पुनरीक्षित योजनाओं में 2,813 करोड़ रूपये वृद्धि का अनुमोदन

उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग के लिए 2,935 करोड़ 15 लाख स्वीकृत

नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के लिए 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृत

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन” अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं में प्रस्तावित लागत में वृद्धि राशि 2,813 करोड़ 21 लाख रूपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुमोदन किया, जो लगभग 13.55 प्रतिशत है।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रूपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं और 60 हजार 786 करोड़ रूपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत 27 हजार 990 योजनाओं में से 15 हजार 947 ग्रामों की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 12 हजार 43 योजनाओं के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं। अभी तक कुल 8 हजार 358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। पुनरीक्षण कार्यवाही के अंतर्गत 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समस्त परिक्षेत्र के जिलों की प्रस्तुत 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के विस्तृत परीक्षण के उपरान्त कुल पुनरीक्षित लागत 9026 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति दिये जाने की अनुशंसा की गई। इन योजनाओं की मूल स्वीकृत लागत 6,213 करोड़ 76 लाख रूपये है।

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग निर्माण की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग, लंबाई 48.10 कि.मी. का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर एवं दोनों ओर दो लेन सर्विस रोड सहित, हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) योजनांतर्गत निर्माण कार्य के लिए भू-अर्जन सहित कुल राशि 2935.15 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। पूर्व में जारी लोक निर्माण विभाग को प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति को निरस्त करते हुए परियोजना को “हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल” पर किए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गयी परियोजना के अंतर्गत 34 अंडर पास, 02 फ्लाई ओवर, 01 आर.ओ.बी., 07 मध्यम पुल एवं 02 वृहद जंक्शन का निर्माण सहित सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग आदि कार्य किये जायेंगे। मार्ग के निर्माण एवं संधारण के लिए कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।

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