
साल 1998 में भारत के अंदर कार खरीदने का मतलब ज्यादातर लोगों के लिए Maruti था. तभी एक दक्षिण कोरियाई कंपनी ने छोटी-सी कार के साथ भारतीय बाजार में दस्तक दी. नाम था- Hyundai Santro.
शुरुआत में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह कंपनी आने वाले वर्षों में भारत की सबसे बड़ी कार कंपनियों में शामिल हो जाएगी. लेकिन Hyundai ने सिर्फ कारें नहीं बेचीं, उसने भारतीय ग्राहक की बदलती पसंद को पढ़ा और उसी के हिसाब से खुद को बदलती चली गई.
आज, भारत में 30 साल पूरे करने के बाद, Hyundai की कहानी Santro से निकलकर Creta Electric और EV तक पहुंच चुकी है.
कहानी भारत से नहीं, दक्षिण कोरिया से शुरू हुई थी
Hyundai Motor Company की स्थापना 29 दिसंबर 1967 को दक्षिण कोरिया में हुई. शुरुआत में कंपनी खुद की कार नहीं बनाती थी. पहले विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर कारें बनाईं. फिर 1970 के दशक में Hyundai ने अपनी कार बनाने का फैसला किया. नतीजा था Hyundai Pony. 1975 में इसका उत्पादन शुरू हुआ और 1976 में बिक्री व एक्सपोर्ट. यहीं Hyundai ने समझ लिया था कि दुनिया की बड़ी कंपनियों से मुकाबला करना है तो अपनी तकनीक और इंजीनियरिंग विकसित करनी होगी. 1991 में कंपनी ने अपना पहला स्वतंत्र इंजन Alpha पेश किया.
फिर Hyundai ने चुना भारत
भारत में Hyundai Motor India की स्थापना 6 मई 1996 को हुई. चेन्नई के पास प्लांट तैयार हुआ और फिर आया वह दिन जिसने भारतीय ऑटो बाजार में Hyundai की पहचान बना दी.
23 सितंबर 1998
Hyundai Santro भारत में लॉन्च हुई. यह छोटी कार थी, लेकिन Hyundai ने इसमें उस दौर के हिसाब से आधुनिक डिजाइन और फीचर्स दिए. Santro ने Hyundai को घर-घर पहुंचा दिया. सिर्फ दो साल के भीतर कंपनी के चेन्नई प्लांट से 1.5 लाखवीं कार निकल चुकी थी. और सबसे खास बात-Hyundai भारत में कार बेचने के साथ-साथ यहां से दूसरे देशों को कारें भेजने की तैयारी भी कर रही थी.
Santro के बाद i10 और i20 ने बदली Hyundai की पहचान
Hyundai ने जल्द समझ लिया कि सिर्फ छोटी कारों के सहारे आगे नहीं बढ़ा जा सकता. 2007 में i10 आई और 2008 में i20. इन दोनों कारों ने Hyundai को सिर्फ “छोटी कार बनाने वाली कंपनी” की छवि से बाहर निकाला. 2026 तक भारत में i20 की कुल बिक्री 15 लाख यूनिट पार कर चुकी है. लेकिन Hyundai की सबसे बड़ी बाजी अभी बाकी थी.
2015 में Creta आई और खेल बदल गया
भारतीय ग्राहक अब hatchback से SUV की तरफ बढ़ रहा था. Hyundai ने यह बदलाव समय रहते पकड़ लिया. 2015 में Creta लॉन्च हुई. इसके बाद Venue, Alcazar, Tucson और Exter जैसे मॉडल आए. नतीजा देखिए-FY2024-25 में Hyundai की घरेलू बिक्री में 68.5% हिस्सा SUV का था. FY2023-24 में यह आंकड़ा 63.2% था. यानी जिस कंपनी की पहचान कभी Santro और i10 जैसी छोटी कारों से थी, आज उसकी बिक्री का सबसे बड़ा हिस्सा SUV से आता है.
Hyundai के लिए भारत सिर्फ बाजार नहीं, एक्सपोर्ट हब भी है
FY2025-26 में Hyundai Motor India ने कुल 7,75,031 वाहन बेचे. इनमें: 5,84,906 घरेलू बिक्री और 1,90,125 एक्सपोर्ट थे. यानी करीब हर चार में से एक Hyundai भारत से बाहर भेजी गई. यही वजह है कि Hyundai भारत में अपनी manufacturing capacity लगातार बढ़ा रही है. चेन्नई और पुणे की संयुक्त क्षमता करीब 9.94 लाख वाहन सालाना है, जिसे 2028 तक 10.74 लाख करने की योजना है.
कारोबार कितना बड़ा हो चुका है?
FY2025-26 में Hyundai Motor India का: Revenue from Operations – ₹70,763 करोड़ PAT – ₹5,432 करोड़ रहा. दिलचस्प बात यह है कि FY25 के मुकाबले revenue बढ़ा, लेकिन मुनाफा घटा. यानी अब Hyundai के सामने सिर्फ ज्यादा कार बेचने की चुनौती नहीं है, बल्कि profitability बनाए रखने की भी चुनौती है.
2024 में Hyundai ने शेयर बाजार में भी एंट्री की
22 अक्टूबर 2024 को Hyundai Motor India के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट हुए. IPO का आकार करीब ₹27,856 करोड़ था. यह पूरा IPO OFS था, यानी Hyundai Motor India ने नए शेयर जारी करके पैसा नहीं जुटाया था. इसकी पैरेंट कंपनी Hyundai Motor Company ने अपने शेयर बेचे थे. इश्यू प्राइस था ₹1,960. NSE पर शेयर करीब ₹1,934 पर लिस्ट हुआ.
अब Hyundai के सामने EV की सबसे बड़ी चुनौती
भारतीय ऑटो बाजार का अगला बड़ा बदलाव EV है. Hyundai भी इस दौड़ में उतर चुकी है. Creta Electric कंपनी के भारत में EV विस्तार का बड़ा हिस्सा है. 2026 में Hyundai ने Creta Electric के लिए Battery-as-a-Service यानी BaaS मॉडल भी पेश किया. इसकी शुरुआती कीमत ₹10.99 लाख रखी गई और कंपनी के मुताबिक बैटरी की लागत ₹3.9 प्रति किलोमीटर से शुरू होती है. लेकिन Hyundai सिर्फ EV पर निर्भर नहीं है. FY2024-25 में उसके घरेलू fuel mix में 68% Petrol, 18% Diesel, 13% CNG और 0.7% EV था. यानी कंपनी अभी पेट्रोल, डीजल, CNG और EV-चारों रास्तों पर साथ चल रही है.
अब असली सवाल: आगे Hyundai की राह कैसी होगी?
30 साल पहले Hyundai को भारत में जगह बनानी थी. Santro ने वह जगह बनाई. फिर i10 और i20 ने ब्रांड को मजबूत किया. Creta ने SUV युग में Hyundai को आगे बढ़ाया. और अब Creta Electric के जरिए कंपनी EV दौर में प्रवेश कर रही है. लेकिन मुकाबला पहले से ज्यादा कठिन है. SUV बाजार में Mahindra, Tata Motors और Maruti Suzuki जैसी कंपनियां मजबूत हैं.
EV में कीमत, रेंज और charging infrastructure बड़ी चुनौती हैं. फिर भी Hyundai के पास एक चीज है, जो उसकी पूरी कहानी में बार-बार दिखाई देती है- बदलते ग्राहक के साथ खुद को बदलने की क्षमता. Santro से Creta और अब Creta Electric तक Hyundai की कहानी असल में कारों की कहानी नहीं है. यह भारतीय ग्राहक की बदलती पसंद की कहानी है. और अब अगला अध्याय तय करेगा कि EV के दौर में Hyundai अपनी वही जगह बनाए रख पाती है या नहीं, जो उसने 1998 में Santro के साथ बनाई थी.






